होर्मुज स्ट्रेट में नौवहन बाधित हुआ है, अमेरिका जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है। चीन सभी पक्षों से बातचीत कर शांति और स्थिरता स्थापित करने का प्रयास कर रहा है। वैश्विक ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है।
बीजिंग: होर्मुज स्ट्रेट में नौवहन की स्थिति हाल ही में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण गंभीर रूप से प्रभावित हो गई है। यह जलडमरूमध्य दुनिया के ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है और इसकी बाधित आवाजाही ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले में किसी भी तरह की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया है। इस स्थिति में चीन सक्रिय भूमिका निभाने के लिए सामने आया है और उसने सभी पक्षों से बातचीत की बात कही है।
चीन ने उठाया मध्यस्थ का कदम
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने स्पष्ट किया कि चीन होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास के पानी में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए सभी पक्षों से बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय चाहता है कि जलडमरूमध्य में जल्द से जल्द युद्धविराम हो और वहां सामान्य नौवहन बहाल हो। माओ ने यह भी कहा कि चीन सभी पक्षों के साथ तालमेल बनाए हुए है और संघर्ष का बढ़ना किसी भी देश या पक्ष के हित में नहीं है।
संघर्ष की वजह
माओ निंग ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही में बाधा अमेरिकी और इजरायली सैन्य कार्रवाई के कारण आई है। उनका कहना है कि इस इलाके में केवल सैन्य विकल्पों से समस्या का समाधान नहीं निकलेगा। दुश्मनी को खत्म करना और सभी पक्षों के बीच वार्ता स्थापित करना ही स्थिरता बहाल करने का सही रास्ता है।
चीन-पाकिस्तान की पहल

इस सप्ताह चीन और पाकिस्तान ने एक पांच सूत्रीय प्रस्ताव को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है। इस प्रस्ताव में जोर दिया गया है कि जल्द से जल्द शांति वार्ता शुरू होनी चाहिए और होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए कदम उठाए जाएं। प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि सभी देशों को मिलकर जलडमरूमध्य में सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
अमेरिका की स्थिति
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा की जिम्मेदारी अमेरिका की नहीं मानी। ट्रंप ने कहा कि इस क्षेत्र को सुरक्षित बनाए रखना अमेरिकी प्रशासन का काम नहीं है और अमेरिका का इसमें कोई सीधा लेना-देना नहीं है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ गया है कि कोई तीसरा पक्ष इस संकट को हल करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाए।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा संकट पर असर
होर्मुज स्ट्रेट की बाधित नौवहन गतिविधि ने वैश्विक तेल और गैस की आपूर्ति पर दबाव बढ़ा दिया है। दुनिया के कई देशों के लिए ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं और ऊर्जा संकट गंभीर रूप ले रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलडमरूमध्य की सुरक्षा और सामान्य आवाजाही बहाल करने के लिए स्थायी समाधान तुरंत आवश्यक है।
चीन की भूमिका
चीन ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभाना चाहता है। इसके लिए वह सभी पक्षों के साथ बातचीत कर रहा है और शांति कायम करने की दिशा में कदम उठा रहा है। चीनी प्रवक्ता ने कहा कि सैन्य कार्रवाई की बजाय कूटनीतिक उपायों से ही स्थिरता बहाल की जा सकती है।









