ब्रिटिश टेनिस खिलाड़ी जैक ड्रेपर लंबे समय से बाएं हाथ की बोन ब्रूजिंग की समस्या से जूझ रहे हैं। चोट के कारण वह कई बड़े टूर्नामेंट मिस कर चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका इलाज सर्जरी नहीं बल्कि आराम और धैर्य है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: ब्रिटेन के उभरते हुए टेनिस सितारे जैक ड्रेपर एक बार फिर अपनी फिटनेस को लेकर चर्चा में हैं। 24 वर्षीय ड्रेपर पिछले एक साल से बाएं हाथ में बोन ब्रूजिंग की समस्या से जूझ रहे हैं, जिसके कारण उनका करियर प्रभावित हुआ है। ड्रेपर ने कई बार अपनी फिटनेस को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं, लेकिन महत्वपूर्ण टूर्नामेंट से ठीक पहले उनकी वापसी रुक गई। ऐसा ही कुछ हाल ही में विंबलडन के दौरान भी देखने को मिला, जब उन्होंने अभ्यास और फिटनेस को लेकर भरोसा जताया था, लेकिन टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही नाम वापस ले लिया। अब उनके प्रशंसकों को चिंता है कि क्या यह चोट उनके करियर के लिए लंबी चुनौती बन सकती है।
क्या है बोन ब्रूजिंग और क्यों होती है यह समस्या?
विशेषज्ञों के अनुसार, बोन ब्रूजिंग हड्डी के अंदर होने वाली एक प्रकार की चोट है। ब्रिटिश ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रोफेसर अमर रंगन के मुताबिक, यह हड्डी के अंदरूनी हिस्से में होने वाला रक्तस्राव होता है। मानव शरीर की ह्यूमरस हड्डी कंधे और कोहनी के बीच स्थित लंबी हड्डी होती है। इसके बाहरी हिस्से को मजबूत कॉर्टिकल बोन कहा जाता है, जबकि अंदर का हिस्सा ट्रैबेक्युलर बोन नामक मुलायम ऊतक से बना होता है। जब इस अंदरूनी हिस्से की छोटी संरचनाओं में टूट-फूट होती है, तो हड्डी के अंदर दबाव बढ़ जाता है और दर्द महसूस होने लगता है।
टेनिस खिलाड़ियों में क्यों बढ़ता है खतरा?
टेनिस खिलाड़ियों के लिए यह चोट खासतौर पर चुनौतीपूर्ण होती है क्योंकि खेल के दौरान हाथ पर लगातार दबाव पड़ता है। विशेष रूप से सर्व करते समय खिलाड़ी को तेजी से हाथ को पीछे ले जाना और फिर तेज गति से आगे बढ़ाना पड़ता है। इस दौरान ह्यूमरस हड्डी पर भारी दबाव पड़ता है, जिससे बोन ब्रूजिंग का खतरा बढ़ जाता है। इस चोट में आमतौर पर गहरा और लगातार दर्द महसूस होता है। कई खिलाड़ियों को हाथ की गति सीमित होने और सूजन जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है।
सर्जरी नहीं, आराम है इलाज
कई प्रशंसकों के मन में सवाल है कि क्या जैक ड्रेपर की चोट को सर्जरी के जरिए ठीक किया जा सकता है। प्रोफेसर अमर रंगन का कहना है कि इस समस्या का समाधान सर्जरी नहीं है। उनके अनुसार, शरीर को खुद हड्डी को ठीक करने और मजबूत बनाने का समय देना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की चोट में सबसे जरूरी चीज धैर्य और पर्याप्त आराम है। सर्जरी करने से स्थिति और खराब हो सकती है क्योंकि इससे प्रभावित क्षेत्र पर अतिरिक्त चोट लग सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि खिलाड़ी को तब तक सावधानी बरतनी चाहिए जब तक हड्डी पूरी तरह मजबूत न हो जाए।
ड्रेपर ने गंवाए कई बड़े टूर्नामेंट
बोन ब्रूजिंग की वजह से जैक ड्रेपर पिछले 12 महीनों में केवल 14 मुकाबले खेल पाए हैं। इस दौरान वह साल के तीनों ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों में हिस्सा नहीं ले सके। लगातार मैचों से दूर रहने के कारण उनकी विश्व रैंकिंग भी प्रभावित हुई है और वह अब शीर्ष 150 खिलाड़ियों की सीमा के करीब पहुंच गए हैं। आगामी US Open में खेलने के लिए उन्हें क्वालीफाइंग दौर से गुजरना पड़ सकता है या फिर आयोजकों से वाइल्डकार्ड की जरूरत पड़ सकती है।

अन्य खिलाड़ियों ने भी झेली है ऐसी चोट
जैक ड्रेपर अकेले ऐसे खिलाड़ी नहीं हैं जिन्होंने बोन ब्रूजिंग का सामना किया है। ब्रिटेन के अन्य टेनिस खिलाड़ी आर्थर फेरी और टोबी सैमुअल भी इस समस्या से गुजर चुके हैं। आर्थर फेरी ने 2024 और 2025 के दौरान इस चोट के कारण काफी समय कोर्ट से बाहर बिताया था। हालांकि बाद में उन्होंने शानदार वापसी की और विंबलडन में सेमीफाइनल तक पहुंचकर सबको चौंका दिया। वहीं टोबी सैमुअल भी लगभग एक साल तक खेल से दूर रहने के बाद वापसी कर रहे हैं। दोनों खिलाड़ियों का अनुभव बताता है कि इस चोट से उबरना संभव है, लेकिन इसके लिए समय और धैर्य जरूरी है।
ड्रेपर ने बदली खेलने की रणनीति
चोट का पता चलने के बाद ड्रेपर ने अपनी खेल शैली में भी बदलाव किए हैं। उन्होंने शुरुआत में दर्द के बावजूद खेलने की कोशिश की, लेकिन बाद में सावधानी बरतने का फैसला किया। उन्होंने अपनी सर्व तकनीक में बदलाव करते हुए प्लेटफॉर्म सर्व अपनाई। इसमें खिलाड़ी पैरों की स्थिति को थोड़ा चौड़ा रखता है ताकि शरीर का वजन आसानी से ट्रांसफर हो सके और हाथ पर दबाव कम पड़े। हालांकि इस बदलाव से उनके घुटने पर असर पड़ा और उन्हें एक अन्य चोट का भी सामना करना पड़ा।
रिकवरी के लिए हर संभव प्रयास
ड्रेपर ने अपनी फिटनेस सुधारने के लिए कई उपाय अपनाए हैं। इसमें आइस बाथ, सॉना, रेड लाइट थेरेपी और बेहतर नींद व पोषण पर ध्यान देना शामिल है। उनका कहना है कि इस तरह की चोट के बाद खिलाड़ी अपने शरीर को समझने और रिकवरी के हर पहलू पर ध्यान देने लगता है। उन्होंने स्वीकार किया कि अब वह अपनी जीवनशैली को पहले से ज्यादा पेशेवर स्तर पर संभाल रहे हैं।
वापसी के लिए धैर्य जरूरी
जैक ड्रेपर का लक्ष्य जल्द से जल्द कोर्ट पर लौटना है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि जल्दबाजी उनकी समस्या को बढ़ा सकती है। बोन ब्रूजिंग ऐसी चोट है जिसमें कोई तुरंत समाधान नहीं होता। खिलाड़ी को धीरे-धीरे शरीर को मजबूत बनाने और सही समय पर वापसी करने की जरूरत होती है। ड्रेपर की कहानी यह दिखाती है कि आधुनिक टेनिस में फिटनेस और चोट प्रबंधन कितना महत्वपूर्ण हो गया है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि वह कब पूरी तरह स्वस्थ होकर प्रतिस्पर्धी टेनिस में वापसी करते हैं।











