बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर भारत में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के प्रियंका गांधी को लेकर दिए बयान से यह मुद्दा और अधिक सियासी रंग लेता दिख रहा है।
New Delhi: बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को लेकर भारत में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं लगातार तेज होती जा रही हैं। हालिया हिंसक घटनाओं, खासतौर पर हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या के बाद यह मुद्दा अब संसद से लेकर सड़कों तक चर्चा में है। इसी बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के एक बयान ने राजनीतिक बहस को और धार दे दी है। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को भारत की नेतृत्व क्षमता से जोड़ते हुए बड़ा दावा किया है।
इमरान मसूद का बयान
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि अगर प्रियंका गांधी वाड्रा को प्रधानमंत्री बनाया जाए, तो वह बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर इंदिरा गांधी की तरह करारा जवाब दे सकती हैं। उन्होंने कहा कि क्या प्रियंका गांधी अभी प्रधानमंत्री हैं। उन्हें प्रधानमंत्री बनाइए और देखिए कि वह किस तरह जवाब देती हैं।
इमरान मसूद ने कहा कि प्रियंका गांधी के नाम के साथ गांधी जुड़ा है और वह इंदिरा गांधी की पोती हैं। उन्होंने इंदिरा गांधी के नेतृत्व का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने अपने समय में पाकिस्तान को ऐसा जवाब दिया था, जिसके घाव आज भी भरे नहीं हैं।
प्रियंका गांधी की चिंता
इससे पहले कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी बांग्लादेश में हिंसा को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया था कि बांग्लादेश में हिंदू, ईसाई और बौद्ध अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा का संज्ञान लिया जाए। खासतौर पर हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या के बाद उन्होंने इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया था। प्रियंका गांधी ने कहा था कि किसी भी सभ्य समाज में धर्म, जाति या पहचान के आधार पर भेदभाव, हिंसा और हत्या को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
दीपू चंद्र दास की हत्या से फैला आक्रोश
बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले के भालुका इलाके में 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। दीपू चंद्र दास एक गारमेंट वर्कर था और सनातन धर्म का अनुयायी था। पुलिस के अनुसार, उस पर कथित तौर पर ईशनिंदा का आरोप लगाया गया था। इस घटना के बाद बांग्लादेश ही नहीं, बल्कि भारत में भी आक्रोश फैल गया। कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने इस हत्या की कड़ी निंदा की।
बांग्लादेश सरकार की कार्रवाई
इस मामले में बांग्लादेश सरकार की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। बांग्लादेश सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) ने इस लिंचिंग मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। सरकार ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अल्पसंख्यक संगठनों का कहना है कि केवल गिरफ्तारी से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि जमीनी स्तर पर सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।









