पार्ट टाइम जॉब के नाम पर 24 लाख की साइबर ठगी, झज्जर पुलिस ने बैंक खाता देने वाले आरोपी को पकड़ा

झज्जर में पार्ट टाइम जॉब और ऑनलाइन टास्क के नाम पर करीब ₹24 लाख की साइबर ठगी हुई। पुलिस ने ₹5,000 कमीशन पर बैंक खाता देने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया।

झज्जर में ऑनलाइन टास्क और पार्ट टाइम जॉब का लालच देकर करीब ₹24 लाख की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने राजस्थान निवासी मयंक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने ₹5,000 कमीशन के बदले अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था।

झज्जर: हरियाणा के झज्जर में पार्ट टाइम जॉब और ऑनलाइन टास्क के जरिए कमाई का झांसा देकर करीब ₹24 लाख की साइबर ठगी के मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, राजस्थान निवासी मयंक ने कथित तौर पर ₹5,000 कमीशन के बदले अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

ऑनलाइन टास्क के नाम पर शुरू हुई ठगी

झज्जर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने पार्ट टाइम जॉब और ऑनलाइन टास्क के जरिए पैसे कमाने का लालच देकर करीब ₹24 लाख की धोखाधड़ी करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

पुलिस के मुताबिक, तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों से जुड़ी जानकारी के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजस्थान की कृष्णा कॉलोनी निवासी मयंक के रूप में हुई है।

थाना साइबर क्राइम झज्जर के थाना प्रभारी निरीक्षक दर्शन सिंह ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने अपना बैंक खाता ₹5,000 कमीशन के बदले उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है।

WhatsApp पर मिला था पार्ट टाइम जॉब का मैसेज

मामले की शिकायत बादली निवासी एक व्यक्ति ने दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 11 जनवरी 2025 को उसके मोबाइल फोन पर WhatsApp के जरिए पार्ट टाइम जॉब से संबंधित मैसेज आया था।

मैसेज में रोजाना ₹1,000 से ₹1,500 तक कमाई का लालच दिया गया था। इसके साथ ही ऑनलाइन टास्क पूरा करने पर अतिरिक्त लाभ मिलने की बात कही गई। शुरुआत में शिकायतकर्ता को कुछ रकम का लाभ भी दिया गया, जिससे उसका आरोपियों पर भरोसा बढ़ गया।

इसके बाद आरोपियों के कहने पर शिकायतकर्ता अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करता रहा। धीरे-धीरे जमा की गई राशि बढ़ती गई और बाद में उसे इस पूरी गतिविधि में धोखाधड़ी का अहसास हुआ।

करीब 24 लाख रुपये अलग-अलग खातों में जमा

शिकायतकर्ता के अनुसार, जब उसे ठगी का पता चला तब तक वह आरोपियों के बताए बैंक खातों में करीब ₹24 लाख जमा कर चुका था। इसके बाद उसने पुलिस से संपर्क किया और मामले की शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच शुरू की। इसी जांच के आधार पर मयंक को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब आरोपी की भूमिका के साथ-साथ इस साइबर ठगी में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।

आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजा गया

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को झज्जर की अदालत में पेश किया। अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी का बैंक खाता किन लोगों के संपर्क में था और ठगी की रकम को आगे कहां भेजा गया। पुलिस अन्य संभावित आरोपियों और इस नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों की भी जांच कर रही है।

मामला एक बार फिर ऑनलाइन पार्ट टाइम जॉब और टास्क के नाम पर होने वाली साइबर ठगी के तरीके को सामने लाता है, जिसमें शुरुआती स्तर पर छोटी रकम का लाभ देकर पीड़ित का भरोसा बनाया जाता है और बाद में उससे बड़ी रकम अलग-अलग खातों में जमा कराई जाती है।

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