महाराष्ट्र के हिंगोली की मरवाड़ी गली में सोमवार रात पटाखा गोदाम में भीषण आग लगने से दो लोगों की मौत और सात लोग घायल हो गए। धमाकों से आसपास के घर और वाहन क्षतिग्रस्त हुए, जबकि दमकल अभियान के दौरान एक फायर ब्रिगेड वाहन भी जल गया।
हिंगोली: महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में सोमवार रात पटाखों के एक गोदाम में लगी भीषण आग ने इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। आग के दौरान लगातार हुए धमाकों में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य घायल हुए हैं। आग ने आसपास के मकानों और सड़क किनारे खड़े वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया। घटना हिंगोली शहर के पुराने और घनी आबादी वाले इलाके मरवाड़ी गली में रात करीब 8 बजे हुई। अधिकारियों के मुताबिक, आग पटाखा गोदाम से शुरू हुई और देखते ही देखते आसपास के हिस्सों में फैल गई। आग बुझाने के लिए पहुंची दमकल की एक गाड़ी भी इसकी चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गई।
पटाखों के धमाकों से इलाके में मची दहशत
आग लगने के बाद गोदाम में रखे पटाखों में एक के बाद एक विस्फोट होने लगे। तेज आवाज और आग की लपटों से आसपास रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की कोशिश की, जबकि दमकल और आपातकालीन सेवाओं की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं।
अधिकारियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि गोदाम के आसपास मौजूद संपत्तियां भी प्रभावित हुईं। कई घरों को नुकसान पहुंचा और संकरी गली में खड़े कई दोपहिया वाहन भी आग की चपेट में आ गए।
दो लोगों की मौत, शवों की पहचान बाकी
हादसे में दो लोगों की मौत की पुष्टि अधिकारियों ने की है। आग और विस्फोट की तीव्रता के कारण दोनों शव बुरी तरह झुलस गए। इसी वजह से तत्काल उनकी पहचान नहीं हो सकी।
अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की पहचान के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। उनकी स्थिति को लेकर फिलहाल विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
सात लोग घायल
घटना में सात अन्य लोग घायल हुए हैं। आग और विस्फोट के दौरान आसपास मौजूद लोगों के अलावा बचाव कार्य में शामिल लोगों के भी प्रभावित होने की आशंका है।
घायलों को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से घायलों की स्थिति और उनकी चोटों की गंभीरता के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
घनी आबादी और संकरी गलियों ने बढ़ाई मुश्किल
हिंगोली शहर का वह हिस्सा पुराना और घनी आबादी वाला है। मरवाड़ी गली में सड़कें और गलियां अपेक्षाकृत संकरी हैं। ऐसे में दमकल वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने और आग बुझाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल सकी।
अधिकारियों के मुताबिक, आग बुझाने के अभियान में भीड़ ने भी मुश्किलें पैदा कीं। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के आसपास जमा हो गए थे। इससे आपातकालीन सेवाओं को काम करने में परेशानी हुई। दमकल कर्मियों को लगातार हो रहे पटाखों के विस्फोटों के बीच आग पर काबू पाने की कोशिश करनी पड़ी।
दमकल की गाड़ी भी आग की चपेट में आई
आग बुझाने के अभियान के दौरान मौके पर पहुंची एक नागरिक दमकल की गाड़ी भी आग की चपेट में आ गई। अधिकारियों के मुताबिक, वाहन आग में बुरी तरह प्रभावित हुआ। घटना की गंभीरता को देखते हुए आसपास के इलाके की बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी गई। प्रशासन ने आग पर नियंत्रण पाने और किसी अतिरिक्त नुकसान को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को बढ़ाया।
आसपास के घरों और वाहनों को नुकसान
पटाखों के लगातार विस्फोट के कारण आग की लपटें आसपास के क्षेत्र तक पहुंच गईं। अधिकारियों ने बताया कि कई मकानों को नुकसान हुआ है। संकरी गली में खड़े दोपहिया वाहन भी आग से प्रभावित हुए। स्थानीय प्रशासन अब नुकसान का आकलन कर रहा है। यह भी देखा जा रहा है कि आग की वजह से आसपास की इमारतों की संरचना को कितना नुकसान पहुंचा है और क्या किसी अन्य क्षेत्र को खाली कराने की आवश्यकता है।
आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं
अधिकारियों ने कहा है कि आग लगने के वास्तविक कारण का पता फायरफाइटिंग ऑपरेशन पूरा होने के बाद लगाया जाएगा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि गोदाम में आग किस वजह से लगी।
जांच के दौरान गोदाम में पटाखों के भंडारण, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य परिस्थितियों की भी समीक्षा की जा सकती है। यदि किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना है।
फिलहाल प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य आग को पूरी तरह बुझाना और इलाके में किसी अन्य अप्रिय घटना को रोकना है।
रिहायशी इलाके में पटाखा भंडारण पर उठेंगे सवाल
घटना ने घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में पटाखों के भंडारण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पटाखों में विस्फोट का जोखिम होने के कारण इनके भंडारण के लिए विशेष सुरक्षा उपायों की आवश्यकता होती है। यदि ऐसे ज्वलनशील सामान का भंडारण आबादी वाले इलाके में किया जाता है, तो आग लगने की स्थिति में आसपास के लोगों और संपत्तियों के लिए खतरा कई गुना बढ़ सकता है।
हिंगोली की घटना में भी आग ने केवल गोदाम को प्रभावित नहीं किया, बल्कि आसपास के मकानों और वाहनों तक नुकसान पहुंचाया। दमकल विभाग के वाहन के क्षतिग्रस्त होने से यह भी पता चलता है कि बचाव अभियान कितना चुनौतीपूर्ण रहा होगा।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
अधिकारियों के अनुसार, आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के बाद घटना की विस्तृत जांच की जाएगी। इसमें आग के स्रोत, गोदाम में रखे पटाखों की मात्रा, भंडारण व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की जांच शामिल हो सकती है। यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि गोदाम में पटाखों का भंडारण निर्धारित नियमों के अनुरूप था या नहीं।
फिलहाल घटना में दो लोगों की मौत और सात लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है, जबकि प्रशासन प्रभावित परिवारों और घायलों की स्थिति पर नजर रख रहा है।
हिंगोली की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि ज्वलनशील और विस्फोटक सामग्री के भंडारण को लेकर सुरक्षा नियमों का कितना प्रभावी ढंग से पालन किया जा रहा है, खासकर उन इलाकों में जहां बड़ी संख्या में लोग रहते हैं।













