यूपी आबकारी विभाग ने दो माह में जुटाए 10,635 करोड़ रुपये, राजस्व में 8.85% बढ़ोतरी

यूपी आबकारी विभाग ने अप्रैल-मई 2026 में 10,635 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व जुटाया। यह पिछले वर्ष की तुलना में 8.85% अधिक है।

उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले दो महीनों में 10,635 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया है। विभाग ने पिछले वर्ष की तुलना में 8.85 प्रतिशत अधिक राजस्व जुटाने के साथ अवैध शराब के खिलाफ भी व्यापक कार्रवाई की है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार के आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत मजबूत प्रदर्शन के साथ की है। अप्रैल और मई के दौरान विभाग ने 10,635 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व संग्रह किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। इसके साथ ही विभाग ने अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ अभियान चलाकर बड़ी मात्रा में शराब जब्त की और कई आरोपितों पर कार्रवाई की।

पहले दो महीनों में 10,635 करोड़ रुपये का राजस्व

उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के अप्रैल और मई माह में कुल 10,635.69 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल महीने में लगभग 5,248 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि मई में यह आंकड़ा 5,387.63 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

यूपी आबकारी विभाग ने दो माह में जुटाए 10,635 करोड़ रुपये, राजस्व में 8.85% बढ़ोतरी

राजस्व संग्रहण में हुई यह वृद्धि राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विभाग का मानना है कि बेहतर निगरानी और प्रशासनिक सुधारों का सीधा असर राजस्व प्राप्ति पर दिखाई दे रहा है।

पिछले साल की तुलना में बढ़ा संग्रह

विभागीय आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 के पहले दो महीनों में 9,770.68 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इसके मुकाबले चालू वित्तीय वर्ष में मई तक 865.01 करोड़ रुपये अधिक राजस्व हासिल किया गया है।

इस प्रकार विभाग ने वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 8.85 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। अधिकारियों का कहना है कि यदि यही गति बनी रही तो विभाग चालू वित्तीय वर्ष में नए राजस्व रिकॉर्ड स्थापित कर सकता है।

अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी

राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ आबकारी विभाग ने अवैध शराब के कारोबार पर भी सख्ती दिखाई है। अप्रैल और मई के दौरान प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाकर 2.29 लाख लीटर अवैध शराब बरामद की गई।

इस अवधि में अवैध शराब से जुड़े 9,898 मामले दर्ज किए गए। कार्रवाई के दौरान 1,564 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 298 आरोपितों को जेल भेजा गया। इसके अलावा तस्करी और अवैध परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे 12 वाहनों को भी जब्त किया गया।

पारदर्शी व्यवस्था और तकनीक का मिला लाभ

विभागीय अधिकारियों के अनुसार राजस्व संग्रहण में वृद्धि के पीछे पारदर्शी नीतियां, तकनीकी निगरानी और प्रशासनिक सुधार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। नई व्यवस्थाओं के माध्यम से राजस्व रिसाव को रोकने और विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह बनाने पर जोर दिया गया है।

आबकारी विभाग का मानना है कि आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी और डिजिटल निगरानी व्यवस्था ने भी राजस्व संग्रहण को बेहतर बनाने में मदद की है। इससे कर चोरी और अवैध कारोबार पर नियंत्रण मजबूत हुआ है।

अधिकारियों ने जताया संतोष

आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभाग के प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि सरकार की नीतियों और प्रभावी क्रियान्वयन के कारण राजस्व संग्रहण में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है।

विभाग का लक्ष्य आगामी महीनों में भी इसी तरह का प्रदर्शन बनाए रखना है। अधिकारियों के अनुसार राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई और अधिक प्रभावी बनाई जाएगी, ताकि सरकारी आय में वृद्धि के साथ कानून व्यवस्था भी मजबूत बनी रहे।

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