Holi 2026 पूरे भारत में हर्ष, उल्लास और सांस्कृतिक विविधता के साथ मनाई गई। देश की राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक शहरों मथुरा, वाराणसी और अयोध्या तक रंगों का खुमार छाया हुआ है। यह पर्व न सिर्फ रंगों का, बल्कि प्रेम, एकता और आध्यात्मिक ऊर्जा का भी प्रतीक है।
Holi 2026: देशभर में होली का उत्साह चरम पर है। रंगों और उमंग का यह पर्व खासतौर पर Delhi, Mathura, Varanasi और Ayodhya में पूरे जोश और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। आज ‘रंग वाली होली’ के मौके पर लोग गुलाल, अबीर और रंग-बिरंगे पानी से एक-दूसरे को सराबोर कर रहे हैं। दिल्ली में स्टेडियमों और रिहायशी कॉलोनियों में बड़े स्तर पर कलर पार्टियों का आयोजन किया गया है।
डीजे की धुनों, रेन डांस और रंगों की बौछार के बीच युवा और परिवार जमकर मस्ती कर रहे हैं। वहीं मथुरा और अयोध्या में पारंपरिक अंदाज में होली खेली जा रही है, जहां मंदिरों और घाटों पर भक्तों की भीड़ उमड़ी हुई है। वाराणसी में भी गंगा घाटों पर रंग, संगीत और उत्सव का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है।
दिल्ली में कलर पार्टी और रेन डांस का जोश
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में होली का जश्न आधुनिक अंदाज में देखने को मिल रहा है। शहर के स्टेडियम, क्लब और रिहायशी कॉलोनियों में भव्य कलर पार्टी, डीजे नाइट और रेन डांस का आयोजन किया गया है। युवा वर्ग के साथ-साथ परिवार भी इस उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। गुलाल, अबीर और रंग-बिरंगे पानी के साथ लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी #Holi2026 और #DelhiHoli जैसे ट्रेंड्स छाए हुए हैं, जो इस त्योहार की वैश्विक लोकप्रियता को दर्शाते हैं।

मथुरा-वृंदावन: कृष्ण नगरी में पारंपरिक लट्ठमार होली
भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा और वृंदावन में होली का उत्सव विशेष महत्व रखता है। यहां की लट्ठमार होली विश्व प्रसिद्ध है, जहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ महिलाएं प्रतीकात्मक रूप से पुरुषों पर लाठियां चलाती हैं और पुरुष ढाल से बचाव करते हैं। प्रसिद्ध Banke Bihari Temple में भक्तों ने फूलों और रंगों की होली खेली। फाग गीतों की मधुर धुनों के बीच पूरा ब्रज क्षेत्र भक्ति और रंग में डूबा नजर आया। सड़कों पर श्रद्धालुओं की टोलियां नाच-गाकर इस उत्सव को जीवंत बना रही हैं।
काशी में आध्यात्मिक रंग
धार्मिक नगरी वाराणसी, जिसे काशी के नाम से भी जाना जाता है, में होली का रंग आध्यात्मिकता से सराबोर है। गंगा घाटों पर श्रद्धालु एकत्र होकर भजन-कीर्तन और पारंपरिक होली गीतों के साथ उत्सव मना रहे हैं। विशेष रूप से Kashi Vishwanath Temple के आसपास श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई, जहां लोग गुलाल लगाकर एक-दूसरे को बधाई दे रहे हैं। यहां होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि आध्यात्मिक एकता का प्रतीक बन जाती है।

अयोध्या में संतों और श्रद्धालुओं की होली
भगवान राम की नगरी अयोध्या में भी होली का उत्सव विशेष श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। Ram Mandir Ayodhya और Hanuman Garhi परिसर में संतों, नागा साधुओं और श्रद्धालुओं ने मिलकर गुलाल खेला। यहां का वातावरण भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ रंगोत्सव ने इस पर्व को और भी खास बना दिया है।
देशभर में लोग टोलियों में एक-दूसरे के घर जाकर होली खेल रहे हैं। गुझिया, मालपुआ और अन्य पारंपरिक मिठाइयों का स्वाद लेते हुए लोग आपसी रिश्तों को मजबूत कर रहे हैं। सुहावने मौसम ने इस उत्सव की खुशी को दोगुना कर दिया है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रमुख शहरों में पुलिस बल तैनात है और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि सभी लोग सुरक्षित और आनंदमय तरीके से होली मना सकें।











