झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले सत्तारूढ़ गठबंधन झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर मतभेद उभरकर सामने आए हैं।
रांचीः झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल झारखंड मुक्ति मोर्चा (Jharkhand Mukti Morcha) और कांग्रेस के बीच उम्मीदवारों को लेकर मतभेद और रणनीतिक खींचतान की खबरें सामने आ रही हैं, जबकि सभी दल अपनी-अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।
इसी बीच भाजपा की ओर से भी सक्रियता बढ़ गई है और पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर झारखंड में रणनीति को मजबूत करने की कवायद शुरू हो गई है। राजनीतिक हलचल के बीच भाजपा नेता नितिन नवीन दो दिवसीय झारखंड दौरे पर रांची पहुंच रहे हैं, जहां वे पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा करेंगे।
कांग्रेस ने घोषित किया उम्मीदवार, बढ़ी सियासी गर्मी
कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवार के रूप में प्रणव झा के नाम की घोषणा की है। पार्टी ने अपनी संख्या बल का हवाला देते हुए एक सीट पर दावा ठोका है। झारखंड विधानसभा में कांग्रेस के 16 विधायक हैं और इसी आधार पर पार्टी ने गठबंधन में एक राज्यसभा सीट की मांग की है। गठबंधन की दूसरी बड़ी पार्टी JMM ने भी दो सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कही है। हालांकि, उम्मीदवारों के चयन और अंतिम निर्णय का अधिकार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस की ओर से हेमंत सोरेन को मनाने की कोशिशें भी की जा रही हैं, ताकि सीटों के बंटवारे पर सहमति बनाई जा सके और गठबंधन में एकजुटता बनी रहे।
कांग्रेस की रणनीति: संगठन और एकजुटता पर फोकस
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कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। पार्टी नेतृत्व ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए बैठकों का सिलसिला शुरू कर दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मंजूरी के बाद पार्टी ने दो वरिष्ठ नेताओं—
- भूपेश बघेल
- अजय शर्मा
को झारखंड के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। इन नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है कि वे राज्य में कांग्रेस विधायकों की एकजुटता सुनिश्चित करें और चुनावी रणनीति को मजबूत करें।
16 विधायकों पर कांग्रेस का भरोसा
81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में कांग्रेस के 16 विधायक हैं। यही संख्या पार्टी के लिए राज्यसभा सीट पर दावे का आधार बनी हुई है। कांग्रेस का कहना है कि गठबंधन धर्म के तहत उसे एक सीट मिलनी चाहिए। इसी रणनीति के तहत पार्टी ने अपने उम्मीदवार की घोषणा भी कर दी है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने बयान दिया है कि पार्टी ने अब तक कांग्रेस के साथ “एकतरफा सहयोग” किया है और दोनों राज्यसभा सीटों पर JMM का अधिकार बनता है।
भाजपा की सक्रियता भी बढ़ी
इसी राजनीतिक उठापटक के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शनिवार से झारखंड के दो दिवसीय दौरे पर रांची पहुंच रहे हैं। इस दौरे के दौरान वे कई महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेंगे, जिनका उद्देश्य पार्टी संगठन को मजबूत करना और आगामी राजनीतिक परिस्थितियों के लिए रणनीति तैयार करना है।












