मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ईरान की IRGC ने Meta, Google, Apple समेत 18 अमेरिकी टेक कंपनियों को निशाने पर बताया है। AI और हाई-टेक वॉरफेयर में भूमिका के आरोप लगाते हुए हमले की चेतावनी दी गई, जिससे वैश्विक सुरक्षा और टेक सेक्टर में चिंता बढ़ गई है।
Iran Target US Tech Companies: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका की बड़ी टेक कंपनियों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। Meta, Google, Apple समेत 18 कंपनियों पर AI और डेटा तकनीक के जरिए युद्ध में सहयोग करने का आरोप लगाया गया है। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में ईरान और इजरायल के बीच तनाव चरम पर है। ईरान ने कर्मचारियों को क्षेत्र खाली करने की चेतावनी देते हुए संभावित हमलों के संकेत दिए हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
क्यों निशाने पर आईं अमेरिकी टेक कंपनियां
IRGC का आरोप है कि अमेरिकी टेक कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और हाई-टेक सिस्टम के जरिए युद्ध में सहयोग कर रही हैं। ईरान का कहना है कि ये कंपनियां टारगेट पहचानने और सैन्य रणनीतियों में अप्रत्यक्ष भूमिका निभा रही हैं।
इस बयान में साफ किया गया है कि अब पारंपरिक सैन्य ठिकानों के बजाय टेक्नोलॉजी और डेटा से जुड़ी कंपनियां प्राथमिक लक्ष्य होंगी। इससे संकेत मिलता है कि आने वाले समय में संघर्ष का स्वरूप और अधिक डिजिटल और तकनीकी हो सकता है।

इन बड़ी कंपनियों पर मंडरा रहा खतरा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, IRGC की हिट लिस्ट में Meta (Facebook, Instagram), Google, Apple के अलावा Microsoft, Intel, Oracle, Nvidia और Palantir जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। इसके साथ ही Boeing और Tesla जैसी इंडस्ट्रियल और एयरोस्पेस कंपनियां भी खतरे के दायरे में हैं।
इन कंपनियों का जुड़ाव AI, डेटा एनालिटिक्स, सैटेलाइट ट्रैकिंग और डिफेंस टेक्नोलॉजी से है, जिसे ईरान हाई-टेक वॉरफेयर का हिस्सा मान रहा है। यही वजह है कि इन संस्थानों को सीधे निशाना बनाने की बात कही गई है।
कर्मचारियों को दी गई चेतावनी, बढ़ी चिंता
ईरान ने इन कंपनियों के कर्मचारियों और आसपास रहने वाले लोगों को तुरंत क्षेत्र खाली करने की चेतावनी दी है। इससे यह संकेत मिलता है कि खतरा केवल साइबर हमलों तक सीमित नहीं, बल्कि फिजिकल हमलों की आशंका भी जताई जा रही है।
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब मिडिल ईस्ट में पहले से ही इजरायल और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। ईरान ने यह भी साफ किया है कि अगर उसके किसी और शीर्ष नेता पर हमला होता है, तो यह कार्रवाई और तेज हो सकती है।











