हिमाचल में विक्रमादित्य सिंह के विभागों का बंटा अतिरिक्त प्रभार अनिरुद्ध सिंह संभालेंगे PWD; राजेश धर्माणी को शहरी विकास

हिमाचल में विक्रमादित्य सिंह के विदेश दौरे के दौरान अनिरुद्ध सिंह PWD और राजेश धर्माणी शहरी विकास विभाग का अतिरिक्त काम संभालेंगे। व्यवस्था 28 सितंबर तक रहेगी।
हिमाचल में विक्रमादित्य सिंह के विभागों का बंटा अतिरिक्त प्रभार अनिरुद्ध सिंह संभालेंगे PWD; राजेश धर्माणी को शहरी विकास
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हिमाचल प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और शहरी विकास विभाग के कामकाज को लेकर अस्थायी व्यवस्था की है। लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह के विदेश दौरे पर जाने के बाद उनके दोनों विभागों का अतिरिक्त प्रभार दो अन्य मंत्रियों को सौंपा गया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह अब लोक निर्माण विभाग का काम देखेंगे, जबकि नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी को शहरी विकास विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। यह व्यवस्था विक्रमादित्य सिंह की वापसी तक प्रभावी रहेगी।

सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार विक्रमादित्य सिंह 20 सितंबर से 28 सितंबर 2026 तक राज्य से बाहर रहेंगे। उनके वापस लौटने तक दोनों विभागों के रोजमर्रा के प्रशासनिक और जरूरी कामकाज को प्रभावित होने से बचाने के लिए सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। यानी यह किसी स्थायी विभागीय फेरबदल की घोषणा नहीं है, बल्कि मंत्री की अनुपस्थिति के दौरान कामकाज चलाने के लिए अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।

विक्रमादित्य सिंह के पास लोक निर्माण विभाग के साथ शहरी विकास विभाग भी है। इन दोनों विभागों का राज्य के विकास कार्यों में महत्वपूर्ण स्थान है। लोक निर्माण विभाग के जिम्मे सड़कों, पुलों और कई सरकारी निर्माण परियोजनाओं से जुड़े काम आते हैं, जबकि शहरी विकास विभाग नगर निकायों और शहरों से संबंधित योजनाओं और विकास कार्यों को देखता है। ऐसे में मंत्री के विदेश दौरे के दौरान विभागीय कामकाज को लगातार जारी रखने के लिए अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था की गई है।

सरकार के आदेश के अनुसार ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह को लोक निर्माण विभाग का अतिरिक्त जिम्मा दिया गया है। वहीं नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी शहरी विकास विभाग का काम संभालेंगे। दोनों मंत्री विक्रमादित्य सिंह की अनुपस्थिति में अपने मूल विभागों के साथ इन अतिरिक्त जिम्मेदारियों को भी देखेंगे।

विक्रमादित्य सिंह 17 सितंबर से अधिकारियों के साथ ब्राजील दौरे पर हैं। रिपोर्ट के मुताबिक यह दौरा शहरी विकास विभाग से जुड़े आधिकारिक कार्यक्रमों के सिलसिले में है। उनके साथ कुछ अधिकारी और शिमला शहरी क्षेत्र के विधायक हरीश जनारथा के भी ब्राजील जाने की जानकारी सामने आई है। विदेश दौरे का उद्देश्य और कार्यक्रम विभागीय स्तर पर तय आधिकारिक गतिविधियों से संबंधित बताया गया है।

विक्रमादित्य सिंह की अनुपस्थिति में विभागों का काम रुकने न पाए, इसके लिए प्रशासनिक सचिवों को भी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका मतलब है कि विभागों में चल रही फाइलों, प्रशासनिक निर्णयों, निर्माण कार्यों और जरूरी सरकारी प्रक्रियाओं को अस्थायी रूप से अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे मंत्री देख सकेंगे। इससे उन मामलों में प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने की कोशिश की गई है जिनमें मंत्री स्तर की मंजूरी या निगरानी की जरूरत होती है।

लोक निर्माण विभाग का अतिरिक्त प्रभार अनिरुद्ध सिंह को दिया जाना खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि विभाग के सामने राज्य में सड़क और निर्माण से जुड़े कई नियमित काम होते हैं। पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल में सड़कें और पुल सरकारी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे का हिस्सा हैं। बारिश और भूस्खलन के मौसम में सड़कों की स्थिति, यातायात बहाली और निर्माण कार्यों की निगरानी जैसे मामले भी लगातार सामने आते रहते हैं। ऐसे में मंत्री की अनुपस्थिति के दौरान PWD का कामकाज संभालने के लिए अतिरिक्त जिम्मेदारी तय की गई है।

दूसरी तरफ शहरी विकास विभाग का अतिरिक्त प्रभार राजेश धर्माणी को दिया गया है। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग से जुड़े उनके मौजूदा दायित्व के साथ शहरी विकास विभाग की जिम्मेदारी जुड़ने से शहरों और नगर निकायों से संबंधित मामलों की निगरानी उनके स्तर पर होगी। रिपोर्टों के मुताबिक दोनों मंत्री विक्रमादित्य सिंह की वापसी तक अपने अतिरिक्त विभागों का काम देखते रहेंगे।

यह व्यवस्था ऐसे समय में हुई है जब हिमाचल सरकार में मंत्रियों के विभागों को लेकर चर्चाएं भी चल रही हैं। कुछ रिपोर्टों में मंत्रियों की ओर से अतिरिक्त पोर्टफोलियो की मांग और संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा का उल्लेख किया गया है। हालांकि मौजूदा आदेश को इसी राजनीतिक चर्चा से जोड़कर देखना जरूरी नहीं है, क्योंकि सरकार ने इसे विक्रमादित्य सिंह की विदेश यात्रा के दौरान विभागों के कामकाज की अस्थायी व्यवस्था के तौर पर लागू किया है।

विक्रमादित्य सिंह के विदेश दौरे के दौरान कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी राज्य से बाहर हैं। रिपोर्ट के अनुसार मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत और अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा आरडी नजीम भी चीन के दौरे पर गए हैं। दोनों के चीन दौरे के दौरान ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित कार्यक्रम बताए गए हैं। इससे अलग-अलग विभागों के स्तर पर भी अस्थायी प्रशासनिक व्यवस्थाएं की गई हैं।

रिपोर्टों के मुताबिक विक्रमादित्य सिंह के साथ ब्राजील दौरे पर शहरी विकास विभाग से जुड़े अधिकारी भी गए हैं। इनमें शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार, निदेशक शहरी विकास नीरज और विशेष सचिव सौरभ जस्सल के नाम सामने आए हैं। शिमला शहरी के विधायक हरीश जनारथा के भी दौरे में शामिल होने की जानकारी दी गई है। हालांकि अधिकारियों के दौरे की भूमिका और कार्यक्रम अलग-अलग प्रशासनिक जिम्मेदारियों से जुड़ी हो सकती है।

सरकार की ओर से जारी व्यवस्था का सीधा असर विभागों के रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ने से रोकने की कोशिश की गई है। आमतौर पर किसी मंत्री के लंबे समय तक राज्य से बाहर रहने पर विभागों की महत्वपूर्ण फाइलों और जरूरी प्रशासनिक निर्णयों के लिए वैकल्पिक जिम्मेदारी तय की जाती है। इसी क्रम में अनिरुद्ध सिंह और राजेश धर्माणी को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। विक्रमादित्य सिंह के वापस लौटने के बाद विभागों का नियमित कामकाज फिर उनके पास आ जाएगा।

इस व्यवस्था को स्थायी कैबिनेट फेरबदल समझना सही नहीं होगा। जारी आदेश में दोनों मंत्रियों को विक्रमादित्य सिंह की अनुपस्थिति तक संबंधित विभागों का काम देखने की जिम्मेदारी दी गई है। उपलब्ध रिपोर्टों में भी इसे अस्थायी अतिरिक्त प्रभार बताया गया है। इसलिए फिलहाल PWD और शहरी विकास विभाग के स्थायी मंत्री के रूप में विक्रमादित्य सिंह की स्थिति में बदलाव की पुष्टि नहीं हुई है।

अनिरुद्ध सिंह के सामने अब अतिरिक्त जिम्मेदारी के तौर पर लोक निर्माण विभाग के मामलों की निगरानी होगी। वहीं राजेश धर्माणी शहरी विकास से जुड़े मामलों को देखेंगे। दोनों मंत्रियों के पास पहले से अपने-अपने विभागों की जिम्मेदारियां हैं, इसलिए उन्हें अतिरिक्त विभागों के कामकाज के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय करना होगा।

विक्रमादित्य सिंह के ब्राजील दौरे के दौरान शहरी विकास विभाग से जुड़े आधिकारिक कार्यक्रम भी जारी रहेंगे। विभाग की योजनाओं और प्रशासनिक मामलों में आवश्यक निर्णयों के लिए राजेश धर्माणी की अतिरिक्त जिम्मेदारी इसी उद्देश्य से महत्वपूर्ण होगी। दूसरी ओर PWD में चल रहे सड़क, पुल और निर्माण संबंधी कामकाज को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अनिरुद्ध सिंह के पास रहेगी।

फिलहाल सरकार की ओर से जारी व्यवस्था 28 सितंबर तक प्रभावी रहने की जानकारी है। विक्रमादित्य सिंह के राज्य में लौटने के बाद दोनों विभागों का कामकाज फिर उनके नियमित प्रभार के तहत चलेगा। इस बीच यदि किसी विभाग में कोई महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय या तत्काल कार्रवाई की जरूरत पड़ती है तो अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे मंत्री और संबंधित अधिकारी उस पर काम करेंगे।

हिमाचल में इस समय मानसून से जुड़े प्रभाव, सड़क और निर्माण कार्य तथा शहरी क्षेत्रों में विकास योजनाएं भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण विषय हैं। ऐसे में लोक निर्माण और शहरी विकास जैसे दो प्रमुख विभागों के कामकाज को लगातार जारी रखने के लिए यह अस्थायी व्यवस्था की गई है। सरकार के आदेश का मुख्य उद्देश्य मंत्री की गैरमौजूदगी में प्रशासनिक कामकाज में किसी तरह की रुकावट नहीं आने देना है।

कुल मिलाकर विक्रमादित्य सिंह के विदेश दौरे के दौरान हिमाचल सरकार ने उनके दोनों विभागों का अतिरिक्त प्रभार बांट दिया है। अनिरुद्ध सिंह PWD का काम देखेंगे, जबकि राजेश धर्माणी शहरी विकास विभाग संभालेंगे। विक्रमादित्य सिंह 28 सितंबर तक राज्य लौटने की उम्मीद है और तब तक यह व्यवस्था लागू रहेगी।

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