‘सिटी ऑफ डेस्टिनी’ के नाम से मशहूर Visakhapatnam के समुद्री तट पर बुधवार को राष्ट्रपति Droupadi Murmu इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (आईएफआर) के माध्यम से दुनिया को भारत की बढ़ती नौसैनिक शक्ति का प्रदर्शन करेंगी।
नई दिल्ली: भारत एक बार फिर वैश्विक समुद्री मंच पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित हो रहे इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) और मिलन 2026 के तहत भारतीय नौसेना अपनी सामरिक क्षमता और समुद्री कूटनीति का प्रदर्शन करेगी। इस ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक बेड़े की सलामी लेंगी।
बंगाल की खाड़ी में भव्य फ्लीट रिव्यू
‘सिटी ऑफ डेस्टिनी’ के नाम से मशहूर विशाखापत्तनम के समुद्री तट पर आयोजित यह कार्यक्रम भारत की बढ़ती नौसैनिक शक्ति का वैश्विक प्रदर्शन होगा। राष्ट्रपति मुर्मू स्वदेशी युद्धपोत INS सुमेधा पर सवार होकर बंगाल की खाड़ी में तैनात अंतरराष्ट्रीय बेड़े का निरीक्षण करेंगी। इस फ्लीट रिव्यू में भारतीय नौसेना के साथ मित्र देशों के कुल 71 युद्धपोत और पनडुब्बियां भाग ले रही हैं। यह आयोजन न केवल सैन्य समन्वय का उदाहरण है, बल्कि समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आसमान में गरजेंगे आधुनिक लड़ाकू विमान
कार्यक्रम के दौरान 50 से अधिक लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर राष्ट्रपति को सलामी देते हुए फ्लाई-पास्ट करेंगे। इनमें MiG-29K, HAL Tejas, P-8I Neptune और सी-किंग हेलिकॉप्टर शामिल होंगे। इन विमानों की गड़गड़ाहट समुद्री शक्ति के आधुनिक स्वरूप को प्रदर्शित करेगी। इसके अलावा भारतीय नौसेना के विशेष समुद्री कमांडो मार्कोस (MARCOS) समुद्र के बीच अपने युद्ध कौशल और विशेष अभियानों की क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। इन्हें दुनिया के सबसे दक्ष समुद्री कमांडो बलों में गिना जाता है।
इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू के साथ ही Milan 2026 का आयोजन भी हो रहा है, जो दुनिया के प्रमुख बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यासों में से एक है। इसका उद्देश्य मित्र देशों की नौसेनाओं के बीच तालमेल, आपसी विश्वास और समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना है। इस वर्ष 75 देशों और 65 नौसेनाओं की भागीदारी भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को दर्शाती है। विभिन्न देशों के युद्धपोत, समुद्री विमान और सैन्य प्रतिनिधिमंडल इस आयोजन में शामिल हो रहे हैं, जिससे यह कार्यक्रम एक व्यापक सामरिक मंच बन गया है।
समुद्री कूटनीति और रणनीतिक संदेश
यह आयोजन केवल सैन्य प्रदर्शन तक सीमित नहीं है। यह भारत की समुद्री कूटनीति का भी अहम हिस्सा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘महासागर’ (SAGAR – Security and Growth for All in the Region) विजन के तहत भारत हिंद महासागर क्षेत्र में एक जिम्मेदार सुरक्षा प्रदाता की भूमिका निभा रहा है।आईएफआर और मिलन-2026 के माध्यम से भारत यह संदेश दे रहा है कि वह क्षेत्रीय स्थिरता, समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा और आपदा राहत अभियानों में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारत में फ्लीट रिव्यू की परंपरा 1953 में शुरू हुई थी, जब तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 33 भारतीय जहाजों का निरीक्षण किया था। 2016 में भी विशाखापत्तनम में यह भव्य आयोजन हुआ था। हालांकि, इस बार का आयोजन विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह मिलन 2026 जैसे विशाल अंतरराष्ट्रीय अभ्यास के साथ हो रहा है। यह भारत की उन्नत नौसैनिक क्षमताओं, स्वदेशी रक्षा उत्पादन और वैश्विक साझेदारी के विस्तार का प्रतीक है।








