जयपुर में 300 CCTV फुटेज खंगालकर एटीएम ठगी गिरोह का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार

जयपुर पुलिस ने 300 CCTV फुटेज खंगालकर एटीएम ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। हरियाणा- यूपी नेटवर्क वाले तीन बदमाश गिरफ्तार, बुजुर्गों को बनाते थे निशाना।

जयपुर पुलिस ने ATM कार्ड बदलकर ठगी करने वाले गिरोह के तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया। आरोपियों का हरियाणा, यूपी समेत कई राज्यों में नेटवर्क था। 300 CCTV फुटेज की जांच के बाद पुलिस ने उन्हें पकड़ा।

जयपुर: राजस्थान के जयपुर पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय एटीएम ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह एटीएम बूथों पर बुजुर्ग लोगों को निशाना बनाकर उनके कार्ड बदलकर खातों से पैसे निकालने की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस ने इस पूरे मामले को सुलझाने के लिए करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया, जिसके बाद आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।

गिरफ्तार आरोपी कौन हैं

इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें वीरेंद्र सिंह (25), निवासी रामपुरा थाना सेवर, जिला भरतपुर, सोनू (23), निवासी वेयर हाउस कॉलोनी नदबई, वर्तमान में गांधी नगर भरतपुर और सद्दाम (26), निवासी बलराम नगर, लौणी, जिला गाजियाबाद शामिल हैं। इन तीनों पर धोखाधड़ी और संगठित अपराध के गंभीर आरोप हैं।

SVS गैंग के नाम से चलता था नेटवर्क

पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह “SVS गैंग” के नाम से सक्रिय था, जिसमें तीनों आरोपी शामिल थे। डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण के अनुसार, यह गैंग भरतपुर के सेवर इलाके में एक जगह इकट्ठा होकर वारदात की योजना बनाता था और फिर अलग-अलग शहरों में जाकर अपराध को अंजाम देता था।

बुजुर्गों को बनाते थे आसान निशाना

यह गिरोह खासतौर पर बुजुर्ग महिलाओं और पुरुषों को निशाना बनाता था क्योंकि वे एटीएम मशीन का इस्तेमाल करने में ज्यादा सहज नहीं होते थे। आरोपी एटीएम बूथ के बाहर खड़े रहते थे और मदद के बहाने लोगों के पास जाकर उनका कार्ड बदल लेते थे।

मदद के बहाने बदलते थे एटीएम कार्ड

वारदात के दौरान आरोपी पीड़ित को एटीएम इस्तेमाल करने में मदद करने का नाटक करते थे। इसी दौरान वे बड़ी चालाकी से उसका कार्ड बदल लेते थे और पिन देखकर या याद कर तुरंत पैसे निकाल लेते थे। इसके बाद वे कार से गलियों के रास्तों से फरार हो जाते थे ताकि पुलिस की पकड़ में न आएं।

जेल से छूटते ही फिर शुरू की वारदात

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि तीनों आरोपी जनवरी 2026 में जेल से बाहर आए थे। जेल से छूटते ही उन्होंने दोबारा संगठित होकर एटीएम ठगी की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया।

कई राज्यों में फैला था गिरोह का नेटवर्क

यह गिरोह केवल राजस्थान तक सीमित नहीं था बल्कि इसका नेटवर्क हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक फैला हुआ था। आरोपी अलग-अलग राज्यों में जाकर होटलों में रुकते थे, वहां से रेकी करते थे और फिर वारदात को अंजाम देते थे। ठगी की रकम को आपस में बांट लिया जाता था।

300 CCTV फुटेज से खुला पूरा मामला

इस पूरे मामले को सुलझाने में पुलिस की तकनीकी जांच बेहद अहम रही। करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान की गई। इसके बाद आरोपियों के मूवमेंट का पूरा रूट चार्ट तैयार किया गया और पुलिस ने करीब 450 किलोमीटर तक उनका पीछा किया।

आरोपी सोनू का आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस के अनुसार आरोपी सोनू का आपराधिक इतिहास पहले से ही काफी लंबा है। उसके खिलाफ धोखाधड़ी, चोरी, आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट जैसे कई मामले पहले भी दर्ज हैं। यह मामले भरतपुर और जयपुर के अलग-अलग थानों में दर्ज हैं।

पुलिस की आम जनता से अपील

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे एटीएम का इस्तेमाल करते समय किसी अनजान व्यक्ति की मदद न लें और अपना पिन किसी के साथ साझा न करें। यदि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।

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