जापान की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी Toyota Motor Corporation लंबे समय तक दुनिया में सबसे बड़ी कार निर्माता और देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में से एक रही है, लेकिन अब स्थिति बदलती दिख रही है।
बिजनेस न्यूज़: जापान के शेयर बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां लगभग 26 वर्षों में पहली बार ऑटोमोबाइल दिग्गज टोयोटा मोटर कॉर्पोरेशन देश की सबसे मूल्यवान कंपनी नहीं रही। हालिया बाजार गतिविधियों और तकनीकी शेयरों में तेजी के चलते सॉफ्टबैंक ग्रुप और KIOXIA होल्डिंग्स कॉर्पोरेशन ने मार्केट कैप के आधार पर टोयोटा को पीछे छोड़ दिया है।
यह बदलाव वैश्विक निवेश प्रवृत्तियों में हो रहे परिवर्तन को भी दर्शाता है, जहां अब निवेशकों का झुकाव पारंपरिक औद्योगिक कंपनियों से हटकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर सेक्टर की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
सॉफ्टबैंक ग्रुप बना जापान की सबसे मूल्यवान कंपनी
मासायोशी सोन के नेतृत्व वाली SoftBank Group ने हालिया ट्रेडिंग सत्र में लगभग 14 प्रतिशत की तेज बढ़त दर्ज की। इस उछाल के साथ कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर करीब 304 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जिससे यह जापान की सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बन गई। सॉफ्टबैंक का निवेश पोर्टफोलियो AI और टेक्नोलॉजी सेक्टर में केंद्रित है। कंपनी ने OpenAI जैसे बड़े AI खिलाड़ियों और अन्य टेक-इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में निवेश किया है। वैश्विक स्तर पर AI की बढ़ती मांग ने इसके शेयरों में मजबूत रैली को समर्थन दिया है।
विश्लेषकों के अनुसार, AI आधारित कंपनियों में निवेश को लेकर बढ़ती उम्मीदों ने सॉफ्टबैंक के मूल्यांकन को ऐतिहासिक स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
KIOXIA की मजबूत छलांग

सेमीकंडक्टर और स्टोरेज समाधान कंपनी KIOXIA Holdings Corporation ने भी बाजार में जोरदार प्रदर्शन किया है। कंपनी के शेयरों में लगभग 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे इसका बाजार मूल्यांकन बढ़कर लगभग 249.82 अरब डॉलर तक पहुंच गया। मेमोरी चिप्स और डेटा स्टोरेज सेक्टर में बढ़ती वैश्विक मांग के कारण KIOXIA के शेयरों में निवेशकों की रुचि तेजी से बढ़ी है। AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर विस्तार जैसे क्षेत्रों में इसकी तकनीक का व्यापक उपयोग हो रहा है।
टोयोटा की स्थिति में गिरावट
दुनिया की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनी Toyota Motor Corporation अब जापान की सबसे मूल्यवान कंपनी नहीं रही। कंपनी का मार्केट कैप घटकर लगभग 247.56 अरब डॉलर रह गया है। इस वर्ष अब तक टोयोटा के शेयरों में लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक ऑटो उद्योग में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, विशेषकर इलेक्ट्रिक वाहनों और चीनी ऑटो निर्माताओं की तेज प्रगति, ने कंपनी के प्रदर्शन पर दबाव डाला है।
AI और टेक शेयरों की ओर निवेशकों का रुझान
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव केवल एक कंपनी की गिरावट या वृद्धि नहीं है, बल्कि वैश्विक निवेश प्रवृत्तियों में बड़े बदलाव का संकेत है। पिछले कुछ वर्षों में AI, सेमीकंडक्टर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों की ओर निवेशकों का झुकाव तेजी से बढ़ा है। इसके विपरीत, पारंपरिक ऑटोमोबाइल कंपनियां इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और सप्लाई चेन चुनौतियों के कारण दबाव में हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सॉफ्टबैंक ने आखिरी बार वर्ष 2000 के इंटरनेट बबल के दौरान कुछ समय के लिए टोयोटा को पीछे छोड़ा था। इसके बाद लगभग ढाई दशक तक टोयोटा लगातार जापान की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही। वर्तमान बदलाव को विशेषज्ञ “टेक्नोलॉजी-ड्रिवन मार्केट रोटेशन” का उदाहरण मान रहे हैं, जहां निवेशक तेजी से AI और डिजिटल सेक्टर की ओर शिफ्ट हो रहे हैं।











