NH-19 हजारीबाग ट्रक आग हादसा: चलते ट्रक में लगी भीषण आग, ड्राइवर और खलासी ने कूदकर बचाई जान

झारखंड के हजारीबाग जिले के NH-19 पर चलते ट्रक में आग लग गई, ड्राइवर-खलासी ने कूदकर जान बचाई। सरिया लदा ट्रक जलकर खाक, फायर ब्रिगेड की देरी से बढ़ा नुकसान।

झारखंड के हजारीबाग NH-19 पर सरिया लदे चलते ट्रक में अचानक आग लग गई। ड्राइवर और खलासी ने कूदकर जान बचाई। आग से ट्रक का केबिन जल गया, जबकि फायर ब्रिगेड की देरी से नुकसान और बढ़ गया।

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले में मंगलवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) पर एक बड़ा हादसा टल गया, जब सरिया (स्टील रॉड) से लदा एक चलता ट्रक अचानक आग की चपेट में आ गया। यह घटना चौपारण थाना क्षेत्र के अंतर्गत चोरदाहा पिकेट के पास हुई, जहां देखते ही देखते ट्रक का अगला हिस्सा और केबिन पूरी तरह जलकर राख हो गया।

हालांकि, ड्राइवर और खलासी की सूझबूझ के कारण एक बड़ी जनहानि टल गई। दोनों ने समय रहते ट्रक से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई।

चलते ट्रक के केबिन से उठने लगा धुआं

जानकारी के अनुसार, ट्रक झारखंड के रामगढ़ से सरिया लादकर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की ओर जा रहा था। जैसे ही वाहन चोरदाहा चेक पोस्ट के पास पहुंचा, अचानक ट्रक के केबिन के निचले हिस्से से धुआं निकलने लगा।

कुछ ही पलों में धुआं तेज आग की लपटों में बदल गया और आग ने इंजन तथा केबिन को अपनी चपेट में ले लिया। ड्राइवर ने तुरंत स्थिति को भांपते हुए ट्रक रोकने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैल चुकी थी।

ड्राइवर और खलासी ने कूदकर बचाई जान

आग की तीव्रता को देखते हुए ड्राइवर और खलासी ने तुरंत ट्रक से नीचे कूदने का फैसला लिया। उनकी सूझबूझ और तेज प्रतिक्रिया के कारण दोनों सुरक्षित बच गए। घटना के समय ट्रक पूरी तरह से जलने के खतरे में आ चुका था।

स्थानीय लोगों ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश की और पुलिस को सूचना दी।

ट्रक का अगला हिस्सा जलकर खाक, माल सुरक्षित

आग इतनी भीषण थी कि कुछ ही मिनटों में ट्रक का पूरा केबिन और इंजन जलकर राख हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि ट्रक के पीछे लदा सरिया सुरक्षित बच गया और उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

प्रारंभिक जांच में अनुमान लगाया जा रहा है कि आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या इंजन में तकनीकी खराबी हो सकती है। हालांकि, वास्तविक कारण की पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी।

फायर ब्रिगेड को पहुंचने में हुई देरी

घटना की सूचना मिलते ही चोरदाहा पिकेट प्रभारी नीतीश कुमार ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। लेकिन बरही से चौपारण तक NH-19 की खराब सड़क स्थिति के कारण दमकल वाहन को मौके पर पहुंचने में लगभग एक घंटे का समय लग गया।

इस देरी के कारण आग ने पूरे ट्रक को अपनी चपेट में ले लिया और केबिन पूरी तरह नष्ट हो गया।

NH-19 पर लगा लंबा जाम, यातायात प्रभावित

हादसे के बाद नेशनल हाईवे-19 पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। सड़क के बीचों-बीच जलते ट्रक के कारण वाहनों की लंबी कतार लग गई और घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही।

पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी और ट्रैफिक को सर्विस रोड की ओर डायवर्ट किया। इससे धीरे-धीरे यातायात बहाल किया जा सका।

पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। आग बुझने के बाद ट्रक को सड़क से हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहन को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच के बाद ही आग लगने के सही कारण का पता चल सकेगा।

संभावित कारण: शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी

प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि ट्रक के इंजन या इलेक्ट्रिकल सिस्टम में शॉर्ट सर्किट होने के कारण आग लगी होगी। पुराने वाहनों में वायरिंग की खराबी और ओवरहीटिंग जैसी समस्याएं इस तरह की घटनाओं का कारण बन सकती हैं।

हालांकि, विशेषज्ञों की टीम वाहन की तकनीकी जांच कर रही है ताकि वास्तविक कारण स्पष्ट हो सके।

सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की चिंता

इस घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलने वाले भारी वाहनों की सुरक्षा और रखरखाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर वाहनों की तकनीकी जांच और फिटनेस सर्टिफिकेट की सख्त निगरानी बेहद जरूरी है।

इसके अलावा, हाईवे की खराब स्थिति भी आपातकालीन सेवाओं की देरी का कारण बनती है, जिससे नुकसान और बढ़ सकता है।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से NH-19 की स्थिति सुधारने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सड़क की खराब हालत और ट्रैफिक व्यवस्था की कमी के कारण ऐसी घटनाओं में राहत कार्य में देरी होती है।

कई लोगों ने यह भी कहा कि अगर फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती तो नुकसान को और कम किया जा सकता था।

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