रांची: राजधानी रांची में मानसून का असर फिलहाल बना हुआ है। गुरुवार को भी शहर में आसमान में बादल छाए रहने और हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक झारखंड में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। 22 अगस्त के आसपास मानसून की गतिविधि फिर बढ़ने के आसार हैं।
मौसम में यह बदलाव ऐसे समय देखने को मिल रहा है जब झारखंड और आसपास के क्षेत्र में बनी मौसम प्रणाली कमजोर पड़ रही है। इसके बावजूद वातावरण में नमी बनी हुई है। नम हवाओं के कारण बादल बन रहे हैं और रांची समेत राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
रांची में गुरुवार को मौसम का मिजाज मुख्य रूप से बादलों वाला रहने का अनुमान है। स्थानीय मौसम अपडेट के अनुसार सुबह हल्की बारिश के बाद दिन में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। तापमान में भी फिलहाल बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
मौसम विभाग के अनुसार 20 से 23 अगस्त के बीच झारखंड में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 21 से 23 अगस्त तक बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है, जबकि 22 अगस्त को राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश भी हो सकती है।
रांची में पिछले कुछ दिनों से बादल और बारिश के कारण मौसम सुहाना बना हुआ है। हालांकि लगातार बादल छाए रहने और बारिश के कारण कई इलाकों में सड़कें गीली हैं। बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक किसी मौसम प्रणाली के कमजोर होने का मतलब यह नहीं है कि बारिश तत्काल पूरी तरह रुक जाएगी। वातावरण में मौजूद नमी, स्थानीय संवहन और आसपास की मौसम प्रणालियों के प्रभाव से हल्की बारिश जारी रह सकती है। यही वजह है कि रांची में सिस्टम कमजोर होने के बावजूद बादल छाए रहने की संभावना बनी हुई है।
झारखंड के अन्य जिलों में भी मौसम का असर देखने को मिल रहा है। राज्य में 20 अगस्त को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। इसके बाद 21 से 23 अगस्त के दौरान भी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
22 अगस्त को मौसम में एक बार फिर बदलाव की संभावना जताई गई है। इस दौरान राज्य में बारिश की गतिविधि बढ़ सकती है और कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। ऐसे में रांची समेत झारखंड के लोगों को अगले कुछ दिनों तक मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
बारिश का असर शहर की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ रहा है। बारिश के समय सड़क पर यातायात धीमा हो जाता है। दोपहिया वाहन चालकों को फिसलन वाली सड़कों पर विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। लगातार बारिश होने की स्थिति में निचले इलाकों में पानी जमा होने से लोगों को परेशानी हो सकती है।
किसानों के लिए मानसून की बारिश महत्वपूर्ण है। झारखंड में धान की खेती बड़े पैमाने पर होती है और इस समय फसल के लिए पर्याप्त नमी जरूरी है। हालांकि बहुत ज्यादा बारिश होने पर खेतों में पानी जमा होने और फसल को नुकसान पहुंचने का खतरा भी रहता है। इसलिए किसानों के लिए बारिश का संतुलित रहना जरूरी है।
मौसम विभाग की ओर से लोगों को गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। बिजली चमकने के समय खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। बारिश के दौरान जरूरी न हो तो लंबी दूरी की यात्रा भी टालना बेहतर है।
राज्य में अगले कुछ दिनों के मौसम को देखते हुए प्रशासन की नजर भी संवेदनशील इलाकों पर बनी रह सकती है। लगातार बारिश के कारण जलभराव, निचले इलाकों में पानी बढ़ने और कमजोर पेड़ों के गिरने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
रांची के लोगों को फिलहाल उमस और गर्मी से कुछ राहत मिली हुई है। बादल छाए रहने के कारण तापमान अपेक्षाकृत नियंत्रित बना हुआ है। हालांकि बारिश रुकने के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से उमस महसूस हो सकती है।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार झारखंड में अगले कुछ दिनों तक मानसून पूरी तरह कमजोर नहीं होगा। 22 अगस्त से बारिश की गतिविधि बढ़ने की संभावना के कारण सप्ताह के अंत में एक बार फिर कई इलाकों में बारिश तेज हो सकती है।
फिलहाल रांची में बादलों का डेरा बना रहेगा और रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। मौसम प्रणाली भले ही कमजोर हो रही हो, लेकिन नम हवाओं के कारण बारिश का दौर पूरी तरह थमने के आसार नहीं हैं। आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधि बढ़ने के साथ बारिश का असर फिर तेज हो सकता है।










