यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर फर्जी प्रश्न पत्र वायरल होने की खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इसे पूरी तरह गलत बताते हुए सख्त नोटिस जारी किया है और छात्रों से अफवाहों से दूर रहने व केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
UP Board Fake Question Paper Alert: उत्तर प्रदेश में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने से ठीक पहले सोशल मीडिया पर कथित प्रश्न पत्र वायरल होने से भ्रम की स्थिति बन गई है। इस मामले पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने तुरंत कार्रवाई करते हुए साफ किया है कि वायरल सामग्री का वास्तविक परीक्षा से कोई संबंध नहीं है। बोर्ड के अनुसार परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू हो रही हैं और ऐसे समय में अफवाहें फैलाने का मकसद छात्रों को गुमराह करना है, इसलिए सभी को केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल पेपर पूरी तरह फर्जी
यूपी बोर्ड की मीडिया सेल ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे प्रश्न पत्रों का वास्तविक परीक्षा से कोई संबंध नहीं है। यह सामग्री असामाजिक तत्वों द्वारा जानबूझकर फैलाई जा रही है, ताकि परीक्षार्थियों को भ्रमित किया जा सके।
बोर्ड का कहना है कि परीक्षा से पहले इस तरह की अफवाहें फैलाना न केवल गलत है, बल्कि इससे छात्रों में अनावश्यक डर और तनाव भी पैदा होता है। इसलिए ऐसे किसी भी कंटेंट को साझा न करने की सलाह दी गई है।

बोर्ड ने किया सख्त खंडन, जारी किया नोटिस
यूपी बोर्ड ने आधिकारिक तौर पर वायरल प्रश्न पत्रों का खंडन करते हुए इन्हें निराधार और शरारतपूर्ण बताया है। बोर्ड सचिव भगवती सिंह की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी रखा जाएगा।
नोटिस में यह भी साफ किया गया है कि बोर्ड स्तर पर प्रश्न पत्रों की सुरक्षा को लेकर सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। अफवाह फैलाने वालों पर सख्त नजर रखी जा रही है।
छात्रों और अभिभावकों से अहम अपील
बोर्ड ने छात्रों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत स्रोत से आई जानकारी पर भरोसा न करें। केवल यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत माध्यमों से जारी सूचनाओं को ही सही मानें।
बोर्ड ने कहा है कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण समय में सतर्क रहना जरूरी है और सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी दावे को बिना पुष्टि के सच मानना नुकसानदायक हो सकता है।









