हजारीबाग के मोरांगी इलाके में सड़क हादसे में बाइक सवार युवक-युवती की ट्रक से टकराकर मौत हो गई। दोनों की पहचान हो गई है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले में गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार युवक और युवती की मौके पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मोरांगी इलाके में हुई, जहां तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे खड़े एक एलपी ट्रक से जा टकराई।
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की।
तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक और युवती बाइक से हजारीबाग की ओर जा रहे थे और उनकी गति काफी तेज थी। मोरांगी के पास अचानक बाइक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खड़े ट्रक के पिछले हिस्से से जोरदार टक्कर हो गई।
टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार दोनों लोग ट्रक के निचले हिस्से में फंस गए और गंभीर चोटों के कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
आईकार्ड से हुई युवती की पहचान
घटनास्थल पर मिले सामान की जांच के दौरान पुलिस को केबी महिला कॉलेज का एक पहचान पत्र मिला। इस आधार पर मृत युवती की पहचान रेशम परवीन के रूप में हुई, जो टाटीझरिया क्षेत्र की रहने वाली थी।

वहीं, मृत युवक की पहचान तौफीक अंसारी के रूप में की गई, जो उसी इलाके का निवासी बताया जा रहा है।
रिश्ते में थे जीजा के भाई और युवती
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, रेशम परवीन अपने जीजा के भाई तौफीक अंसारी के साथ बाइक पर यात्रा कर रही थी। हादसे की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजन सदमे में हैं और घरों में मातमी माहौल बना हुआ है।
पुलिस ने निकाले शव, पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शवों को ट्रक के नीचे से बाहर निकाला। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है।
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत होता है, लेकिन सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।
क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने मोरांगी क्षेत्र में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क किनारे खड़े वाहनों पर रोक लगाई जाए और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में रिफ्लेक्टर, स्पीड ब्रेकर और चेतावनी संकेत लगाए जाएं।










