इस राज्य के स्कूलों में सिर्फ 6 दिन की गर्मियों की छुट्टियां, जानें वजह

पश्चिम बंगाल बोर्ड ने 2026 के लिए गर्मियों की छुट्टी घटाकर 6 दिन की, 12वीं परीक्षा में सप्लीमेंट शीट बंद और उत्तर पुस्तिकाओं पर हस्ताक्षर अनिवार्य किए।

West Bengal Board of Secondary Education (WBBSE) ने 2026 के लिए गर्मियों की छुट्टियों को 11 दिन से घटाकर 6 दिन कर दिया है। बोर्ड ने परीक्षा और शैक्षणिक प्रक्रिया में भी बदलाव किए हैं, जिसमें 12वीं बोर्ड परीक्षा में सप्लीमेंट शीट बंद करना और उत्तर पुस्तिकाओं पर हस्ताक्षर अनिवार्य करना शामिल है। त्योहारों पर लंबी छुट्टी दी जाएगी।

WBBSE Summer Vacation Update: पश्चिम बंगाल बोर्ड ने 2026 के शैक्षणिक वर्ष के लिए गर्मियों की छुट्टियों में बड़ा बदलाव किया है। अब समर ब्रेक 11 मई से 17 मई तक ही रहेगा और यह सभी बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा। बोर्ड का उद्देश्य छात्रों पर पढ़ाई का दबाव कम करना और शैक्षणिक सत्र को संतुलित करना है। साथ ही, 12वीं बोर्ड परीक्षा में सप्लीमेंट शीट बंद कर दी गई है और उत्तर पुस्तिकाओं पर परीक्षक या इनविजिलेटर के हस्ताक्षर अनिवार्य किए गए हैं। त्योहारों पर लंबी छुट्टी भी छात्रों और शिक्षकों के लिए राहत भरे अवसर लेकर आएगी।

गर्मियों की छुट्टियों में कटौती

West Bengal Board of Secondary Education (WBBSE) ने 2026 के लिए गर्मियों की छुट्टियों में बड़ा बदलाव किया है। बोर्ड ने समर वेकेशन की अवधि 11 दिन से घटाकर सिर्फ 6 दिन कर दी है। नई गाइडलाइन के अनुसार, समर ब्रेक अब 11 मई से 17 मई तक ही रहेगा। बोर्ड का कहना है कि यह कदम शैक्षणिक सत्र को संतुलित करने और छात्रों पर पढ़ाई का दबाव कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।

यह फैसला पश्चिम बंगाल के सभी बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा। हालांकि, इस निर्णय पर अभिभावकों और शिक्षकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली है। बोर्ड का कहना है कि साल भर की कुल छुट्टियां एक निश्चित सीमा में रखी जानी चाहिए, इसी कारण गर्मियों की छुट्टियों में कटौती की गई है।

त्योहारों पर लंबी छुट्टी

हालांकि गर्मियों की छुट्टियां कम हुई हैं, लेकिन बोर्ड ने त्योहारों के दौरान छुट्टियों की अवधि बढ़ा दी है। इस बार दुर्गा पूजा, काली पूजा और भाईफोंटा जैसे बड़े त्योहारों पर लगातार 25 दिन की छुट्टी मिलेगी।

इस बदलाव से न केवल छात्रों को मानसिक राहत मिलेगी, बल्कि परिवार के साथ समय बिताने का मौका भी बढ़ेगा। शिक्षकों और स्कूल स्टाफ के लिए भी यह निर्णय राहतकारी है। लंबे त्योहारों के ब्रेक से स्कूल कम दबाव वाले शेड्यूल में काम कर सकेंगे और बच्चों को भी पढ़ाई और आराम का संतुलन मिलेगा।

परीक्षा और शैक्षणिक प्रक्रिया में बदलाव

WBBSE ने 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। 2026 की परीक्षा में सप्लीमेंट शीट पूरी तरह से बंद कर दी गई है। अब छात्रों को केवल दी गई उत्तर पुस्तिका में ही अपने जवाब लिखने होंगे।

साथ ही, उत्तर पुस्तिकाओं पर हस्ताक्षर अनिवार्य किए गए हैं। परीक्षक या इनविजिलेटर के हस्ताक्षर बिना किसी पृष्ठ पर नहीं होंगे, तो उत्तर पुस्तिका अमान्य मानी जाएगी। यह कदम परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए उठाया गया है और इससे कॉपी बदलने या मार्क्स में गड़बड़ी की संभावना कम हो जाएगी।

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