जोधपुर से बैंगलुरू जा रही निजी ट्रेवल्स बस में मंगलवार रात पाली रोड पर भीषण आग लग गई। ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए सभी 16 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हादसे में बस का अधिकांश हिस्सा और कुछ यात्रियों का सामान जल गया।
जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर शहर में मंगलवार रात एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जब जोधपुर से बैंगलुरू जा रही एक निजी ट्रेवल्स बस में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में बस का बड़ा हिस्सा लपटों में घिर गया। हालांकि ड्राइवर की तत्परता और सूझबूझ के कारण सभी 16 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई।
यह घटना जोधपुर के पाली रोड स्थित डी-मार्ट के पास हुई। आग लगने के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। दमकल विभाग की तीन गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
चलती बस में अचानक उठीं आग की लपटें
पुलिस के अनुसार, एमआर ट्रेवल्स की एक निजी बस मंगलवार रात जोधपुर से बैंगलुरू के लिए रवाना हुई थी। बस शहर से बाहर निकलकर झालामंड होते हुए पाली रोड पर पहुंची ही थी कि अचानक इंजन के हिस्से से चिंगारियां निकलने लगीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ ही सेकंड में इंजन के पास धुआं उठने लगा और आग की लपटें दिखाई देने लगीं। बस में बैठे यात्रियों ने जैसे ही आग देखी, उनमें दहशत फैल गई और चीख-पुकार शुरू हो गई।
ड्राइवर की समझदारी से टला बड़ा हादसा
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बस चालक ने तुरंत वाहन को सड़क किनारे रोका। बिना समय गंवाए उसने सभी यात्रियों को मुख्य दरवाजे से सुरक्षित बाहर निकालना शुरू किया।
बस में कुल 16 यात्री सवार थे और सभी को समय रहते बाहर निकाल लिया गया। यदि कुछ मिनट की भी देरी होती, तो हादसा बेहद भयावह रूप ले सकता था।
स्थानीय लोगों ने बताया कि आग बहुत तेजी से फैल रही थी और कुछ ही देर में बस का अगला हिस्सा पूरी तरह लपटों में घिर गया था।

यात्रियों का सामान जलकर राख
हालांकि सभी यात्रियों की जान बच गई, लेकिन कई लोगों का सामान आग की चपेट में आ गया। कुछ यात्रियों ने जल्दीबाजी में अपना सामान निकाल लिया, जबकि अन्य का बैग, कपड़े और जरूरी दस्तावेज बस के अंदर ही जल गए।
आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि बस का अधिकांश हिस्सा जलकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
इंजन या वायरिंग में शॉर्ट सर्किट की आशंका
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण इंजन के पास वायरिंग में शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी माना जा रहा है।
पुलिस और फायर ब्रिगेड अधिकारियों के अनुसार, संबंधित बस यूरो-6 मॉडल की थी। विशेषज्ञों का कहना है कि इंजन के पास अत्यधिक गर्मी या वायरिंग फेल होने की वजह से चिंगारी निकली हो सकती है, जिसने आग का रूप ले लिया।
फायर ब्रिगेड की शुरुआती जांच में यह भी अनुमान लगाया गया कि इंजन के पास मौजूद इलेक्ट्रिकल सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ी के कारण आग फैली।
यूरो-6 बसों में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
सूत्रों के अनुसार, यूरो-6 श्रेणी की कुछ बसों और भारी वाहनों में इंजन के पास आग लगने की घटनाएं पहले भी देश के विभिन्न हिस्सों में सामने आ चुकी हैं।
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक इंजन तकनीक में तापमान नियंत्रण और वायरिंग सिस्टम बेहद संवेदनशील होते हैं। यदि नियमित निरीक्षण और रखरखाव में लापरवाही बरती जाए, तो आग जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
हालांकि इस मामले में वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी।
दमकल विभाग ने आधे घंटे में पाया काबू
घटना की सूचना मिलते ही विवेक विहार थाना पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
चीफ फायर ऑफिसर जलज घसिया के अनुसार, रात करीब 10:20 बजे आग लगने की सूचना प्राप्त हुई थी। इसके बाद बासनी फायर स्टेशन से दो और शास्त्री नगर फायर स्टेशन से एक दमकल वाहन मौके पर भेजा गया।
फायर ब्रिगेड कर्मियों ने करीब आधे घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक बस का अधिकांश हिस्सा जल चुका था।
पाली रोड पर लगा लंबा जाम
आग लगने के कारण पाली रोड पर यातायात प्रभावित हो गया। सुरक्षा कारणों से पुलिस ने कुछ समय के लिए ट्रैफिक रोक दिया, जिससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
करीब आधे घंटे बाद स्थिति सामान्य हो सकी। आग बुझने के बाद क्रेन की मदद से जली हुई बस को सड़क से हटाया गया और विवेक विहार थाने लाकर खड़ा किया गया।
विशेषज्ञ करेंगे तकनीकी जांच
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अब फायर ब्रिगेड की विशेषज्ञ टीम बस की तकनीकी जांच करेगी। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि आग वास्तव में किस कारण लगी और क्या वाहन में कोई तकनीकी लापरवाही थी।
यदि जांच में किसी प्रकार की सुरक्षा खामी या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित ट्रेवल्स कंपनी के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
सड़क सुरक्षा और वाहन मेंटेनेंस पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन वाहनों की सुरक्षा और नियमित तकनीकी जांच को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी दूरी तय करने वाली बसों में इंजन, वायरिंग, ब्रेक सिस्टम और फ्यूल लाइन की नियमित जांच बेहद जरूरी है।
विशेष रूप से गर्मियों के मौसम में इंजन का तापमान तेजी से बढ़ सकता है, जिससे आग लगने का खतरा बढ़ जाता है।
यात्रियों ने ड्राइवर की तारीफ की
घटना के बाद यात्रियों और स्थानीय लोगों ने बस चालक की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई की सराहना की। कई यात्रियों का कहना था कि यदि ड्राइवर समय पर बस नहीं रोकता और तुरंत बाहर नहीं निकालता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित हैं और पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि सड़क परिवहन में सुरक्षा मानकों और वाहन रखरखाव को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है।









