इमरान खान जेल में, मुनीर को लाइफटाइम इम्युनिटी; भारत ने पाकिस्तान को यूएन में फटकारा

इमरान खान जेल में, मुनीर को लाइफटाइम इम्युनिटी; भारत ने पाकिस्तान को यूएन में फटकारा

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने पाकिस्तान के झूठे दावों को बेनकाब किया। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अविभाज्य बताया। भारत ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को रोकने की चेतावनी दी और क्षेत्रीय शांति पर पाकिस्तान की नीतियों की आलोचना की।

Pakistan: भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान को एक बार फिर कड़ा जवाब दिया है। शांति और सुरक्षा पर हुई खुली बहस के दौरान भारत ने पाकिस्तान के झूठे दावों को बेनकाब किया और स्पष्ट कर दिया कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश हमेशा से भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं। भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश परवथनेनी ने कहा कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक राजनीतिक समस्याओं को ढकने के लिए झूठे दावे कर रहा है और यह तरीका न केवल लोकतंत्र के लिए खतरनाक है बल्कि क्षेत्रीय शांति के लिए भी नुकसानदेह है।

पाकिस्तान के लोकतांत्रिक ढांचे पर भी उठे सवाल

परवथनेनी ने पाकिस्तान के लोकतांत्रिक ढांचे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि वहां का लोकतंत्र गंभीर संकट में है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने अपने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल में डाल दिया है, उनकी राजनीतिक पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पर प्रतिबंध लगा दिया है और सेना प्रमुख आसिम मुनीर को लाइफटाइम इम्युनिटी दी गई है। इस प्रक्रिया में 27वें संशोधन का उपयोग करके संवैधानिक तख्तापलट किया गया। परवथनेनी ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया पाकिस्तान के नागरिकों की इच्छा के खिलाफ है और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन माना जा सकता है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पाकिस्तान का यह तरीका लोकतंत्र की मूल भावना को पूरी तरह नष्ट कर देता है। एक प्रधानमंत्री को जेल में डालना, राजनीतिक दल पर प्रतिबंध लगाना और सेना प्रमुख को जीवन भर की सुरक्षा प्रदान करना यह दिखाता है कि वहां नागरिकों की इच्छा की कोई अहमियत नहीं है।

भारत का आतंकवाद के प्रति कड़ा रुख

परवथनेनी ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ पूरी ताकत से मुकाबला करेगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद का वैश्विक केंद्र बन चुका है और लगातार भारत और उसके नागरिकों को निशाना बना रहा है। उन्होंने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह सीमा पार और अन्य माध्यमों से आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा है।

भारत ने चेतावनी दी कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद के सभी रूपों का समर्थन बंद नहीं करता, तब तक सिंधु जल संधि सहित द्विपक्षीय समझौतों को निलंबित रखा जाएगा।

सिंधु जल संधि और पाकिस्तान की असफलता

परवथनेनी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच 65 साल पहले सिंधु जल संधि सद्भावना, दोस्ती और अच्छे इरादों के साथ की गई थी। लेकिन इस दौरान पाकिस्तान ने इस संधि की भावना का उल्लंघन करते हुए तीन युद्ध छेड़े और हजारों आतंकवादी हमले किए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की यह नीति क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए खतरनाक है। भारत ने स्पष्ट किया कि संधि तब तक निलंबित रहेगी जब तक पाकिस्तान आतंकवाद और सीमा पार हिंसा का समर्थन करना बंद नहीं करता।

पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र

परवथनेनी ने हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले चार दशकों में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी हमलों में हजारों भारतीयों की जान गई है। इस साल अप्रैल में हुए पहलगाम हमले में एक विदेशी नागरिक सहित 26 नागरिक मारे गए थे। उन्होंने कहा कि इस तरह के हमलों से स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला देश है और यह उसकी नीतियों का हिस्सा है।

पाकिस्तान का बयान 

भारत की तीखी प्रतिक्रिया पाकिस्तान के उस दावे के बाद आई जिसमें पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर के बारे में झूठे दावे दोहराए। पाकिस्तान के प्रतिनिधि आसिम इफ्तिखार अहमद ने कहा कि वह दक्षिण एशिया में शांति चाहते हैं, लेकिन परवथनेनी ने इसे नकारते हुए कहा कि पाकिस्तान की नीति और कार्यवाही हमेशा भारत और उसके लोगों के लिए नुकसानदेह रही है। भारत ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के इस रवैये के कारण क्षेत्रीय शांति असंभव है और इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।

भारत की सख्त चेतावनी

परवथनेनी ने संयुक्त राष्ट्र में यह भी कहा कि भारत पाकिस्तान द्वारा किसी भी तरह के आतंकवादी हमले या सीमा पार हस्तक्षेप का जवाब पूरी ताकत और कड़े कदमों से देगा। उन्होंने कहा कि भारत का रुख स्पष्ट है और किसी भी तरह के पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारत ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को अपने आंतरिक लोकतंत्र, नागरिक अधिकारों और संवैधानिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए।

Leave a comment