Kangana Ranaut ‘Gutter Generation’ Row: चिराग पासवान ने जताई नाराजगी, बोले- पूरी पीढ़ी को ‘गटर’ कहना गलत

Kangana Ranaut के ‘Gutter Generation’ बयान पर Chirag Paswan ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि किसी संगठन या पार्टी की आलोचना के लिए पूरी पीढ़ी को ‘गटर’ कहना गलत

केंद्रीय खाद्य एवं उद्योग मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने ABP न्यूज से खास बातचीत में देश से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। इस दौरान उन्होंने बीजेपी सांसद कंगना रनौत के ‘गटर जनरेशन’ वाले बयान पर निराशा जताई।

पटना: केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने बॉलीवुड अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत के ‘गटर जनरेशन’ वाले बयान पर असहमति जताई है। उन्होंने माना कि किसी राजनीतिक या सामाजिक संगठन के कुछ सदस्यों के व्यवहार की आलोचना करते हुए पूरी पीढ़ी के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना उचित नहीं है।

एक न्यूज इंटरव्यू में चिराग पासवान से कंगना रनौत की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया मांगी गई, जिसमें उन्होंने Gen Z से जुड़े कुछ प्रदर्शनकारियों को लेकर ‘गटर जनरेशन’ जैसी टिप्पणी की थी। कंगना के इस बयान को लेकर काफी विवाद हुआ था और सोशल मीडिया पर भी उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका निशाना पूरी युवा पीढ़ी नहीं, बल्कि एक खास समूह था।

‘पूरी जनरेशन को ऐसा कहना गलत है’

चिराग पासवान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी संगठन या समूह के कुछ लोगों की गलत बातों के आधार पर पूरी जनरेशन को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने माना कि कंगना की भाषा इस मामले में सही नहीं थी। उनके मुताबिक, बड़े राजनीतिक संगठनों में अलग-अलग विचारों वाले कई लोग होते हैं और हर सदस्य की व्यक्तिगत टिप्पणी के लिए पूरे संगठन को जिम्मेदार ठहराना व्यावहारिक नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जब किसी नेता की भाषा या व्यवहार गलत हो, तो पार्टी या संगठन के भीतर उसे टोका जाना चाहिए।

चिराग ने उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी अपनी पार्टी में भी वह नेताओं और कार्यकर्ताओं की कुछ बातों या फैसलों पर नाराजगी जताते हैं। उनके अनुसार, किसी बड़े संगठन को चलाने में अलग-अलग विचार और व्यक्तित्व होना स्वाभाविक है।

‘मैं खुद कई बातों से परेशान होता हूं’

चिराग पासवान ने कहा कि वह भी अपनी पार्टी के कुछ सदस्यों की टिप्पणियों से कई बार असहमत होते हैं। उन्होंने माना कि राजनीतिक दलों में ऐसे लोग हो सकते हैं जो ऐसी बातें कह देते हैं, जिनसे पार्टी नेतृत्व सहमत नहीं होता। उनका कहना था कि किसी एक व्यक्ति के बयान के आधार पर पूरे राजनीतिक सिस्टम या संगठन को खारिज करना उचित नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार के शीर्ष नेतृत्व की सोच और नीतियां अधिक महत्वपूर्ण होती हैं।

चिराग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि वह उनके विचारों और सरकार की दिशा को महत्व देते हैं। उनका तर्क था कि अलग-अलग नेताओं की व्यक्तिगत टिप्पणियों की तुलना में सरकार की व्यापक नीतियों और नेतृत्व के फैसलों को देखा जाना चाहिए।

‘संगठन में कई लोग उटपटांग बातें करते हैं’

चिराग पासवान ने कहा कि राजनीतिक संगठनों में कभी-कभी कुछ नेता ऐसी टिप्पणियां कर देते हैं, जिनसे वह खुद भी सहमत नहीं होते। उन्होंने सांप्रदायिकता और सामाजिक मुद्दों पर होने वाली कुछ टिप्पणियों का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसे बयानों का समर्थन करना जरूरी नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी एक नेता के विवादित बयान के कारण पूरे संगठन को दोषी ठहराना उचित होगा। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक राजनीति में मतभेदों के बावजूद संगठन के व्यापक काम और नेतृत्व की नीतियों पर ध्यान देना जरूरी है।

कंगना ने बाद में दी थी अपने बयान पर सफाई

कंगना रनौत की ‘गटर जनरेशन’ टिप्पणी जुलाई 2026 में विवाद का विषय बनी थी। उन्होंने प्रदर्शन से जुड़े कुछ युवाओं और Gen Z को लेकर कड़ी भाषा का इस्तेमाल किया था। उनके बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। बाद में कंगना ने अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि वह पूरी युवा पीढ़ी की बात नहीं कर रही थीं। 

उन्होंने दावा किया कि उनकी टिप्पणी उन लोगों के लिए थी जो खुद को ‘कॉकरोच’ जैसे शब्दों से जोड़ रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी बात को व्यापक संदर्भ में पेश किया गया। इसके बाद कंगना का रुख कुछ नरम भी नजर आया। अगस्त की शुरुआत में उन्होंने Gen Z को देश की ताकत और गर्व का स्रोत बताते हुए कहा कि कुछ लोगों के व्यवहार के आधार पर पूरी पीढ़ी को नहीं आंकना चाहिए।

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