तिरुवनंतपुरम में Youth Congress-SFI कार्यकर्ताओं में झड़प, पथराव और मशालें फेंकी गईं; पुलिस ने किया लाठीचार्ज

केरल: तिरुवनंतपुरम में Youth Congress और SFI कार्यकर्ताओं के बीच पथराव व मशालें फेंकने से हिंसा हुई। पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज कर भीड़ हटाई।

केरल के तिरुवनंतपुरम में Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर निकले Youth Congress मार्च के दौरान SFI कार्यकर्ताओं से झड़प हो गई। पथराव और जलती मशालें फेंकने के बाद पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज किया।

तिरुवनंतपुरम: केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में बुधवार, 30 सितंबर 2026 की रात Youth Congress और Students’ Federation of India (SFI) के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हो गई। विवाद केरल यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी मेन्स हॉस्टल और यूनिवर्सिटी कॉलेज के आसपास शुरू हुआ और कई घंटे तक तनाव बना रहा। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर पत्थर और अन्य वस्तुएं फेंकने के आरोप लगाए गए। स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया।

यह मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर निकाला गया था। Youth Congress का मार्च Accountant General के कार्यालय की ओर जा रहा था। यूनिवर्सिटी हॉस्टल के पास पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों और SFI कार्यकर्ताओं के बीच टकराव शुरू हो गया।

हॉस्टल के बाहर शुरू हुआ विवाद

रिपोर्टों के मुताबिक, Youth Congress कार्यकर्ता जब यूनिवर्सिटी मेन्स हॉस्टल के पास पहुंचे तो दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया। कुछ स्थानों पर जलती हुई मशालें भी फेंके जाने की बात सामने आई है।

India Today के अनुसार, झड़प करीब तीन घंटे तक चली। स्थिति बिगड़ने पर Youth Congress कार्यकर्ता हॉस्टल की ओर बढ़े, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच टकराव और बढ़ गया। हिंसा का असर आसपास के यूनिवर्सिटी कॉलेज परिसर और पलायम इलाके तक भी पहुंचा।

The South First की रिपोर्ट के अनुसार, Youth Congress की ओर से इस्तेमाल के लिए लाई गई एक जलती मशाल हॉस्टल परिसर में जा गिरी। रिपोर्ट में कहा गया कि यह एक खड़ी कार और पेड़ के पास गिरी, जिसके बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।

दोनों पक्षों ने लगाए अलग-अलग आरोप

झड़प के बाद Youth Congress और SFI ने एक-दूसरे पर हिंसा शुरू करने का आरोप लगाया।

SFI के प्रदेश सचिव पीएस संजीव ने आरोप लगाया कि Youth Congress कार्यकर्ताओं ने हॉस्टल की ओर डंडे, पत्थर और जलती मशालें फेंकीं। उन्होंने दावा किया कि इससे हॉस्टल के अंदर मौजूद छात्रों को खतरा पैदा हुआ।

दूसरी ओर, Youth Congress कार्यकर्ताओं का आरोप है कि हॉस्टल के अंदर मौजूद SFI सदस्यों ने मार्च में शामिल लोगों पर पत्थर और बोतलें फेंकीं। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जवाबी पथराव हुआ।

मामले में दोनों पक्षों के आरोप अलग-अलग हैं और शुरुआती रिपोर्टों में किसी एक पक्ष को हिंसा शुरू करने के लिए जिम्मेदार ठहराने वाला स्वतंत्र निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

पुलिस ने छोड़ी आंसू गैस, हॉस्टल में भी पहुंची

हालात बिगड़ने पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने के लिए कई बार आंसू गैस का इस्तेमाल किया और उन्हें इलाके से हटने की चेतावनी दी।

India Today के मुताबिक, पुलिस बाद में यूनिवर्सिटी मेन्स हॉस्टल परिसर में भी दाखिल हुई और वहां मौजूद छात्रों को हटाने के लिए लाठियों का इस्तेमाल किया। इसके बाद हॉस्टल के अंदर मौजूद छात्रों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया।

Onmanorama की रिपोर्ट में भी कहा गया कि पुलिस ने हॉस्टल परिसर में लाठीचार्ज किया और कुछ छात्रों को सिर में चोटें आने की जानकारी सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, झड़प में छात्रों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात भी सामने आई।

SFI ने पुलिस कार्रवाई पर जताई आपत्ति

SFI नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। SFI प्रदेश सचिव पीएस संजीव ने आरोप लगाया कि पुलिस ने हॉस्टल के भीतर छात्रों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया।

Onmanorama के मुताबिक, CPI(M) के जिला सचिव वी जॉय ने भी पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए छात्रों के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल उठाया। SFI ने पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को कक्षाओं के बहिष्कार का आह्वान किया।

The South First की रिपोर्ट के अनुसार, CPI के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम ने भी पुलिस कार्रवाई की आलोचना की और आरोप लगाया कि पुलिस ने हॉस्टल में जाकर छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग किया।

पिनराई विजयन मौके पर पहुंचे

घटना के बाद वरिष्ठ CPI(M) नेता और केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनराई विजयन भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने हॉस्टल में मौजूद छात्रों से मुलाकात की और घटना की जानकारी ली।

विजयन ने आरोप लगाया कि यह Youth Congress की ओर से किया गया हमला था और हॉस्टल के अंदर मौजूद छात्रों को निशाना बनाया गया। उन्होंने घायल छात्रों को इलाज के लिए ले जाने में कथित बाधा का भी मुद्दा उठाया।

हालांकि, Youth Congress की ओर से इन आरोपों पर तत्काल प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हुई है।

ADGP ने रात में ही कार्रवाई का दिया आश्वासन

कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे ADGP पी. विजयन भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ रात में ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को अलग रखने की कोशिश की गई। एंबुलेंस भी मौके पर पहुंचीं, जबकि इलाके में देर रात तक तनाव बना रहा।

CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर था मार्च

Youth Congress का प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। संगठन ने हाल के दिनों में मतदाता सूची से जुड़े विवादों को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किए हैं।

CEC ज्ञानेश कुमार पर विपक्षी दलों और कुछ संगठनों की ओर से मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज किया है और अपनी प्रक्रियाओं को कानून के अनुरूप बताया है।

इसी व्यापक विवाद के बीच Youth Congress ने तिरुवनंतपुरम में मार्च निकाला था। प्रदर्शन का उद्देश्य CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर दबाव बनाना था।

कई घंटे तक तनावपूर्ण रहा माहौल

तिरुवनंतपुरम में बुधवार रात हुई घटना के दौरान University College, University Men's Hostel और आसपास के इलाकों में कई घंटे तक तनाव बना रहा। The News Minute के अनुसार, हिंसक टकराव करीब तीन से चार घंटे तक चला और इसके बाद शहर के अन्य हिस्सों में भी राजनीतिक गतिविधियां और विरोध प्रदर्शन हुए।

घटना ने केरल में छात्र संगठनों और राजनीतिक युवा संगठनों के बीच लंबे समय से चले आ रहे टकराव को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, इस मामले में हिंसा की शुरुआत और अलग-अलग घटनाओं में किस पक्ष की क्या भूमिका रही, इसे लेकर दोनों संगठनों के दावे अलग हैं।

फिलहाल पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और ADGP पी. विजयन ने हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।

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