वाराणसी। आसमान में उड़ रहे विमान के भीतर अचानक पैदा हुए गंभीर संकट के दौरान अपनी सूझबूझ और साहस से यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ धाम में विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है। फ्लाईदुबई की उड़ान में हुए घटनाक्रम के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार के घायल होने के बाद उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना को लेकर काशी में श्रद्धालुओं और मंदिर प्रशासन की ओर से विशेष प्रार्थना की जा रही है। मंदिर प्रशासन के अनुसार गुरुवार शाम नमो घाट और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर घाट पर गंगा आरती के दौरान भी विशेष आयोजन होगा।
कैप्टन स्मित मच्छार ने 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान उस समय साहस का परिचय दिया, जब कॉकपिट में सह-पायलट के साथ गंभीर घटना हुई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार कैप्टन पर हमला किया गया और वह घायल हो गए, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हालात को संभालने की कोशिश जारी रखी। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर यात्रियों और चालक दल के अन्य सदस्यों को स्थिति से निपटने में मदद की। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। भारतीय दूतावास के अनुसार कैप्टन का तबुक के अस्पताल में उपचार चल रहा है और शुरुआती जानकारी में उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है।
इस घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हुई। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट की बहादुरी की सराहना की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिससे यात्रियों और चालक दल को हमलावर को काबू करने में मदद मिली और एक बड़ी विमान दुर्घटना टल गई।
कैप्टन स्मित मच्छार के स्वास्थ्य के लिए काशी विश्वनाथ धाम में आयोजित होने वाला विशेष अनुष्ठान इसी घटनाक्रम के बाद श्रद्धा और मंगलकामना के रूप में किया जा रहा है। मंदिर प्रशासन के अनुसार इस दौरान 21 शास्त्रियों द्वारा कुशा-जल से रुद्राभिषेक किया जाएगा। इसके साथ ही 11 शास्त्रियों द्वारा एक लाख महामृत्युंजय मंत्रों का जाप किया जाएगा। मंदिर प्रशासन ने इस आयोजन को मानवता और विश्व-बंधुत्व की भावना से जोड़ते हुए श्रद्धालुओं से इसमें शामिल होकर कैप्टन के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करने का अनुरोध किया है।
काशी विश्वनाथ धाम में होने वाला यह आयोजन इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि इसमें किसी एक व्यक्ति के स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना के साथ संकट के समय मानव जीवन की रक्षा करने वाले साहस और कर्तव्यनिष्ठा के प्रति सम्मान भी व्यक्त किया जा रहा है। विमान में मौजूद यात्रियों के लिए उस समय हालात बेहद गंभीर थे। ऐसे में कैप्टन मच्छार के घायल होने के बावजूद स्थिति को संभालने और मदद का रास्ता खोलने की भूमिका को लेकर उनकी सराहना की जा रही है। घटना की विस्तृत जांच संबंधित अधिकारियों की ओर से की जा रही है।
मंदिर प्रशासन की ओर से बताया गया कि गुरुवार शाम नमो घाट और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर घाट पर होने वाली गंगा आरती में भी विशेष आयोजन रखा गया है। गंगा आरती के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार के स्वास्थ्य के लिए मंगलकामना की जाएगी। काशी की धार्मिक परंपरा में रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र जाप को स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना से जुड़े धार्मिक अनुष्ठान के रूप में किया जाता है। इसी धार्मिक भावना के साथ यह आयोजन किया जा रहा है।
विशेष अनुष्ठान में श्रद्धालुओं की भागीदारी के लिए भी अपील की गई है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि कैप्टन मच्छार ने मानव जीवन की रक्षा के लिए जिस तरह संकट का सामना किया, उसके सम्मान में यह प्रार्थना आयोजित की जा रही है। आयोजन के माध्यम से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जाएगी और विमान में मौजूद यात्रियों तथा चालक दल की सुरक्षा के लिए भी कृतज्ञता व्यक्त की जाएगी।
उधर, कैप्टन स्मित मच्छार के पेशेवर अनुभव को लेकर सामने आई जानकारी के अनुसार वह बोइंग 737 विमान बेड़े के अनुभवी पायलट हैं। वह पहले स्पाइसजेट में काम कर चुके हैं और वर्ष 2022 में फ्लाईदुबई से जुड़े थे। रिपोर्टों में उनके पास हजारों घंटे का व्यावसायिक उड़ान अनुभव होने की जानकारी दी गई है।
घटना के दौरान विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। रिपोर्टों के अनुसार उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच गंभीर विवाद और हिंसक स्थिति पैदा हुई। कैप्टन स्मित मच्छार घायल हुए, लेकिन उन्होंने विमान पर नियंत्रण से जुड़ी स्थिति को संभालने और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में भूमिका निभाई। इसके बाद विमान में मौजूद यात्रियों और अन्य पायलटों की मदद से स्थिति पर काबू पाया गया और विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।
भारतीय अधिकारियों की ओर से भी कैप्टन के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है। आकाशवाणी की रिपोर्ट के मुताबिक रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास कैप्टन के स्वास्थ्य को लेकर सऊदी अधिकारियों के संपर्क में हैं और उनके परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए समन्वय कर रहे हैं। शुरुआती रिपोर्टों में उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
काशी विश्वनाथ धाम में होने वाले अनुष्ठान में रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र जाप के साथ गंगा आरती का आयोजन इस घटना को लेकर काशी की ओर से व्यक्त की जा रही संवेदना और शुभकामना का हिस्सा होगा। मंदिर प्रशासन ने इसे वसुधैव कुटुम्बकम् और विश्व-बंधुत्व की भावना से जोड़ते हुए बताया है कि मानवता की रक्षा के लिए संकट में खड़े होने वाले लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रार्थना की जा रही है।
कैप्टन स्मित मच्छार के स्वास्थ्य को लेकर फिलहाल उनके उपचार पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। वहीं, फ्लाईदुबई से जुड़ी इस घटना की जांच भी जारी है, ताकि विमान में हुई पूरी घटना के कारणों और परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। एयरलाइन ने भी जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों के साथ सहयोग की बात कही है।
काशी में आयोजित होने वाला विशेष अनुष्ठान इसी बीच कैप्टन के शीघ्र स्वस्थ होने की सामूहिक कामना का माध्यम बनेगा। नमो घाट और काशी विश्वनाथ मंदिर घाट पर होने वाली आरती में श्रद्धालु उनके स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करेंगे। एक ओर जहां कैप्टन का अस्पताल में उपचार चल रहा है, वहीं वाराणसी में उनके लिए होने वाला यह धार्मिक आयोजन उनके साहस और मानव जीवन की रक्षा के प्रयास के प्रति सम्मान व्यक्त करेगा।












