केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने झारखंड की हजारीबाग-बगोदर समेत कई प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं को मंजूरी देने से इनकार किया है। जमीन की अनुपलब्धता और परियोजनाओं में देरी को इसके प्रमुख कारण बताया गया है।
रांची: झारखंड सरकार की ओर से प्रस्तावित हजारीबाग-बगोदर समेत कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिल सकी है। मंत्रालय ने जमीन की अनुपलब्धता, परियोजनाओं में देरी और निर्धारित शर्तों के पालन में कमी को इसकी वजह बताया है। इस फैसले के बाद राज्य के पथ निर्माण विभाग और केंद्र के बीच पेनल्टी तथा लंबित कंटीजेंसी फंड को लेकर विवाद भी सामने आया है।
हजारीबाग-बगोदर समेत कई परियोजनाओं पर अटकी मंजूरी
झारखंड सरकार ने राज्य की कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के पास प्रस्ताव भेजे थे। इनमें हजारीबाग-बगोदर सड़क परियोजना भी शामिल थी।
हालांकि, केंद्रीय मंत्रालय ने मौजूदा प्रस्तावों को मंजूरी देने से इनकार कर दिया। मंत्रालय की ओर से परियोजनाओं से जुड़ी जमीन की उपलब्धता और काम में हुई देरी को प्रमुख वजह बताया गया है। इससे राज्य में प्रस्तावित सड़क योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
परियोजनाओं में देरी पर पेनल्टी को लेकर विवाद
केंद्र और झारखंड सरकार के बीच सड़क परियोजनाओं को लेकर विवाद सिर्फ मंजूरी तक सीमित नहीं है। परियोजनाओं में देरी और निर्धारित शर्तों का पालन नहीं होने का हवाला देते हुए केंद्रीय मंत्रालय ने राज्य के पथ निर्माण विभाग पर पेनल्टी भी लगाई है।
राज्य के पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों ने इस कार्रवाई के कानूनी आधार पर सवाल उठाए हैं। विभाग का कहना है कि पेनल्टी लगाने के अधिकार को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है और मंत्रालय की कार्रवाई के अधिकार क्षेत्र पर भी सवाल खड़े होते हैं।
कंटीजेंसी फंड रोकने का राज्य सरकार का आरोप
विवाद के बीच झारखंड के पथ निर्माण विभाग ने केंद्रीय मंत्रालय पर कंटीजेंसी यानी आपातकालीन फंड का भुगतान रोकने का आरोप लगाया है। विभाग के अनुसार, लंबित राशि उपलब्ध नहीं होने से सड़क परियोजनाओं के वित्तीय प्रबंधन पर असर पड़ रहा है।
राज्य सरकार ने बकाया कंटीजेंसी राशि जल्द जारी करने की मांग को लेकर केंद्रीय मंत्रालय को आधिकारिक पत्र भी भेजा है। सरकार का कहना है कि लंबित भुगतान होने से सड़क परियोजनाओं से जुड़े काम को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
पहले कई परियोजनाओं को मिल चुकी है मंजूरी
केंद्रीय मंत्रालय पहले झारखंड की कई सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दे चुका है। हालांकि, हाल में भेजे गए कुछ प्रस्तावों को तकनीकी और प्रक्रियात्मक कमियों का हवाला देकर स्वीकृति नहीं दी गई है।
इस फैसले से राज्य की प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं की प्रगति पर असर पड़ने की आशंका है। अब राज्य सरकार और केंद्रीय मंत्रालय के बीच जमीन उपलब्धता, परियोजनाओं में देरी, पेनल्टी और लंबित कंटीजेंसी फंड जैसे मुद्दों पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।










