Jolly LLB 3 Movie Shooting: विवादों में घिरी अक्षय कुमार की फिल्म 'जॉली एलएलबी-3', शूटिंग के खिलाफ वकीलों ने की याचिका दायर

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फिल्म 'जॉली एलएलबी-3' रिलीज होने से पहले ही विवादों में घिर गई। राजस्थान के अजमेर जिले में हो रही फिल्म शूटिंग पर मामला दायर कर दिया गया है। अजमेर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रभान सिंह राठौड़ ने सिविल न्यायाधीश और न्यायिक मजिस्ट्रेट अजमेर के समक्ष एक परिवाद याचिका दायर की हैं।

जयपुर: फिल्म 'जॉली एलएलबी-3' की शूटिंग इन दिनों राजस्थान के अजमेर में हो रही है। अजमेर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रभान सिंह राठौड़ ने सिविल न्यायाधीश और न्यायिक मजिस्ट्रेट, अजमेर के समक्ष एक परिवाद याचिका दायर की है। इस याचिका में बताया कि न्यायाधीश और वकीलों की छवि को खराब करने लिए, नियम के विरूद्ध फिल्म की शूटिंग की जा रही और फिल्म में आपत्तिजनक डायलॉग्स को का भी उपयोग किया गया जा रहा हैं।

मंगलवार को होगी मामले की सुनवाई

Jolly LLB 3 Movie Shooting: विवादों में घिरी अक्षय कुमार की फिल्म 'जॉली एलएलबी-3', शूटिंग के खिलाफ वकीलों ने की याचिका दायर

न्यायाधीश यश कुमार बिश्नोई ने Subkuz.com को बताया फिल्म के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई मंगलवार (7 मई) को होगी। बताया की इस मामले में 101 वकील पैरवी करेंगे। शिकायत करता राठौड़ सिंह ने कहां कि "हमने इस मामले में छह लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है, जिसमें बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार, अभिनेता अरशद वारसी, फिल्म निर्माता-निर्देशक सुभाष कुमार कपूर, अजमेर डीआरएम (मंडल रेल प्रबंधक) महाप्रबंधक राजीव कुमार धनखड़, अजमेर जिला कलेक्टर भारती कुमारी दीक्षित और सिविल लाइंस पुलिस थाना अधिकारी छोटू लाल सैनी शामिल हैं।

फिल्म 'जॉली एलएलबी-3' शूटिंग

Jolly LLB 3 Movie Shooting: विवादों में घिरी अक्षय कुमार की फिल्म 'जॉली एलएलबी-3', शूटिंग के खिलाफ वकीलों ने की याचिका दायर

अधिकारी ने बताया कि फिल्म 'जॉली एलएलबी-3'की' की शूटिंग 29 अप्रैल को डीआरएम (डिजिटल अधिकार प्रबंधन) कार्यालय में शुरू हुई थी, इसमें अभिनेता अरशद वारसी से संबंधित एक दृश्य फिल्माया गया था। उसके बाद दो मई से डीआरएम कार्यालय परिसर में आम लोगों का आवागमन बंद कर दिया गया। बताया कि यह न्याय के खिलाफ है, यदि कोई सार्वजनिक स्थल पर आवश्यक कार्य से आने वाले लोगों को शूटिंग के दौरान खड़े सुरक्षाकर्मी और बाउंसर अभद्र व्यवहार करके बाहर निकाल देते हैं।

बताया कि शूटिंग के लिए कार्यालय पर दिल्ली न्यायालय का एक बोर्ड भी लगाया गया है। इसके फिल्म की शूटिंग के लिए केंद्र सरकार अनुमति लिए बिना ही अधिकारी ने 27 लाख रुपये के किराए पर कार्यालय दे दिया। इस फिल्म में न्यायालय और वकीलों की छवि को खराब करने की कोई कसर नहीं छोड़ी गई। क्योकि इसमें कई आपत्तिजनक डायलॉग का उपयोग किया जा रहा हैं।

राठौड़ सिंह ने शिकायत में कहां कि, "फिल्म की पूरी स्क्रिप्ट मंगवा कर उसमे शामिल आपत्तिजनक कंटेट हटवा दिए जाएं। यहां पर फिल्म की शूटिंग 13 मई तक होने वाली है।" डीआरएम कार्यालय के महाप्रबंधक राजीव कुमार धनखड़ ने कहां कि फिल्म निर्माता ने दिल्ली मुख्यालय से रेलवे की गाइडलाइन के अनुसार फिल्म की शूटिंग करने की अनुमति ली है। उनके द्वारा एक डिमांड ड्राफ्ट भी दिया गया है। इससे रेलवे को कुल 27 लाख रुपये की आमदनी होगी।

 

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