50 साल से हॉकी वर्ल्ड कप खिताब का इंतजार कर रही भारतीय टीम इस बार एक नई उम्मीद के साथ मैदान में उतरेगी। साल 1975 में पहली और अब तक की आखिरी बार वर्ल्ड चैंपियन बनी टीम इंडिया के पास इस बार इतिहास दोहराने का सुनहरा मौका है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय हॉकी टीम ने अगले महीने होने वाले एफआईएच (FIH) पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप के लिए अपनी 20 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। स्टार डिफेंडर और अनुभवी ड्रैग-फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह को टीम की कप्तानी सौंपी गई है। वहीं, अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह टीम के मध्य क्षेत्र को मजबूती देने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
भारतीय टीम करीब पांच दशक से हॉकी वर्ल्ड कप ट्रॉफी का इंतजार कर रही है। भारत ने आखिरी बार 1975 में विश्व कप का खिताब जीता था। ऐसे में इस बार टीम का लक्ष्य लंबे समय से चले आ रहे इंतजार को खत्म करना और एक बार फिर विश्व चैंपियन बनना होगा। हॉकी इंडिया ने 21 जुलाई को आगामी टूर्नामेंट के लिए टीम की घोषणा की। कप्तान हरमनप्रीत सिंह पर टीम को आगे ले जाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। वह भारतीय हॉकी के सबसे भरोसेमंद डिफेंडरों में गिने जाते हैं और अपनी पेनल्टी कॉर्नर ड्रैग-फ्लिकिंग के लिए भी प्रसिद्ध हैं।
पेरिस ओलंपिक के बाद हरमनप्रीत पर फिर बड़ी जिम्मेदारी
हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में भारतीय टीम ने पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक जीता था। अब वर्ल्ड कप में भी उनसे नेतृत्व क्षमता और प्रदर्शन के दम पर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाने की उम्मीद होगी। दूसरी ओर, टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल मनप्रीत सिंह मिडफील्ड की कमान संभालेंगे। उनके अनुभव से युवा खिलाड़ियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। टीम प्रबंधन ने अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है।
FIH प्रो लीग में प्रदर्शन रहा निराशाजनक
वर्ल्ड कप से पहले भारतीय टीम का हालिया प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। एफआईएच प्रो लीग के यूरोपीय चरण में भारत ने 16 मुकाबलों में चार जीत दर्ज कीं, जबकि पांच मैच ड्रॉ रहे और सात मुकाबलों में टीम को हार का सामना करना पड़ा। इन परिणामों के साथ भारतीय टीम नौ टीमों की तालिका में आठवें स्थान पर रही। अब टीम की कोशिश प्रो लीग की निराशा को पीछे छोड़कर वर्ल्ड कप में बेहतर प्रदर्शन करने की होगी।
वर्ल्ड कप के लिए चुनी गई टीम में प्रो लीग अभियान का हिस्सा रहे चार खिलाड़ियों को जगह नहीं मिली। डिफेंडर अमनदीप लाकड़ा, मिडफील्डर राज कुमार पाल, राबीचंद्र सिंह मोइरांगथेम और फॉरवर्ड सेल्वम कार्थी इस बार टीम का हिस्सा नहीं होंगे। मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने टीम चयन को लेकर भरोसा जताया है। उनके मुताबिक, चुनी गई टीम में अनुभव और युवा ऊर्जा का अच्छा मिश्रण है। खिलाड़ियों का चयन उनके नाम या प्रतिष्ठा के बजाय हालिया प्रदर्शन और टीम की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है।
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गोलकीपिंग और डिफेंस में अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा
भारतीय टीम के गोलकीपिंग विभाग में मोहित एचएस और सूरज करकेरा को शामिल किया गया है। डिफेंस में कप्तान हरमनप्रीत सिंह के अलावा जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित और यशदीप सिवाच मौजूद हैं। मिडफील्ड में मनप्रीत सिंह के साथ हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद, नीलकांत शर्मा, राजिंदर सिंह और आदित्य अर्जुन लालगे को जगह दी गई है। वहीं, भारतीय आक्रमण की जिम्मेदारी दिलप्रीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा, सुखजीत सिंह, मनदीप सिंह और अभिषेक संभालेंगे।
वर्ल्ड कप के लिए चुनी गई टीम में अनुभवी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ कई युवा चेहरे भी शामिल हैं। टीम प्रबंधन को उम्मीद होगी कि यह संयोजन टूर्नामेंट के दबाव वाले मुकाबलों में भारत के लिए प्रभावी साबित होगा।
Hockey World Cup 2026 के लिए भारतीय टीम
- गोलकीपर: मोहित एचएस, सूरज करकेरा
- डिफेंडर: जरमनप्रीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित, यशदीप सिवाच
- मिडफील्डर: राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालगे, हार्दिक सिंह, मनप्रीत सिंह, नीलकांत शर्मा, विवेक सागर प्रसाद
- फॉरवर्ड: दिलप्रीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा, सुखजीत सिंह, मनदीप सिंह, अभिषेक









