पुणे में आयोजित 5वीं इंडिया ताइक्वांडो नेशनल चैंपियनशिप 2026 में नागालैंड के सुदेह लामलियू ने कैडेट बॉयज अंडर-33 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर और ऋषि डोइमारी ने अंडर-45 किलोग्राम वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर राज्य का नाम रोशन किया।
कोहिमा: महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित 5वीं इंडिया ताइक्वांडो नेशनल चैंपियनशिप 2026 में नागालैंड के दो खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य के लिए दो पदक जीते। सुदेह लामलियू ने कैडेट बॉयज अंडर-33 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल हासिल किया, जबकि ऋषि डोइमारी ने अंडर-45 किलोग्राम वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर प्रतियोगिता में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।
पुणे में हुई राष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप
5वीं इंडिया ताइक्वांडो नेशनल चैंपियनशिप 2026 का आयोजन महाराष्ट्र के पुणे में किया गया। देश के विभिन्न राज्यों से युवा खिलाड़ियों ने इसमें हिस्सा लिया और अलग-अलग भार वर्गों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में नागालैंड का प्रतिनिधित्व करने वाले सुदेह लामलियू और ऋषि डोइमारी ने अपने-अपने मुकाबलों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पदक हासिल किए।
दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि को नागालैंड के खेल जगत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में पदक जीतना खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और प्रशिक्षण का परिणाम है।
सुदेह लामलियू ने जीता सिल्वर मेडल
नागालैंड के सुदेह लामलियू ने कैडेट बॉयज अंडर-33 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उन्होंने प्रतियोगिता के अलग-अलग चरणों में गुजरात, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना के खिलाड़ियों को हराकर फाइनल में जगह बनाई।
लामलियू ने शुरुआती मुकाबलों से ही प्रभावशाली प्रदर्शन किया। लगातार जीत दर्ज करते हुए उन्होंने अपने भार वर्ग के मजबूत खिलाड़ियों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा की और फाइनल तक पहुंचे। हालांकि, अंतिम मुकाबले में उन्हें जीत नहीं मिली और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
इसके बावजूद फाइनल तक पहुंचना उनके लिए बड़ी उपलब्धि रही। राष्ट्रीय स्तर पर कई राज्यों के खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा में जगह बनाकर पदक जीतना उनके भविष्य की संभावनाओं को भी मजबूत करता है।
ऋषि डोइमारी ने कांस्य पदक जीता
नागालैंड के दूसरे खिलाड़ी ऋषि डोइमारी ने अंडर-45 किलोग्राम वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। उन्होंने प्रतियोगिता के शुरुआती चरण में पुडुचेरी और राजस्थान के खिलाड़ियों के खिलाफ जीत दर्ज की और सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
सेमीफाइनल तक पहुंचने के बाद डोइमारी को कांस्य पदक मिला। उनकी लगातार जीत ने प्रतियोगिता में नागालैंड की चुनौती को मजबूत बनाए रखा। राष्ट्रीय मंच पर यह पदक उनके लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है और इससे युवा ताइक्वांडो खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।
राज्य के लिए दो पदक बड़ी उपलब्धि
एक ही राष्ट्रीय प्रतियोगिता में नागालैंड के दो खिलाड़ियों का पदक जीतना राज्य के ताइक्वांडो क्षेत्र के लिए उत्साहजनक परिणाम है। खेलों में पूर्वोत्तर भारत के खिलाड़ियों की बढ़ती भागीदारी के बीच इन दोनों खिलाड़ियों की सफलता राज्य में उभरती खेल प्रतिभाओं को दर्शाती है।
ताइक्वांडो में खिलाड़ियों को तकनीक, गति, फिटनेस और मानसिक मजबूती के साथ मुकाबला करना पड़ता है। राष्ट्रीय स्तर पर लगातार कई मुकाबले जीतकर पदक तक पहुंचना खिलाड़ियों की तैयारी और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दिखाता है।
लामलियू और डोइमारी की उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों ने अलग-अलग भार वर्गों में नागालैंड का प्रतिनिधित्व करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
नागालैंड ताइक्वांडो एसोसिएशन ने दी बधाई
नागालैंड ताइक्वांडो एसोसिएशन ने दोनों खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी। एसोसिएशन ने उनके प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि दोनों खिलाड़ियों ने राज्य का नाम रोशन किया है।
खिलाड़ियों की सफलता के पीछे उनके प्रशिक्षकों, परिवारों और खेल संगठन के सहयोग की भी अहम भूमिका रहती है। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में इस तरह के प्रदर्शन से युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने और बड़े मंचों पर प्रतिस्पर्धा करने का प्रोत्साहन मिलता है।
युवा खिलाड़ियों के लिए बढ़ा उत्साह
नागालैंड में खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिहाज से ऐसे परिणाम महत्वपूर्ण माने जाते हैं। ताइक्वांडो जैसे मार्शल आर्ट खेलों में युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को अपनी क्षमता साबित करने का मंच देती हैं।
सुदेह लामलियू का सिल्वर और ऋषि डोइमारी का ब्रॉन्ज मेडल नागालैंड के लिए इस चैंपियनशिप की उल्लेखनीय उपलब्धियां हैं। दोनों खिलाड़ियों का प्रदर्शन आने वाले समय में राज्य के ताइक्वांडो कार्यक्रमों और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन सकता है।
पुणे में आयोजित इस प्रतियोगिता से नागालैंड को दो पदक मिलने के बाद राज्य के खेल प्रेमियों में भी उत्साह है। अब खिलाड़ियों की नजर भविष्य की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने पर होगी।









