मानसून अब देश से विदाई की ओर बढ़ चुका है। मौसम विभाग के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पूरी दिल्ली से मानसून की वापसी हो गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों से भी मानसून लौट चुका है।
Weather Update: भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून का मौसम अब समाप्ति की ओर है। इस साल देश में मानसूनी बारिश सामान्य से काफी कम रही, लेकिन मौसम विभाग ने अक्टूबर से दिसंबर के बीच कुछ क्षेत्रों के लिए बेहतर बारिश का अनुमान जताया है। खासतौर पर उत्तर-पश्चिम भारत और दक्षिणी प्रायद्वीपीय हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना बताई गई है। इससे मानसून के दौरान कम बारिश से प्रभावित इलाकों को कुछ राहत मिल सकती है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी हो चुकी है। उत्तर प्रदेश और गुजरात के भी कुछ हिस्सों से मानसून लौट चुका है। इसके साथ ही देश में जून से सितंबर तक चलने वाला मुख्य बारिश का मौसम लगभग समाप्त हो गया है।
इस साल मानसून में 13 फीसदी बारिश की कमी
जून से सितंबर 2026 के दौरान भारत में दीर्घावधि औसत (LPA) की करीब 87.4 फीसदी बारिश दर्ज की गई। देश में इस अवधि के दौरान कुल 759.4 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य औसत 868.6 मिलीमीटर है। इस तरह मौसमी बारिश सामान्य से लगभग 13 फीसदी कम रही। इतनी बड़ी कमी का असर कई क्षेत्रों में देखने को मिला।
कुछ राज्यों और जिलों में बारिश की कमी के कारण सूखे जैसे हालात बने और कृषि गतिविधियों पर भी दबाव बढ़ा। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 2001 के बाद यह देश के सबसे कमजोर मानसून सीजन में से एक रहा है।
अल नीनो को माना गया बारिश में कमी का प्रमुख कारण

IMD के मुताबिक, इस साल मानसून के कमजोर रहने के पीछे उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में विकसित हुई अल नीनो स्थिति प्रमुख कारणों में शामिल रही। जून में उभरी यह स्थिति बाद के महीनों में मजबूत हुई। मौसम विभाग के आकलन के अनुसार, अल नीनो की स्थिति फिलहाल मजबूत बनी हुई है और इसके मार्च 2027 तक जारी रहने की संभावना है।
अल नीनो का प्रभाव वैश्विक मौसम प्रणाली पर पड़ सकता है और भारत में मानसूनी गतिविधियों को प्रभावित करने वाले कारकों में इसे महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि, किसी एक मौसम घटना से हर क्षेत्र में एक जैसा प्रभाव पड़ना जरूरी नहीं है।
अक्टूबर से दिसंबर के बीच बदल सकता है बारिश का पैटर्न
दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के बाद देश के कुछ हिस्सों में उत्तर-पूर्वी मानसून सक्रिय होगा। IMD के अनुसार, 15 से 21 अक्टूबर के बीच उत्तर-पूर्वी मानसून के दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में पहुंचने की संभावना है। अक्टूबर से दिसंबर के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में सामान्य बारिश का अनुमान है। इन क्षेत्रों के लिए मानसून के बाद का बारिश का मौसम महत्वपूर्ण होता है।
इसके विपरीत, देश के कई अन्य हिस्सों में इस अवधि के दौरान सामान्य से कम बारिश हो सकती है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ क्षेत्रों और प्रायद्वीपीय भारत के दक्षिणी हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है।
किन इलाकों को मिल सकती है राहत?
पंजाब और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में इस साल मानसून के दौरान बारिश की कमी रही। पंजाब, हरियाणा के कुछ हिस्से, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे क्षेत्रों में अक्टूबर-दिसंबर के दौरान सामान्य से अधिक बारिश की संभावना किसानों और जल संसाधनों के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है।
हालांकि, मौसम का क्षेत्रीय स्वरूप अलग-अलग हो सकता है और पूर्वानुमान समय के साथ बदल सकते हैं। इसलिए स्थानीय स्तर पर जारी होने वाले मौसम अलर्ट और IMD के अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा।











