कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष Keshav Mahato Kamlesh ने राज्यसभा चुनाव के परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार Pranav Jha की हार को केवल पार्टी की हार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
रांची: झारखंड राज्यसभा चुनाव के परिणामों के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार की हार को केवल पार्टी की हार मानने से इनकार करते हुए इसे पूरे सत्तारूढ़ महागठबंधन की पराजय बताया है। पार्टी नेताओं ने चुनाव परिणामों पर गंभीर सवाल उठाते हुए कथित विश्वासघात और क्रॉस-वोटिंग की आशंका व्यक्त की है तथा मामले की जांच की मांग की है।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने रांची में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह परिणाम सिर्फ कांग्रेस उम्मीदवार की हार नहीं, बल्कि पूरे महागठबंधन के लिए एक राजनीतिक झटका है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव में गठबंधन के साथ विश्वासघात हुआ है और इस मुद्दे की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस ने जताई जांच की उम्मीद
प्रेस वार्ता के दौरान केशव महतो कमलेश ने कहा कि पार्टी को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पूरे घटनाक्रम की समीक्षा करेंगे और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी या अनुशासनहीनता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस विधायक दल ने गठबंधन समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में एकजुट होकर मतदान किया और पार्टी के सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों ने संगठनात्मक अनुशासन का पालन किया। उनके अनुसार, राज्यसभा चुनाव के परिणामों का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है और शीर्ष नेतृत्व भी सहयोगी दलों के साथ लगातार संवाद में है।
सहयोगी दलों से संयम बरतने की अपील
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कांग्रेस नेतृत्व ने चुनाव परिणाम के बाद सहयोगी दलों और राजनीतिक विरोधियों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। पार्टी ने महागठबंधन के घटक दलों से सार्वजनिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप से बचने की अपील की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि गठबंधन की मजबूती राज्य की राजनीतिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों की जांच जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गठबंधन के भीतर संवाद और समन्वय की प्रक्रिया जारी है।
झारखंड सरकार में संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने भी चुनाव परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह केवल एक राजनीतिक मुकाबला था और इससे राज्य में महागठबंधन की सरकार या उसके भविष्य पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बावजूद गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और आगामी लोकसभा तथा विधानसभा चुनावों में भी साथ मिलकर चुनाव लड़ेगा। उनके अनुसार, राजनीतिक मतभेदों के बावजूद गठबंधन की मूल भावना और साझा एजेंडा बरकरार है।
राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि महागठबंधन राज्य के विकास और जनहित के मुद्दों पर प्रतिबद्ध है तथा चुनावी परिणामों को लेकर किसी भी प्रकार की अस्थिरता की स्थिति नहीं है।
कांग्रेस ने सरकार से अलग होने की अटकलों को किया खारिज
कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने स्पष्ट किया कि पार्टी राज्य सरकार में अपनी भूमिका जारी रखेगी और गठबंधन से अलग होने का कोई प्रश्न नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव का परिणाम गठबंधन की व्यापक राजनीतिक साझेदारी को प्रभावित नहीं करेगा। प्रदीप यादव ने दावा किया कि चुनाव के दौरान विपक्ष ने रणनीतिक रूप से मुकाबला किया, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दल लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी हार के कारणों की समीक्षा की जाएगी और भविष्य में संगठनात्मक मजबूती पर अधिक ध्यान दिया जाएगा।
रांची स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के अधिकांश विधायक उपस्थित रहे। कुछ विधायक व्यक्तिगत या प्रशासनिक कारणों से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने अपना समर्थन संदेश पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाया।









