कालाष्टमी 2026 के दिन बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा पाने के लिए कुछ विशेष उपाय अत्यंत प्रभावशाली माने जाते हैं। काला धागा पहनना, सरसों तेल का दीपक जलाना, काल भैरव मंत्र जाप, काले कुत्ते को गुड़ वाली रोटी खिलाना और रात में साधना करना, घर और परिवार में सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति बनाए रखने में मदद करते हैं।
कालाष्टमी 2026: इस वर्ष 10 अप्रैल, शुक्रवार को मनाए जाने वाले कालाष्टमी के अवसर पर नकारात्मक ऊर्जा और नजर दोष से मुक्ति पाने के विशेष उपाय बताए गए हैं। हिंदू धर्म में यह दिन भगवान काल भैरव को समर्पित माना जाता है। श्रद्धालु मंदिर जाकर काला धागा पहन सकते हैं, सरसों तेल का दीपक जला सकते हैं और मंत्र जाप कर सकते हैं। इसके अलावा काले कुत्ते को गुड़ वाली रोटी खिलाना और रात की साधना करना भी लाभकारी है। इन उपायों से घर में सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति सुनिश्चित होती है।
1. काला धागा – सुरक्षा का प्रतीक
कालाष्टमी के दिन काल भैरव के मंदिर जाकर उनके पैरों पर सिंदूर चढ़ाना और इसे काले धागे पर लगाना लाभकारी माना जाता है। इस धागे को अपने दाएं हाथ की कलाई या गले में पहनें और साथ ही भैरव जी के मंत्र "ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं" का जाप करें।
यह काला धागा बुरी नजर से सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। विशेष रूप से उन लोगों के लिए यह उपाय लाभकारी है जिनकी नजर दूसरों की बुरी नजर से प्रभावित होने की संभावना अधिक होती है।
2. सरसों तेल के दीपक का उपाय
कालाष्टमी पर सरसों के तेल का चौमुखी दीपक मुख्य द्वार पर जलाना शुभ माना जाता है। दीपक की लौ से तैयार काजल का टीका बच्चों और घर के सदस्यों के कान के पीछे लगाने से नजर दोष से सुरक्षा मिलती है।
भैरव जी के सामने जलाए गए दीपक का काजल अत्यंत प्रभावशाली होता है। यह उपाय घर में सकारात्मक ऊर्जा लाने के साथ-साथ मानसिक शांति और सुरक्षा भी प्रदान करता है।

3. काल भैरव मंत्र – जाप से बढ़ती सुरक्षा
इस दिन ॐ कालभैरवाय नम: मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना लाभकारी माना गया है। जाप करते समय सामने दीपक जलाना चाहिए और भैरव जी से सुरक्षा की प्रार्थना करनी चाहिए।
मंत्र जाप करने से व्यक्ति के चारों ओर नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है। यह उपाय विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो लगातार नजर दोष, क्लेश या बाधाओं का सामना कर रहे हैं।
4. काले कुत्ते को गुड़ वाली रोटी खिलाएं
कालाष्टमी के दिन काले कुत्ते को गुड़ वाली रोटी खिलाने से घर में बुरी नजर और नकारात्मक प्रभाव कम होता है। यह उपाय पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार अत्यंत प्रभावशाली है।
इसके अलावा, इस दिन तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए। जितना हो सके जरूरतमंदों को कपड़े और भोजन दान करना भी लाभकारी माना जाता है। इससे समाज में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है।
5. रात की साधना – काल भैरव की शक्ति
कालाष्टमी की रात विशेष रूप से शक्तिशाली मानी जाती है। शास्त्रों में भगवान काल भैरव को काशी का कोतवाल कहा गया है। इस रात की साधना से साधक को डर पर विजय और बुरी नजर से रक्षा मिलती है।
अमावस्या के नजदीक होने के कारण रात का अंधकार गहरा होता है। तंत्र साधना में अंधकार को नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है, जिसे मंत्र और साधना के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा में परिवर्तित किया जा सकता है।
कालाष्टमी के महत्व को समझें
कालाष्टमी का दिन न केवल बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति दिलाने का है, बल्कि यह आत्म-संयम और दानशीलता का भी संदेश देता है। इस दिन की गई साधना का प्रभाव लंबे समय तक रहता है।
भैरव जी की उपासना से मानसिक शांति, परिवार में समृद्धि और व्यवसाय में सफलता मिलती है। ध्यान रखें कि उपायों को सही विधि और श्रद्धा से करना चाहिए ताकि उनका पूरा लाभ मिल सके।








