IPS सुधा सिंह कौन हैं? CBI में 7 साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद NCRB में मिली बड़ी जिम्मेदारी

IPS सुधा सिंह को NCRB में इंस्पेक्टर जनरल नियुक्त किया गया है। ओडिशा कैडर की 2006 बैच की अधिकारी ने CBI में करीब 7 साल काम किया है। जानें उनके करियर और नई

केंद्रीय कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने वरिष्ठ IPS अधिकारी सुधा सिंह को अनिवार्य ‘कूलिंग-ऑफ पीरियड’ से छूट देने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला CBI में उनकी सात साल की डेप्युटेशन अवधि पूरी होने के बाद लिया गया।

IPS Sudha Singh: ओडिशा कैडर की 2006 बैच की वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुधा सिंह को राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) में पुलिस महानिरीक्षक (IG) के पद पर नियुक्त किया गया है। केंद्र सरकार ने उनकी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से जुड़ी अनिवार्य ‘कूलिंग-ऑफ’ अवधि में भी विशेष छूट दी है। भारतीय पुलिस सेवा की आधिकारिक वेबसाइट पर 17 सितंबर 2026 को सुधा सिंह की NCRB में IG के रूप में प्रतिनियुक्ति पर नियुक्ति की अधिसूचना दर्ज है। 

यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब सुधा सिंह हाल ही में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में करीब सात साल की प्रतिनियुक्ति पूरी कर चुकी हैं। CBI में उन्होंने पुलिस अधीक्षक से लेकर संयुक्त निदेशक तक की जिम्मेदारी संभाली। अब NCRB में उनकी नई भूमिका अपराध संबंधी आंकड़ों, रिकॉर्ड और पुलिसिंग से जुड़ी राष्ट्रीय स्तर की व्यवस्थाओं वाले संस्थान में होगी।

कौन हैं IPS सुधा सिंह?

सुधा सिंह 2006 बैच की भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी हैं और उन्हें ओडिशा कैडर आवंटित किया गया था। उन्होंने 29 अगस्त 2006 को सीधे भर्ती के जरिए IPS सेवा शुरू की। सेवा के दौरान उन्होंने ओडिशा पुलिस में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालने के बाद केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर CBI में काम किया। उपलब्ध प्रोफाइल जानकारी के अनुसार, उनका मूल संबंध दिल्ली से है।

2019 में CBI से जुड़ा था सफर

सुधा सिंह मार्च 2019 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर CBI में शामिल हुई थीं। भारतीय पुलिस सेवा की आधिकारिक वेबसाइट पर उनके CBI में SP के रूप में शामिल होने की अधिसूचना 18 मार्च 2019 की दर्ज है। IPS CBI में उनका शुरुआती पद पुलिस अधीक्षक (SP) का था। बाद में अगस्त 2021 में उन्हें DIG के पद पर पदोन्नत किया गया।

मार्च 2025 में उन्हें CBI में संयुक्त निदेशक (Joint Director) बनाया गया। उनका CBI कार्यकाल 28 जुलाई 2026 को पूरा हुआ।  इस तरह लगभग सात वर्षों के दौरान उन्होंने जांच एजेंसी में अलग-अलग वरिष्ठ पदों पर काम किया और CBI के कामकाज का व्यापक अनुभव हासिल किया।

NCRB में IG की जिम्मेदारी

केंद्र सरकार ने 17 सितंबर 2026 को सुधा सिंह की NCRB में IG के पद पर प्रतिनियुक्ति को मंजूरी दी। आधिकारिक IPS पोर्टल पर भी उनकी नियुक्ति को स्पष्ट रूप से “Inspector General in National Crime Records Bureau on deputation basis” के रूप में दर्ज किया गया है। NCRB केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करता है। 

यह अपराध और आपराधिक न्याय से संबंधित राष्ट्रीय स्तर के आंकड़ों और रिकॉर्ड के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर भी NCRB को मंत्रालय के अधीन संस्थान के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

क्या होता है ‘कूलिंग-ऑफ’ पीरियड?

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पूरी करने के बाद IPS अधिकारियों के लिए निर्धारित नियमों में ‘कूलिंग-ऑफ’ अवधि का प्रावधान होता है। इसका उद्देश्य यह है कि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पूरी करने वाला अधिकारी तत्काल दूसरी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बजाय निर्धारित अवधि अपने कैडर में सेवा दे। उपलब्ध सरकारी दिशानिर्देशों में केंद्र में SP, DIG और IG स्तर के पदों के लिए पिछली केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के बाद तीन साल की कूलिंग-ऑफ अवधि का प्रावधान बताया गया है, हालांकि नियमों और संबंधित मामलों में सक्षम प्राधिकारी द्वारा छूट का प्रावधान भी मौजूद है।
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सुधा सिंह के मामले में केंद्र सरकार ने IPS कार्यकाल नीति में छूट देते हुए यह कूलिंग-ऑफ अवधि माफ की। इसके कारण वह CBI की प्रतिनियुक्ति पूरी करने के बाद अपने मूल ओडिशा कैडर में लौटकर निर्धारित अवधि बिताए बिना NCRB में नई केंद्रीय जिम्मेदारी संभाल सकती हैं।

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