जापान के चिबा प्रीफेक्चर में रिकॉर्ड बारिश से बाढ़ और जलभराव ने भारी तबाही मचाई है। हादसों में कम से कम चार लोगों की मौत हुई, जबकि एक व्यक्ति लापता है। हजारों यात्री फंसे और 26 हजार से अधिक घरों की बिजली गुल हुई।
टोक्यो: जापान के पूर्वी हिस्से में रिकॉर्ड तोड़ भारी बारिश ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। बाढ़, भूस्खलन और जलभराव के कारण सड़कें और रेलवे लाइनें प्रभावित हुईं, जबकि हजारों यात्री फंस गए। अधिकारियों के मुताबिक, कम से कम चार लोगों की मौत हुई है और एक अन्य व्यक्ति के भी मारे जाने की आशंका है।
चिबा में सबसे ज्यादा तबाही
भारी बारिश का सबसे गंभीर असर टोक्यो से सटे चिबा प्रीफेक्चर में देखने को मिला। गुरुवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। मौसम विभाग ने चिबा क्षेत्र के लिए पहली बार भारी बारिश की सर्वोच्च स्तर की चेतावनी जारी की।
24 घंटे के भीतर कुछ इलाकों में 360 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। चिबा शहर में केवल एक घंटे के दौरान 115 मिलीमीटर बारिश हुई, जो वहां एक नया रिकॉर्ड है। वहीं, साकुरा शहर में एक घंटे में 97 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिसने वहां का पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया।
लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी तेजी से भर गया। घरों, कारों और रेलवे ट्रैक तक बाढ़ के पानी में डूब गए। कई स्थानों पर मिट्टी और मलबे के साथ पानी सड़कों पर फैल गया, जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
चार लोगों की मौत, एक लापता
चिबा प्रीफेक्चर के आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार, बारिश और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में कम से कम चार लोगों की जान चली गई। मृतकों में 60 या 70 वर्ष की उम्र का एक व्यक्ति शामिल है, जिसे बाढ़ के पानी से भरी सड़क पर बहते हुए पाया गया।
एक 66 वर्षीय महिला अपनी पानी में डूबी कार के अंदर फंस गई थी। बाद में उसे मृत पाया गया। तीसरा व्यक्ति सड़क पर बेहोशी की हालत में मिला, जबकि चौथे मृतक की उम्र और लिंग की तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी।
अधिकारियों ने एक अन्य व्यक्ति के भी मृत होने की आशंका जताई है, जबकि छठे व्यक्ति के लापता होने की सूचना सामने आई है। बचाव और तलाश अभियान के बीच अधिकारियों ने लोगों से प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
रातभर स्टेशन और राहत केंद्रों में फंसे यात्री
बारिश के कारण रेलवे सेवाएं बाधित होने से सैकड़ों यात्री चिबा स्टेशन समेत कई अन्य स्टेशनों पर फंस गए। ट्रेन सेवाएं रुकने के बाद यात्रियों को रात गुजारने के लिए अस्थायी राहत केंद्रों और सरकारी इमारतों में भेजा गया।
चिबा शहर में कई लोगों ने सरकारी भवनों में बनाए गए अस्थायी आश्रय केंद्रों में रात बिताई। वहां लोगों को आपातकालीन परिस्थितियों में इस्तेमाल होने वाले फॉयल ब्लैंकेट उपलब्ध कराए गए।
जापान की ग्राउंड सेल्फ-डिफेंस फोर्स ने भी राहत अभियान में हिस्सा लिया। सेना ने करीब 4,000 ऐसे लोगों को निकालने के लिए बसें भेजीं, जिन्होंने सोगा रेलवे स्टेशन पर रात गुजारी थी। सोगा स्टेशन टोक्यो की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है और यह क्षेत्र टोक्यो डिज्नी के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।
26 हजार से ज्यादा घरों की बिजली गुल
भारी बारिश और खराब मौसम के कारण चिबा प्रीफेक्चर में बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई। शुक्रवार सुबह तक 26,000 से ज्यादा घरों में बिजली नहीं थी।
बिजली कटौती और परिवहन व्यवस्था बाधित होने से स्थानीय कारोबार और दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं। चिबा के इचिकावा शहर की एक महिला ने स्थानीय मीडिया को बताया कि स्थिति अचानक बिगड़ गई और बिजली चले जाने के कारण उन्हें चिंता है कि आने वाले दिनों में उनका कारोबार सामान्य रूप से चल पाएगा या नहीं।
प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बिजली बहाली के प्रयास तेज कर दिए हैं।
चिबा के गवर्नर ने बताया असाधारण हालात
चिबा के गवर्नर तोशिहितो कुमागाई ने शुक्रवार सुबह हालात को बेहद असामान्य बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में कई आपदाओं का सामना किया है, लेकिन इस तरह की स्थिति पहले कभी नहीं देखी।
उनका बयान इस बात को दर्शाता है कि कम समय में हुई अत्यधिक बारिश ने स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी।
बारिश के कारण कई इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया था। मौसम विभाग ने हालात पर लगातार निगरानी रखी और बारिश की तीव्रता कम होने के बाद चिबा के कई नगरपालिकाओं के लिए जारी सबसे गंभीर चेतावनी को शुक्रवार सुबह डाउनग्रेड किया।
हालांकि, मौसम विभाग ने दिन में दोबारा बारिश होने की संभावना जताई, जिससे राहत और बचाव अभियान के बीच सतर्कता बनाए रखने की जरूरत बनी रही।

सड़क और रेलवे नेटवर्क पर भारी असर
रिकॉर्ड बारिश ने जापान के परिवहन ढांचे को भी प्रभावित किया। कई सड़कें पानी में डूब गईं और कुछ रेलवे ट्रैक भी बाढ़ की चपेट में आ गए। कई जगहों पर ट्रेन सेवाएं रोकनी पड़ीं, जिससे हजारों यात्रियों की यात्रा प्रभावित हुई।
बाढ़ का पानी कम होने के बाद प्रशासन ने प्रभावित सड़कों और रेलवे लाइनों का निरीक्षण शुरू किया। अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती परिवहन सेवाओं को सुरक्षित तरीके से सामान्य करना है।
स्थानीय मीडिया में सामने आई तस्वीरों और वीडियो में घरों के आसपास जमा कीचड़युक्त पानी, डूबी हुई कारें और बाढ़ से प्रभावित रेलवे लाइनें दिखाई दीं। कुछ इलाकों में लोगों को अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा।
टोक्यो के प्रमुख एयरपोर्ट पर भी फंसे यात्री
बारिश का असर हवाई यात्रा पर भी पड़ा। टोक्यो के प्रमुख हवाई अड्डों में से एक पर हजारों यात्री रातभर फंसे रहे। हालांकि शुक्रवार को सभी निर्धारित उड़ानों के सामान्य रूप से संचालित होने की उम्मीद जताई गई।
हवाई अड्डे तक पहुंचने वाले परिवहन मार्गों में व्यवधान और ट्रेन सेवाओं के रुकने से यात्रियों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई लोगों को एयरपोर्ट परिसर में ही रात बितानी पड़ी।
अधिकारियों और एयरलाइन कंपनियों ने यात्रियों को यात्रा से पहले उड़ानों और स्थानीय परिवहन सेवाओं की ताजा स्थिति जांचने की सलाह दी है।
जापान में चरम मौसम की एक और चुनौती
जापान पहले भी भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करता रहा है। लेकिन चिबा में कम समय के भीतर रिकॉर्ड स्तर की बारिश ने एक बार फिर चरम मौसम की घटनाओं से निपटने की चुनौती को सामने ला दिया है।
देश के दक्षिणी हिस्सों में हाल ही में टाइफून डॉल्फिन का भी असर देखा गया था। ऐसे में प्रशासन के लिए मौसम की बदलती परिस्थितियों पर लगातार नजर रखना महत्वपूर्ण हो गया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अत्यधिक कम समय में बहुत ज्यादा बारिश होने पर शहरी इलाकों में जल निकासी व्यवस्था पर दबाव तेजी से बढ़ता है। इससे सड़कें, रेलवे और बिजली नेटवर्क प्रभावित हो सकते हैं तथा भूस्खलन का खतरा भी बढ़ जाता है।
राहत और बचाव अभियान जारी
फिलहाल स्थानीय प्रशासन, पुलिस, दमकल सेवाएं और जापान की सेल्फ-डिफेंस फोर्स प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, लापता लोगों की तलाश करने और बिजली तथा परिवहन सेवाओं को बहाल करने की है।
मौसम विभाग की ओर से आगे बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने को कहा है। बाढ़ और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय अधिकारियों की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
रिकॉर्ड बारिश से हुई तबाही ने चिबा और आसपास के क्षेत्रों में जनजीवन को प्रभावित किया है। चार लोगों की मौत, कई लोगों के घायल या लापता होने, हजारों यात्रियों के फंसने और हजारों घरों की बिजली गुल होने के बाद अब प्रशासन का ध्यान नुकसान का आकलन करने और प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौटाने पर है।












