जमुई में नाबालिग से छेड़छाड़ के मामले को लेकर निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ अपराधों का जिक्र करते हुए सरकार से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
पटना: जमुई में नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के मामले के बाद पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों में कानून का डर कम हुआ है और महिलाओं के खिलाफ अपराधों की घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं। सांसद ने जमुई की घटना का जिक्र करते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत बताई।
जमुई घटना को लेकर पप्पू यादव ने उठाए सवाल
जमुई में नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के मामले और तीन संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने के बाद निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने घटना का जिक्र करते हुए कहा कि लोगों के भीतर संविधान, कानून और सरकार का डर क्यों नहीं है।

पप्पू यादव ने दावा किया कि पीड़ित बच्ची के साथ करीब आधे घंटे तक छेड़छाड़ की गई। इसके बाद लगभग 25 मिनट तक बच्चों के साथ अभद्रता और मारपीट की गई। उन्होंने इस घटना को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
महिलाओं के खिलाफ अपराधों का किया जिक्र
सांसद ने बिहार में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराधों का जिक्र करते हुए औरंगाबाद में कार के भीतर लड़कियों के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और बसों में हुई ऐसी घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य के मौजूदा हालात ठीक नहीं हैं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीरता से कदम उठाए जाने चाहिए।
पप्पू यादव ने कहा कि स्कूल, मंदिर और ऐसे स्थानों पर जहां बड़ी संख्या में बच्चे एकत्र होते हैं, वहां सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग पहले भी की गई है। उनके अनुसार, इन जगहों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से चिंता बनी हुई है।
सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर साधा निशाना
पप्पू यादव ने बिहार की सरकार और उसकी कानून-व्यवस्था पर भी निशाना साधा। उन्होंने अपने बयान में ‘डबल इंजन सरकार’ का जिक्र करते हुए राज्य में अपराधियों के बीच कानून के डर को लेकर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि जमुई में घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल हैं। सांसद ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए पुलिस की मौजूदगी तथा निगरानी बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।
जमुई मामले में पुलिस की ओर से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। घटना को लेकर सांसद के बयान के बीच महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है।










