जयपुर में अवैध LPG रिफिलिंग का बड़ा खुलासा हुआ, जहां रसद विभाग और पुलिस ने छापेमारी कर 27 सिलेंडर जब्त किए। आरोपियों द्वारा 240 रुपए प्रति किलो गैस बेची जा रही थी, एक गिरफ्तार हुआ है।
जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में एलपीजी (LPG) संकट का फायदा उठाकर कालाबाजारी करने वाले लोगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। रसद विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर अवैध गैस रिफिलिंग (Illegal LPG Refilling) के कारोबार का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में कुल 27 सिलेंडर जब्त किए गए हैं और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दूसरे को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी घरेलू गैस सिलेंडरों से छोटे 5 किलो वाले सिलेंडरों में गैस भरकर उसे ऊंचे दामों पर बेच रहे थे। इससे न केवल सरकार को नुकसान हो रहा था, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही थी।

240 रुपए प्रति किलो में बेची जा रही थी गैस
जिला रसद अधिकारी प्रियव्रत सिंह चारण के अनुसार, आरोपियों द्वारा गैस को 240 रुपए प्रति किलो की दर से बेचा जा रहा था, जो सामान्य कीमत से काफी अधिक है। इस तरह की कालाबाजारी से लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है और साथ ही यह पूरी तरह गैरकानूनी (illegal) भी है।
अधिकारी ने बताया कि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और जहां भी सूचना मिलती है, वहां तुरंत कार्रवाई की जाती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत ऐसे मामलों में सख्त सजा का प्रावधान है।
बिंदायका में घर के अंदर चल रहा था अवैध कारोबार
पहली कार्रवाई बिंदायका क्षेत्र के मारुति नगर में की गई, जहां घनी आबादी के बीच एक मकान में अवैध गैस रिफिलिंग की जा रही थी। सूचना मिलने पर रसद विभाग की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची और छापा मारा।
छापेमारी के दौरान सामने आया कि मोहनलाल रैगर नाम का व्यक्ति घरेलू सिलेंडरों से छोटे सिलेंडरों में गैस भर रहा था। मौके से 5 घरेलू सिलेंडर, 5 छोटे अप्रमाणित सिलेंडर और एक व्यावसायिक सिलेंडर बरामद किया गया। आरोपी को मौके से हिरासत में ले लिया गया।
यह पूरा काम बेहद खतरनाक तरीके से किया जा रहा था, जहां किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। घनी आबादी वाले इलाके में इस तरह की गतिविधियां हजारों लोगों की जान को जोखिम में डाल सकती हैं।
मानसरोवर में दूसरी बड़ी कार्रवाई
इसी क्रम में दूसरी कार्रवाई मानसरोवर के रीको क्षेत्र में की गई। यहां पुलिस और रसद विभाग की टीम ने मेहराज अंसारी नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया। उसके पास से 5 किलो वाले 16 अवैध सिलेंडर बरामद किए गए।
आरोपी के खिलाफ शिप्रापथ थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और यह अवैध गैस कहां से लाई जा रही थी।
अवैध रिफिलिंग से बढ़ रहा खतरा
जानकारों के अनुसार बिना किसी सुरक्षा मानकों के सिलेंडरों में गैस भरना बेहद खतरनाक होता है। इस प्रक्रिया में गैस लीक (gas leak) होने की संभावना अधिक रहती है, जिससे आग लगने या विस्फोट (blast) जैसी घटनाएं हो सकती हैं।
अप्रमाणित सिलेंडर का इस्तेमाल करने से उपभोक्ताओं को भी बड़ा जोखिम उठाना पड़ता है। ऐसे सिलेंडर सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरते और इनमें किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
जिला रसद अधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अवैध रिफिलिंग करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे सस्ते या बिना प्रमाण वाले सिलेंडर खरीदने से बचें।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी को अपने आसपास इस तरह की गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो तुरंत पुलिस या रसद विभाग को सूचित करें। इससे न केवल अवैध कारोबार पर रोक लगेगी, बल्कि बड़ी दुर्घटनाओं को भी रोका जा सकेगा।









