Jharkhand: झारखंड में विधानसभा की 11 सीटों के लिए जेडीयू ने ठोका था दावा, फिर भी नहीं मिली एक भी सीट, जानें क्या है रणनीति?

Jharkhand: झारखंड में चुनावी घमासान, विधानसभा की 11 सीटों के लिए जेडीयू ने ठोका था दावा, फिर भी नहीं मिली एक भी सीट, जानें क्या है रणनीति?Jharkhand: झारखंड में

झारखंड में 13 नवंबर को पहले चरण का चुनाव होने वाला है। एनडीए गठबंधन में सीटों का बंटवारा किया गया है, जिसमें जदयू को दो सीटें मिली हैं। पार्टी के अध्यक्ष खीरू महतो की इच्छा है कि कम से कम एक सीट और बढ़ाई जाए ताकि उनकी बात सुनी जा सके। वे रविवार को पटना में नीतीश कुमार से मुलाकात करेंगे। जदयू को तमाड़ और जमशेदपुर पश्चिमी सीटें मिली हैं, जबकि लोजपा (आर) को एक सीट प्राप्त हुई है।

Jharkhand Election 2024: झारखंड में 13 नवंबर को पहले चरण का चुनाव होने वाला है। इस चुनाव को लेकर विभिन्न राजनीतिक पार्टियां सीटों के लिए संघर्ष कर रही हैं। इंडी गठबंधन के साथ एनडीए के घटक दलों के बीच भी सीटों का बंटवारा किया गया है। इस संदर्भ में जदयू ने एनडीए गठबंधन के तहत जिन 11 सीटों पर अपना दावा पेश किया था, उनमें से एक भी सीट नहीं मिली।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष खीरू महतो ने भी स्वीकार किया है कि भाजपा ने जिन दो सीटों, तमाड़ और जमशेदपुर पश्चिमी, को दिया है, वह उनके लिए थोपा हुआ फैसला है। पार्टी ने इन सीटों की मांग भी नहीं की थी। अब वे कम से कम एक सीट बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि उनकी भी बात सुनवाई जा सके।

दिल्ली में सीटों के मामले पर नहीं हो पाई चर्चा

Jharkhand: झारखंड में विधानसभा की 11 सीटों के लिए जेडीयू ने ठोका था दावा, फिर भी नहीं मिली एक भी सीट, जानें क्या है रणनीति?

खीरू महतो सीटें बढ़ाने के मुद्दे पर लगातार दिल्ली में रह रहे थे, लेकिन उनकी बात नहीं बन सकी। अब वे रविवार को पटना जाकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से गुहार लगाने वाले हैं। उन्हें भरोसा है कि नीतीश कुमार इस विषय में कुछ कार्रवाई कर सकते हैं।

पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा सीटों की संख्या बढ़ाने में सफल नहीं हो पाए हैं। खीरू महतो मांडू सीट को आजसू को देने के फैसले पर नाखुश हैं। चूंकि वे इस सीट से पहले विधायक रह चुके हैं, इसलिए वे अपने बेटे दुष्यंत पटेल को टिकट दिलाने के लिए इस पर अपना दावा ठोकना चाहते थे।

अब भाजपा द्वारा टुंडी सीट पर उम्मीदवार की घोषणा न किए जाने के कारण उन्हें आशा है कि कम से कम यह सीट जदयू को मिल जाए। हालांकि, इस सीट को लेकर चर्चा चल रही है कि भाजपा के किसी नेता को आजसू से चुनाव चिन्ह मिल सकता है। इस सीट पर आजसू के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो भी दबाव बना रहे हैं।

लोजपा को एक सीट हासिल

Jharkhand: झारखंड में विधानसभा की 11 सीटों के लिए जेडीयू ने ठोका था दावा, फिर भी नहीं मिली एक भी सीट, जानें क्या है रणनीति?

यह जानना महत्वपूर्ण है कि भाजपा ने एनडीए गठबंधन के तहत आजसू को 10, जदयू को दो और लोजपा (आर) को एक सीट देने का ऐलान किया है। जदयू को मिली दोनों सीटों पर जिन उम्मीदवारों को नामित किया गया है, वे हाल ही में जदयू में शामिल हुए हैं। जमशेदपुर पश्चिमी से सरयू राय और तमाड़ से राजा पीटर को टिकट मिलना लगभग तय है। इन्हें पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर दिल्ली में सदस्यता दी गई थी। यह भी बताया जा रहा है कि खीरू महतो ने मांडू, छत्तरपुर, मांडर, धनबाद, बाघमारा, जमशेदपुर पूर्वी जैसी सीटों की मांग अपने राष्ट्रीय नेतृत्व से की थी।

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