वाराणसी में गंगा का जलस्तर 68.35 मीटर पर स्थिर, वरुणा के पलट प्रवाह से निचले इलाकों में भरा पानी

वाराणसी में गंगा का जलस्तर 68.35 मीटर पर स्थिर है। वरुणा के पलट प्रवाह से सरैया और सलारपुर के निचले इलाकों में पानी पहुंचा, राहत शिविर सक्रिय हैं।

वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से वरुणा नदी में पलट प्रवाह शुरू हो गया है। सरैया और सलारपुर समेत निचले इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया। प्रशासन ने राहत शिविर सक्रिय कर निगरानी और बचाव व्यवस्था बढ़ाई है।

वाराणसी: गंगा के बढ़ते जलस्तर से वाराणसी में बाढ़ का असर अब निचले इलाकों में दिखने लगा है। गंगा का पानी बढ़ने से वरुणा नदी में पलट प्रवाह शुरू हो गया, जिससे सरैया और सलारपुर में कई घरों में पानी घुस गया। गुरुवार सुबह गंगा का जलस्तर 68.35 मीटर पर स्थिर रहा। प्रशासन ने राहत शिविर सक्रिय करने के साथ बचाव और निगरानी व्यवस्था मजबूत की है।

वरुणा में पलट प्रवाह से निचले इलाकों में पहुंचा पानी

वाराणसी में गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण वरुणा नदी में पलट प्रवाह शुरू हो गया है। वरुणा का पानी तट के ऊपर पहुंचने के बाद सरैया और सलारपुर जैसे निचले इलाकों में पानी प्रवेश कर गया। कई घरों में पानी भरने की स्थिति बनी हुई है।

बाढ़ का पानी बढ़ने से प्रभावित इलाकों में जनजीवन पर असर पड़ा है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत शिविर सक्रिय कर दिए हैं और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से जरूरत पड़ने पर राहत शिविरों में पहुंचने को कहा है।

गंगा का जलस्तर 68.35 मीटर पर स्थिर

गुरुवार सुबह गंगा का जलस्तर 68.35 मीटर पर स्थिर रहा। हालांकि, जलस्तर का स्थिर होना इस बात का संकेत नहीं है कि बाढ़ का पानी कम होना शुरू हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, नए इलाकों में पानी फैलने के कारण भी जलस्तर स्थिर दिखाई दे सकता है।

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए कई अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से सावधानी बरतने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की।

बाढ़ चौकियां और राहत शिविर सक्रिय

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बुधवार शाम बाढ़ से बचाव और राहत कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ चौकियों को लगातार सक्रिय रखने और नावों तथा बचाव उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

राहत और बचाव दलों को जरूरी संसाधनों के साथ तैयार रहने को कहा गया है। प्रशासन ने आपात स्थिति में प्रभावित लोगों तक तुरंत सहायता पहुंचाने के लिए संबंधित विभागों को भी सक्रिय कर दिया है।

स्वास्थ्य और पुलिस टीमों की शिफ्टवार ड्यूटी

बाढ़ चौकियों पर स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, राजस्व विभाग और पुलिस की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है। राहत शिविरों में भी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रख रहा है। स्थानीय अधिकारियों को स्थिति में किसी भी बदलाव की तत्काल जानकारी लेने और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे बाढ़ के पानी में अनावश्यक रूप से न जाएं और किसी भी आपात स्थिति में राहत शिविरों की मदद लें। प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है और लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

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