UPSC के 100 वर्ष पूरे होने पर 1 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में शताब्दी समारोह आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्मारक सिक्का, डाक टिकट और विशेष पुस्तक जारी की।
UPSC 100 Years Foundation Day: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 1 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में शताब्दी समारोह आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया और UPSC की शताब्दी के अवसर पर स्मारक सिक्का, डाक टिकट और विशेष पुस्तक जारी की।
1926 में हुई थी UPSC की स्थापना
UPSC ने 1926 में देश के पहले Public Service Commission के रूप में अपनी यात्रा शुरू की थी। 1 अक्टूबर 2026 को आयोग के 100 वर्ष पूरे हुए। शताब्दी समारोह वर्षभर चले कार्यक्रमों के समापन के तौर पर आयोजित किया गया।

UPSC की स्थापना के शुरुआती दौर में इसे Public Service Commission के नाम से जाना जाता था। बाद में यह Union Public Service Commission यानी संघ लोक सेवा आयोग के रूप में जाना गया।
PM मोदी ने जारी किया स्मारक सिक्का और डाक टिकट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने UPSC के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर UPSC Centenary Commemorative Coin और Commemorative Stamp जारी किया। इसके साथ ही उन्होंने ‘100 Landmark Judgements- Shaping the Policies of UPSC and Public Service Commissions in India’ नामक पुस्तक का भी विमोचन किया।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित भी किया। यह कार्यक्रम 1 अक्टूबर को सुबह 11 बजे भारत मंडपम में आयोजित किया गया था।
दो दिवसीय कार्यक्रम में शामिल हुए कई अधिकारी
UPSC का शताब्दी समारोह दो दिवसीय कार्यक्रम के तौर पर 30 सितंबर और 1 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया गया। पहले दिन भारत मंडपम में ‘शताब्दी समारोह- मंथन’ कार्यक्रम हुआ, जिसमें विशेषज्ञों के संबोधन और विभिन्न विषयों पर पैनल चर्चा आयोजित की गई।
कार्यक्रम में देशभर के राज्य लोक सेवा आयोगों के अध्यक्ष और सदस्य, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद, UPSC के अधिकारी और अन्य संबंधित पक्ष शामिल हुए।
UPSC की भूमिका क्या है?
UPSC संघ और केंद्र सरकार की विभिन्न सेवाओं में नियुक्ति के लिए परीक्षाओं का आयोजन करता है। संविधान के अनुच्छेद 320 के तहत संघ लोक सेवा आयोग को संघ की सेवाओं और पदों पर नियुक्तियों के लिए परीक्षाएं आयोजित करने का दायित्व दिया गया है। आयोग से भर्ती, नियुक्ति, पदोन्नति, स्थानांतरण और अनुशासनात्मक मामलों से संबंधित विषयों पर भी परामर्श लिया जाता है।
UPSC का शताब्दी समारोह आयोग की 1926 में स्थापना से लेकर 2026 तक की 100 वर्ष की यात्रा को चिह्नित करता है। कार्यक्रम में आयोग और लोक सेवा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा भी की जा रही है।











