अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नया एयरफोर्स-1 विमान पेश किया, जिसे कतर ने उपहार में दिया था। ट्रम्प ने इसे ‘उड़ता हुआ व्हाइट हाउस’ बताते हुए दुनिया का सबसे शानदार राष्ट्रपति विमान कहा। यह विमान जल्द आधिकारिक यात्राओं में इस्तेमाल होगा।
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मैरीलैंड स्थित जॉइंट बेस एंड्रयूज में अमेरिका के नए राष्ट्रपति विमान ‘एयर फोर्स वन’ का सार्वजनिक प्रदर्शन किया। यह विमान पहले कतर सरकार के स्वामित्व में था और बाद में इसे अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक उपयोग के लिए विशेष रूप से संशोधित किया गया।
विमान का अनावरण करते हुए ट्रम्प ने इसे दुनिया का सबसे शानदार राष्ट्रपति विमान बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक हवाई जहाज नहीं, बल्कि “उड़ता हुआ व्हाइट हाउस” है, जिसमें आधुनिक तकनीक, सुरक्षा और लग्जरी का अनूठा मिश्रण देखने को मिलता है। नए विमान की प्रस्तुति ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर राष्ट्रपति और सरकारी विमानों की सुरक्षा, तकनीकी क्षमताओं और लागत को लेकर चर्चा तेज है।
ट्रम्प ने विमान की डिजाइन और सुविधाओं की जमकर तारीफ की
कार्यक्रम के दौरान ट्रम्प ने कहा कि दुनिया के किसी भी देश के पास ऐसा राष्ट्रपति विमान नहीं है जो इस विमान की भव्यता और सुविधाओं की बराबरी कर सके। उनके अनुसार यह विमान अमेरिका की वैश्विक शक्ति, प्रतिष्ठा और तकनीकी क्षमता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि जब यह विमान लंदन, बर्लिन, अंकारा या दुनिया के किसी अन्य प्रमुख हवाई अड्डे पर उतरेगा, तो यह तुरंत ध्यान आकर्षित करेगा। ट्रम्प ने स्वीकार किया कि विमान की रंग योजना और बाहरी डिजाइन उनकी व्यक्तिगत पसंद से प्रेरित है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रम्प लंबे समय से राष्ट्रपति विमानों के पारंपरिक स्वरूप में बदलाव के समर्थक रहे हैं और उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में भी इसी तरह की रंग योजना का समर्थन किया था।
पारंपरिक एयर फोर्स वन से अलग है नया स्वरूप
नए एयर फोर्स वन का बाहरी डिजाइन मौजूदा राष्ट्रपति विमानों से काफी अलग दिखाई देता है। पारंपरिक हल्के नीले रंग की जगह अब विमान के निचले हिस्से में गहरा नेवी ब्लू रंग इस्तेमाल किया गया है, जबकि ऊपरी हिस्से पर लाल और सफेद रंग की पट्टियां दी गई हैं।
विमान के मुख्य प्रवेश द्वार के पास राष्ट्रपति की आधिकारिक मुहर लगाई गई है, जबकि पिछले हिस्से पर अमेरिकी राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित किया गया है। यह नया स्वरूप ट्रम्प की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें वे सरकारी प्रतीकों को अधिक आकर्षक और प्रभावशाली बनाने की वकालत करते रहे हैं।
कतर से मिले विमान पर पहले भी उठ चुके हैं सवाल
यह विमान मूल रूप से एक अत्याधुनिक बोइंग 747 मॉडल है, जिसे कतर सरकार ने उपहार के रूप में उपलब्ध कराया था। हालांकि इस विमान को स्वीकार करने के फैसले पर अमेरिका में राजनीतिक और कानूनी बहस भी हुई थी। आलोचकों ने सवाल उठाया था कि किसी विदेशी सरकार से इतनी बड़ी और महंगी संपत्ति स्वीकार करना नैतिक रूप से उचित है या नहीं। कई विशेषज्ञों ने संभावित हितों के टकराव और पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता व्यक्त की थी।
हालांकि ट्रम्प प्रशासन का कहना है कि विमान को पूरी तरह अमेरिकी सुरक्षा मानकों के अनुरूप संशोधित किया गया है और इसका उपयोग केवल सरकारी उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
अस्थायी समाधान के रूप में किया जाएगा इस्तेमाल
व्हाइट हाउस के अनुसार यह विमान स्थायी राष्ट्रपति विमान नहीं है। इसे एक “ब्रिज एयरक्राफ्ट” यानी अंतरिम समाधान के रूप में देखा जा रहा है। दरअसल, बोइंग कंपनी लंबे समय से नए VC-25B राष्ट्रपति विमानों के निर्माण पर काम कर रही है। इन विमानों की डिलीवरी पहले 2024 में होने की उम्मीद थी, लेकिन परियोजना में लगातार देरी होती रही। अब इनके 2028 तक सेवा में आने की संभावना जताई जा रही है।
इसी अंतराल को भरने के लिए कतर से मिले विमान को राष्ट्रपतिीय उपयोग के लिए तैयार किया गया है। जब तक नए विमान पूरी तरह तैयार नहीं हो जाते, तब तक यह विमान राष्ट्रपति की कई महत्वपूर्ण यात्राओं में इस्तेमाल किया जा सकता है।
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NATO और अंतरराष्ट्रीय दौरों में होगा उपयोग
ट्रम्प ने पुष्टि की कि वह आने वाले अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में इसी विमान का उपयोग करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगले महीने होने वाले NATO शिखर सम्मेलन में वे इसी विमान से यात्रा करेंगे। इसके अलावा एशिया और यूरोप के संभावित राजनयिक दौरों में भी इस विमान के इस्तेमाल की संभावना जताई गई है। व्हाइट हाउस का मानना है कि नया विमान लंबी दूरी की उड़ानों के लिए पर्याप्त रूप से सक्षम है और राष्ट्रपति की अंतरराष्ट्रीय यात्राओं को अधिक सुविधाजनक बना सकता है।
पुराने एयर फोर्स वन की तुलना में क्या बदला?
वर्तमान में अमेरिकी राष्ट्रपति जिन विमानों का उपयोग करते हैं, वे बोइंग 747-200B आधारित VC-25A मॉडल हैं। इन्हें दुनिया के सबसे सुरक्षित और उन्नत सरकारी विमानों में गिना जाता है।
पुराने एयर फोर्स वन की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक हवा में ईंधन भरने की क्षमता है। इस तकनीक की मदद से विमान लंबे समय तक आसमान में रह सकता है और आपातकालीन परिस्थितियों में संचालन जारी रख सकता है। हालांकि नए विमान में यह सुविधा शामिल नहीं की गई है। अधिकारियों के अनुसार इस फीचर को हटाने का मुख्य कारण लागत नियंत्रण और परियोजना को सरल बनाना था।
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कई दशकों में किसी अमेरिकी राष्ट्रपति के विमान में उड़ान के दौरान ईंधन भरने की आवश्यकता नहीं पड़ी है। अधिकांश मामलों में विमान सुरक्षित सैन्य या नागरिक हवाई अड्डों पर उतरकर ईंधन भरते हैं।
लंबी दूरी की उड़ान क्षमता बनी बड़ी ताकत
हालांकि नए विमान में एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग सिस्टम नहीं है, लेकिन इसकी उड़ान क्षमता प्रभावशाली मानी जा रही है। विमान एक बार में लगभग 14,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर सकता है, जो अधिकांश राष्ट्रपतिीय यात्राओं के लिए पर्याप्त है। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक इंजन, बेहतर ईंधन दक्षता और उन्नत एवियोनिक्स सिस्टम इसे लंबी दूरी की उड़ानों के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाते हैं। यही कारण है कि इसे निकट भविष्य में अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रमुख परिवहन साधनों में शामिल किया जा सकता है।
राष्ट्रपति विमान के भविष्य पर टिकी नजरें
नए एयर फोर्स वन की शुरुआत केवल एक विमान के अनावरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अमेरिकी राष्ट्रपतिीय विमानन कार्यक्रम के भविष्य की दिशा भी तय करती है। एक ओर जहां यह विमान आधुनिक डिजाइन और लग्जरी सुविधाओं का प्रतिनिधित्व करता है, वहीं दूसरी ओर इसकी स्वीकृति और उपयोग को लेकर राजनीतिक बहस भी जारी है।
जब तक बोइंग के नए VC-25B विमान पूरी तरह तैयार होकर सेवा में नहीं आ जाते, तब तक यह नया एयर फोर्स वन अमेरिका की राष्ट्रपतिीय यात्राओं का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहेगा। आने वाले वर्षों में इसकी भूमिका, प्रदर्शन और लागत को लेकर वैश्विक स्तर पर भी नजरें बनी रहेंगी, क्योंकि राष्ट्रपति विमान केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि किसी देश की शक्ति, प्रतिष्ठा और तकनीकी क्षमता का प्रतीक भी होता है।








