हमीरपुर में बसपा नेता के पालतू रोटवीलर का हमला, 11 साल का बच्चा गंभीर घायल

हमीरपुर में बसपा नेता के पालतू रोटवीलर ने 11 साल के बच्चे पर हमला किया। बच्चा गंभीर घायल, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

हमीरपुर में बसपा नेता के रोटवीलर ने 11 साल के बच्चे को काट लिया, जिससे उसकी हालत गंभीर बनी। पीड़ित परिवार ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई, और यह भी पता चला कि कुत्ते के पास कोई लाइसेंस नहीं था।

Uttar pradesh: हमीरपुर जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र में रविवार रात एक दर्दनाक घटना सामने आई। बसपा नगर अध्यक्ष शिवम जनार्दन के घर में पाले गए रोटवीलर कुत्ते ने 11 साल के बच्चे पर हमला कर दिया। बच्चा जमीन पर गिर पड़ा और कुत्ते ने उसके हाथ और सीने पर चार जगह काट लिया। हमले में मांस के लोथड़े तक निकल गए।

घरवालों ने बच्चे की पुकार सुनकर दौड़ लगाई और किसी तरह कुत्ते को रोक लिया। घायल बच्चे को सुमेरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे हायर सेंटर रेफर किया गया।

दोस्त के घर खेलने गया था बच्चा

पीड़ित बच्चे के पिता राजेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि वे सुमेरपुर कस्बे में रहते हैं और इस्पात मिल में काम करते हैं। रविवार शाम उनका बेटा अंश घर से करीब 50 मीटर दूर अपने दोस्त पथिक के घर खेलने गया था। यह घर बसपा नेता शिवम जनार्दन का है।

अंश करीब दो घंटे तक छत पर खेलता रहा। जब वह सीढ़ियों से नीचे उतरकर घर लौट रहा था, तभी रोटवीलर कुत्ते ने अचानक उस पर हमला कर दिया। बच्चे को संभलने तक का मौका नहीं मिला और वह बुरी तरह घायल हो गया।

पुलिस जांच में जुटी

हमीरपुर में बसपा नेता के पालतू रोटवीलर का हमला, 11 साल का बच्चा गंभीर घायल

पुलिस के अनुसार, बसपा नेता के पास दो रोटवीलर कुत्ते हैं, लेकिन दोनों का कोई लाइसेंस नहीं है। पीड़ित परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी गई है।

पिता राजेंद्र कुमार का आरोप है कि उन्होंने घटना के बाद पुलिस को तहरीर दी, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

डॉक्टरों की चेतावनी

डॉक्टर रोहित भाटी ने बताया कि कुत्ते के काटने को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। रैबीज एक बेहद खतरनाक बीमारी है, जो जानवर के काटने या खरोंच से फैलती है। अगर समय पर एंटी-रैबीज इंजेक्शन न लगाया जाए, तो यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है। डॉक्टरों के अनुसार, घायल बच्चे को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली AIIMS में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।

पालतू कुत्तों को लेकर नियम 

नियमों के अनुसार, पालतू कुत्तों का 15 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस जरूरी है। मालिक को यह सुनिश्चित करना होता है कि उसका पालतू सार्वजनिक या निजी जगहों पर किसी को नुकसान न पहुंचाए। इस घटना के बाद एक बार फिर पालतू कुत्तों की सुरक्षा और मालिकों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े हो गए हैं। 

स्थानीय लोगों का कहना है कि खतरनाक नस्ल के कुत्तों को बिना सुरक्षा और नियमों के रखना लोगों की जान के लिए खतरा बन सकता है। यह घटना न सिर्फ प्रशासन के लिए चेतावनी है, बल्कि पालतू जानवर रखने वालों के लिए भी सबक है कि नियमों की अनदेखी मासूमों की जान पर भारी पड़ सकती है।

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