ललित मोदी ने एक इंटरव्यू में IPL, भारत सरकार से विवाद, न्याय व्यवस्था और राजनीतिक मामलों पर खुलकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह भाग नहीं रहे और IPL उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा है।
नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के संस्थापक Lalit Modi ने एक लंबे इंटरव्यू में टूर्नामेंट की शुरुआत, अपने विवादित करियर और भारत छोड़ने के कारणों पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि IPL उनके लिए सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं बल्कि “बच्चे जैसा” है, जिसे उन्होंने अपने जीवन का सबसे बड़ा योगदान माना है।
ललित मोदी ने कहा कि वह आज भी IPL मैच देखते हैं और इस लीग से उनका भावनात्मक जुड़ाव हमेशा बना रहेगा। उन्होंने दावा किया कि IPL की वजह से ही उनकी पहचान वैश्विक स्तर पर बनी।
“मैं भगोड़ा नहीं हूं”: न्याय व्यवस्था पर उठाए सवाल
अपने खिलाफ लगाए गए “भगोड़ा” शब्द पर प्रतिक्रिया देते हुए ललित मोदी ने कहा कि वह किसी से नहीं भाग रहे हैं और पूरी दुनिया में स्वतंत्र रूप से यात्रा कर रहे हैं।
उन्होंने भारत की न्यायिक प्रक्रिया पर टिप्पणी करते हुए कहा कि न्याय मिलता है, लेकिन बहुत देर से मिलता है, और “देर से मिला न्याय भी एक तरह की सजा है।” उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और यदि आरोप हैं तो अदालत में लाया जाना चाहिए।
भारत वापसी की कोई योजना नहीं
भारत लौटने की संभावनाओं पर उन्होंने कहा कि अब उनकी प्राथमिकताएं बदल चुकी हैं और खुद को सही साबित करने की इच्छा समाप्त हो गई है।
उन्होंने कहा कि पहले उनके पास लौटने के कारण थे, लेकिन अब वह किसी भी परिस्थिति में वापसी की योजना नहीं बना रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें गिरफ्तार करना है तो कानूनी प्रक्रिया के तहत ही किया जाना चाहिए।
राजनीतिक विवाद और IPL की शुरुआत के दौर की घटनाएं
ललित मोदी ने अपने खिलाफ हुए राजनीतिक विवादों पर भी बात की, जिसमें उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व वाली UPA सरकार और तत्कालीन नेताओं का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि 2009 के आम चुनावों के कारण IPL को दक्षिण अफ्रीका स्थानांतरित करना पड़ा था। उनके अनुसार, उस दौरान सुरक्षा कारणों से टूर्नामेंट को भारत में आयोजित करना संभव नहीं था।
उन्होंने तत्कालीन राजनीतिक नेतृत्व पर आरोप लगाते हुए कहा कि उस समय कई निर्णयों ने उनके और सरकार के बीच संबंधों को प्रभावित किया।
कोच्चि IPL फ्रेंचाइजी विवाद पर बयान
कोच्चि टस्कर्स IPL फ्रेंचाइजी विवाद का उल्लेख करते हुए Kochi Tuskers Kerala पर भी उन्होंने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि फ्रेंचाइजी के स्वामित्व ढांचे में कथित अनियमितताओं को लेकर उन्होंने सवाल उठाए थे, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद उत्पन्न हुआ।
इस दौरान उन्होंने कई वरिष्ठ राजनीतिक हस्तियों के साथ बातचीत का उल्लेख किया और दावा किया कि उन पर विभिन्न स्तरों पर दबाव बनाया गया था।
नरेंद्र मोदी से संबंधों पर सफाई
उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ अपने संबंधों को लेकर भी बयान दिया। ललित मोदी ने कहा कि उनकी बातचीत केवल क्रिकेट से संबंधित थी और इसमें किसी राजनीतिक उद्देश्य की भूमिका नहीं थी।
उन्होंने कहा कि उस समय गुजरात में क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर चर्चा हुई थी और अहमदाबाद में स्टेडियम विकास में क्रिकेट के प्रति रुचि प्रमुख कारण थी।

दाऊद इब्राहिम और धमकी के दावे
ललित मोदी ने यह भी दावा किया कि उन्हें अंडरवर्ल्ड से धमकियां मिली थीं और उन्होंने क्रिकेट सट्टेबाजी और फिक्सिंग के नेटवर्क पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि क्रिकेट में सट्टेबाजी और मैच फिक्सिंग एक जटिल और विकसित नेटवर्क बन चुका है, जिसमें अब अलग-अलग स्तरों पर गतिविधियां होती हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
बायोपिक और बॉलीवुड कनेक्शन
अपनी संभावित बायोपिक पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इसकी स्क्रिप्ट पर काम चल रहा है और अभिनेता Ranveer Singh इस भूमिका को निभाने में रुचि रखते हैं।
उन्होंने कहा कि वह इस भूमिका के लिए उन्हें उपयुक्त मानते हैं, यदि उनके पास समय उपलब्ध हो।
T20 क्रिकेट और IPL की शुरुआत का दौर
2007 T20 विश्व कप के शुरुआती दिनों को याद करते हुए ललित मोदी ने कहा कि कई खिलाड़ी इस फॉर्मेट को लेकर उत्साहित नहीं थे और इसे गंभीरता से नहीं लेते थे।
उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में खिलाड़ियों को इस प्रारूप में खेलने के लिए मनाना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन समय के साथ यह क्रिकेट का सबसे लोकप्रिय प्रारूप बन गया। आज T20 और IPL वैश्विक क्रिकेट का सबसे बड़ा ब्रांड बन चुके हैं।












