जमशेदपुर में विसर्जन जुलूस के दौरान हंगामा और मारपीट, रास्ते को लेकर भिड़े दो पक्ष; 3 युवक घायल

जमशेदपुर के काशीडीह में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान रास्ते को लेकर दो पक्ष भिड़ गए। मारपीट और धारदार हथियार से हमले में 3 युवक घायल हुए।
जमशेदपुर में विसर्जन जुलूस के दौरान हंगामा और मारपीट, रास्ते को लेकर भिड़े दो पक्ष; 3 युवक घायल
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जमशेदपुर के साकची थाना क्षेत्र के काशीडीह इलाके में गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान रास्ते को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। रविवार देर रात जुलूस के दौरान दो पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई और फिर मारपीट शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर धारदार हथियार से हमला किए जाने और पथराव की भी बात सामने आई है। घटना में तीन युवक घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां एक युवक की हालत गंभीर बताई गई और उसे बेहतर इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) रेफर किया गया।

जानकारी के अनुसार, काशीडीह लाइन नंबर-13 स्थित गणेश पूजा समिति की ओर से रविवार रात गणेश प्रतिमा के विसर्जन के लिए जुलूस निकाला गया था। जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे और डीजे की धुन पर युवक नाचते हुए आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान रास्ता देने और जुलूस से आगे निकलने को लेकर विवाद शुरू हुआ। कुछ ही देर में कहासुनी ने मारपीट का रूप ले लिया और मौके पर मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, जुलूस से आगे निकलने के लिए रास्ता मांगने को लेकर शुभम नाम के युवक का जुलूस में शामिल कुछ लोगों से विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी दौरान उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद वह वहां से चला गया और कुछ समय बाद अपने मोहल्ले के युवकों के साथ वापस आया। इसके बाद दोनों पक्ष एक बार फिर आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी।

दूसरी ओर, पुलिस और स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक जुलूस के दौरान विवाद के बाद एक पक्ष की ओर से 10 से 15 युवकों के पहुंचने और हथियार व लाठी-डंडे लेकर हमला करने का आरोप लगाया गया है। इस दौरान मारपीट के साथ पथराव भी हुआ। जुलूस में शामिल डीजे वाहन को भी नुकसान पहुंचाया गया। पूजा समिति के एक सदस्य पर चापड़ से हमला किए जाने की बात भी रिपोर्ट में सामने आई है। इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।

हिंसक झड़प में तीन युवक घायल हुए। टाउन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार घायलों की पहचान जय कुमार यादव, सोनू यादव और कुंभ यादव के रूप में हुई है। तीनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। जय कुमार यादव का एमजीएम अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि सोनू यादव और कुंभ यादव को बेहतर उपचार के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। एक घायल युवक की हालत गंभीर बताई गई है।

घटना के बाद काशीडीह इलाके में कुछ देर के लिए तनाव और अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, इसलिए विवाद बढ़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। पुलिस ने उपद्रव कर रहे लोगों को वहां से हटाया और इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की।

घटना की सूचना मिलते ही साकची थाना पुलिस दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों से जानकारी ली और विवाद की वजह समझने का प्रयास किया। सुरक्षा को देखते हुए क्यूआरटी की तैनाती की गई। संवेदनशील इलाकों में पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई और फ्लैग मार्च भी कराया गया, ताकि घटना के बाद किसी तरह का तनाव दोबारा न बढ़े।

पुलिस ने घटनास्थल पर स्थिति नियंत्रित करने के साथ ही घटना में शामिल लोगों की पहचान शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों की पहचान की जा रही है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। मामले में जो भी लोग मारपीट, पथराव या हथियार से हमला करने में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद इलाके में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है। काशीडीह के संवेदनशील स्थानों पर जवानों की तैनाती की गई है। पुलिस लगातार इलाके की स्थिति पर नजर रख रही है, ताकि किसी भी तरह की दोबारा झड़प या विवाद की स्थिति पैदा न हो। अधिकारियों की कोशिश है कि मामला आगे न बढ़े और सामान्य स्थिति बनी रहे।

विसर्जन जुलूस के दौरान हुई इस घटना में डीजे वाहन को नुकसान पहुंचने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने क्षतिग्रस्त डीजे वाहन को जब्त कर थाने ले जाने की जानकारी दी है। इससे पुलिस को घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्य जुटाने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा मौके पर मौजूद लोगों के बयान और उपलब्ध वीडियो फुटेज की भी जांच की जा सकती है, ताकि विवाद की शुरुआत और बाद की घटनाओं का क्रम स्पष्ट हो सके।

फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस घायलों के इलाज, इलाके में शांति बनाए रखने और घटना में शामिल आरोपियों की पहचान पर है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार माहौल नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर अतिरिक्त बल तैनात रखा गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

घटना को लेकर यह भी महत्वपूर्ण है कि अलग-अलग रिपोर्टों में विवाद की शुरुआत को लेकर अलग विवरण सामने आए हैं। एक रिपोर्ट में रास्ता मांगने और जुलूस से आगे निकलने को लेकर विवाद शुरू होने की बात कही गई है, जबकि दूसरी रिपोर्ट में जुलूस के दौरान डांस करने के दौरान विवाद शुरू होने का उल्लेख है। इसलिए पूरे घटनाक्रम की वास्तविक शुरुआत और दोनों पक्षों की भूमिका पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

इस घटना के बाद पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। धार्मिक जुलूस के दौरान छोटी कहासुनी को हिंसक रूप लेने से रोकना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होता है। काशीडीह में हुई घटना के बाद पुलिस की अतिरिक्त तैनाती और फ्लैग मार्च इसी एहतियाती व्यवस्था का हिस्सा है। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।

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