इंदौर के लवकुश चौराहे पर मध्य प्रदेश का पहला डबल डेकर ब्रिज अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसकी पहली लेन का शुभारंभ कर दिया है। परियोजना पूरी होने के बाद इंदौर-उज्जैन मार्ग पर ट्रैफिक जाम कम होगा और मेट्रो कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलेगी।
इंदौर: मध्य प्रदेश का पहला डबल डेकर ब्रिज अब आकार ले चुका है। इंदौर के लवकुश चौराहे पर करीब ₹175 करोड़ की लागत से तैयार हो रही इस परियोजना की पहली लेन का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। सड़क और मेट्रो को एक ही कॉरिडोर में विकसित करने वाली यह परियोजना शहर की यातायात व्यवस्था को नया आयाम देगी।
लवकुश चौराहे पर शुरू हुई पहली लेन, सितंबर तक पूरा होगा डबल डेकर ब्रिज

इंदौर के सबसे व्यस्त यातायात केंद्रों में शामिल लवकुश चौराहा अब आधुनिक ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का नया उदाहरण बन रहा है। लगभग ₹175 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा मध्य प्रदेश का पहला डबल डेकर ब्रिज अंतिम चरण में पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में इसकी पहली लेन का उद्घाटन किया, जिससे इस मार्ग पर एक दिशा का यातायात शुरू हो गया है। परियोजना की दूसरी लेन को सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद उज्जैन रोड, एमआर-10, बाणगंगा, अरबिंदो अस्पताल, एयरपोर्ट और शहर के पश्चिमी हिस्सों के बीच आवागमन पहले से अधिक आसान और तेज हो जाएगा।
एक ही कॉरिडोर में सड़क और मेट्रो की सुविधा
यह परियोजना मध्य प्रदेश की पहली ऐसी डबल डेकर संरचना है, जहां एक ही कॉरिडोर में अलग-अलग स्तरों पर सड़क और मेट्रो का संचालन होगा। निचले स्तर पर वाहनों के लिए सड़क होगी, जबकि ऊपरी स्तर पर मेट्रो ट्रैक बनाया गया है। सीमित जगह में विकसित इस आधुनिक डिजाइन से यातायात का बेहतर प्रबंधन संभव होगा और भविष्य में बढ़ने वाले ट्रैफिक दबाव को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने इस परियोजना का निर्माण वर्ष 2023 में शुरू किया था। मेट्रो कॉरिडोर के साथ समन्वय, स्टील बो-स्ट्रिंग संरचना और अन्य तकनीकी चुनौतियों के कारण निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरा किया गया। अब अंतिम चरण का काम तेजी से जारी है।
सिंहस्थ-2028 और शहर की कनेक्टिविटी को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उद्घाटन के दौरान कहा कि यह परियोजना सिंहस्थ-2028 के दौरान इंदौर और उज्जैन के बीच बढ़ने वाले यातायात को सुचारु बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सिंहस्थ मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु इंदौर एयरपोर्ट और शहर के विभिन्न मार्गों से उज्जैन पहुंचते हैं। ऐसे में यह डबल डेकर ब्रिज ट्रैफिक को तेज और व्यवस्थित बनाने में मदद करेगा।
इसके संचालन से उज्जैन रोड पर लगने वाले जाम में कमी आएगी, एयरपोर्ट से उज्जैन तक की यात्रा आसान होगी और एमआर-10, बाणगंगा तथा अरबिंदो अस्पताल क्षेत्र में यातायात का दबाव भी घटेगा। साथ ही यात्रियों के समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
मेट्रोपॉलिटन रीजन के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
राज्य सरकार इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन रीजन (UIMR) के विकास पर भी तेजी से काम कर रही है। इस योजना का उद्देश्य दोनों शहरों को आधुनिक सड़क, मेट्रो, औद्योगिक और लॉजिस्टिक नेटवर्क के जरिए जोड़ना है। विशेषज्ञों का मानना है कि लवकुश डबल डेकर ब्रिज इस महत्वाकांक्षी योजना की प्रमुख कड़ी साबित होगा।
इसके साथ ही इंदौर-उज्जैन मार्ग को छह लेन में विकसित करने, नए फ्लाईओवर बनाने और ट्रैफिक प्रबंधन से जुड़े कई अन्य प्रोजेक्ट भी समानांतर रूप से चल रहे हैं। इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दोनों शहरों के बीच आवागमन अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।











