नाजिरा विधानसभा चुनाव 2026: कांग्रेस के देबब्रत सैकिया और भाजपा के मयूर बोरगोहेन के बीच होगी कड़ी टक्कर

नाजिरा विधानसभा सीट पर 2026 के चुनाव में कांग्रेस के Debbrat Saikia और भाजपा के Mayur Borgohain के बीच कड़ी टक्कर होने वाली है। जानें उम्मीदवारों की रणनीति

असम विधानसभा चुनाव 2026 नजदीक आते ही राजनीतिक हलकों में माहौल गर्म हो गया है। 126 विधानसभा सीटों के लिए आगामी 9 अप्रैल को चुनाव होने हैं, जबकि परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। 

Nazira Assembly Election: असम में विधानसभा चुनाव अब बेहद नजदीक आ चुके हैं, और इसके चलते सभी राजनीतिक दलों ने अपना चुनाव अभियान पूरी गति से तेज कर दिया है। राज्य में 126 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव आगामी 9 अप्रैल को एक ही चरण में आयोजित किया जाएगा, जबकि चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव में सभी दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं और धुंआधार प्रचार जारी है।

विशेष रूप से असम की नाजिरा सीट पर राजनीतिक गतिविधियां और भी तेज हो गई हैं। यह सीट राज्य की राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि यहां कांग्रेस और Bharatiya Janata Party के बीच सीधी और कड़ी टक्कर है। दोनों दल अपनी रणनीतियों के माध्यम से मतदाताओं का भरोसा जीतने की कोशिश कर रहे हैं।

नाजिरा विधानसभा सीट की विशेषताएं

नाजिरा विधानसभा सीट असम की जोरहाट लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है और इसका निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 97 है। यह सामान्य श्रेणी की सीट है, यानी एससी/एसटी के लिए आरक्षित नहीं है। नाजिरा क्षेत्र ज्यादातर ग्रामीण है और यहां की जनसंख्या कृषि एवं छोटे व्यवसायों पर निर्भर है। 2021 के विधानसभा चुनाव के आंकड़ों के अनुसार, नाजिरा में कुल मतदाता 1,10,210 थे, जिनमें से 54,542 पुरुष और 54,618 महिला मतदाता थे। तीसरे लिंग के मतदाता इस क्षेत्र में नहीं थे। 2021 में नाजिरा विधानसभा सीट पर 82.26% मतदान दर्ज किया गया था।

मुख्य उम्मीदवार कौन हैं?

नाजिरा विधानसभा सीट पर लंबे समय से कांग्रेस पार्टी का दबदबा रहा है। इस बार कांग्रेस ने अपनी रणनीति पर टिके रहते हुए देबब्रत सैकिया को उम्मीदवार बनाया है। देबब्रत सैकिया पिछले तीन चुनावों (2011, 2016, 2021) से इस सीट पर जीत दर्ज कर चुके हैं और अब चौथी बार जीत का दावा कर रहे हैं। वहीं, भाजपा ने इस बार मयूर बोरगोहेन को टिकट देकर सैकिया के खिलाफ मैदान में उतारा है। 

2021 के चुनाव में मयूर बोरगोहेन केवल 683 वोटों के अंतर से हार गए थे। इस आधार पर, इस बार नाजिरा में कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर की उम्मीद की जा रही है।

नाजिरा की राजनीतिक पृष्ठभूमि

नाजिरा विधानसभा सीट लंबे समय से पूर्व मुख्यमंत्री हितेश्वर सैकिया के परिवार का गढ़ रही है। हितेश्वर सैकिया इस सीट से 5 बार विधायक रहे। उनकी पत्नी भी दो बार नाजिरा से विधायक रह चुकी हैं। वर्तमान में देबब्रत सैकिया ने पिछले तीन चुनावों में जीत हासिल कर कांग्रेस का दबदबा बनाए रखा है। हालांकि, पिछले चुनावों के नजदीकी परिणाम यह संकेत देते हैं कि भाजपा ने नाजिरा में कांग्रेस को चुनौती देने के लिए रणनीति मजबूत की है। इसके अलावा, भाजपा का संगठन और स्थानीय नेतृत्व इस बार चुनाव में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

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