M. K. Stalin सरकार ने महिलाओं को 8000 रुपये का कूपन देने का ऐलान किया। इस योजना से महिलाएं घरेलू सामान खरीद सकेंगी और चुनाव से पहले यह बड़ा चुनावी वादा माना जा रहा है।
Tamil Nadu: तमिलनाडु में चुनावी माहौल के बीच M. K. Stalin की सरकार ने महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान किया है। राज्य की सत्ताधारी पार्टी DMK ने अपने घोषणापत्र (manifesto) में महिलाओं को 8,000 रुपये का कूपन देने की घोषणा की है। यह घोषणापत्र चेन्नई में जारी किया गया, जहां मुख्यमंत्री ने खुद इसकी जानकारी दी। इस फैसले की सबसे ज्यादा चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि अन्य पार्टियां जहां सीधे कैश (cash) देने की बात कर रही हैं, वहीं सरकार ने कूपन का रास्ता चुना है।
तमिलनाडु में 23 अप्रैल को चुनाव होना है, ऐसे में सभी राजनीतिक दल अपने-अपने वादों के जरिए मतदाताओं को आकर्षित करने में लगे हैं।
कैश की जगह कूपन क्यों, स्टालिन ने बताया कारण
इस योजना को लेकर जब M. K. Stalin से सवाल किया गया कि सीधे पैसे देने के बजाय कूपन क्यों दिया जा रहा है, तो उन्होंने इसका स्पष्ट कारण बताया। उन्होंने कहा कि अगर सीधे पैसा दिया जाता है, तो यह संभावना रहती है कि वह रोजमर्रा के छोटे-मोटे खर्चों में इस्तेमाल हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि महिलाएं इस राशि का उपयोग अपने घर के लिए जरूरी सामान खरीदने में करें। कूपन के जरिए महिलाओं को यह स्वतंत्रता (freedom) मिलेगी कि वे अपनी जरूरत के हिसाब से वॉशिंग मशीन (washing machine), टीवी (TV), फ्रिज (fridge) या मिक्सी (mixer) जैसे घरेलू उपकरण खरीद सकें।

महिलाओं को पसंद का सामान चुनने की आजादी
M. K. Stalin ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को अपनी पसंद से खरीदारी करने का अधिकार देना है। उन्होंने बताया कि कूपन का मतलब यह है कि महिलाएं अपनी जरूरत के अनुसार बड़ा घरेलू सामान खरीद सकती हैं या पुराने सामान को बदलकर नया ले सकती हैं।
उन्होंने इस दौरान हल्के अंदाज में कहा कि 2021 के चुनाव में उनका घोषणापत्र हीरो था, लेकिन इस बार का घोषणापत्र हीरो और हीरोइन दोनों है।
जनता के सुझावों से तैयार हुआ घोषणापत्र
DMK के इस घोषणापत्र को लेकर पार्टी की उप महासचिव Kanimozhi ने भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मेनिफेस्टो को तैयार करने में जल्दबाजी नहीं की गई है, बल्कि इसे पूरी योजना और लोगों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि एक विशेष कमेटी बनाई गई थी, जिसने तमिलनाडु के अलग-अलग जिलों का दौरा किया और सीधे जनता से बातचीत की। इस दौरान लोगों की जरूरतों और सुझावों को ध्यान में रखकर ही इस घोषणापत्र को अंतिम रूप दिया गया।
जनता की भागीदारी पर जोर
Kanimozhi ने कहा कि यह घोषणापत्र सिर्फ पार्टी का विजन (vision) नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों के विचारों का परिणाम है जिनसे बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि पार्टी का उद्देश्य यह था कि जो भी योजना बनाई जाए, उसमें लोगों को अपनी पसंद चुनने का पूरा अधिकार मिले। उनके अनुसार, लोगों को यह तय करने का हक होना चाहिए कि उन्हें क्या चाहिए और यह लोकतंत्र (democracy) की असली भावना को दर्शाता है।










