दिग्विजय सिंह के संगठन सुधार से जुड़े बयान ने कांग्रेस में आंतरिक बहस छेड़ दी। रेवंत रेड्डी ने सोनिया गांधी के नेतृत्व की सराहना की। पार्टी में RSS-BJP उदाहरण पर सियासी हलचल तेज हो गई।
New Delhi: कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के संगठन सुधार (Organizational Reform) से जुड़े बयान ने पार्टी में सियासी हलचल पैदा कर दी है। दिग्विजय सिंह ने RSS और BJP का उदाहरण देते हुए कहा कि इन संगठनों में जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को भी मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री जैसे उच्च पदों तक पहुंचने का मौका मिलता है। उनके इस बयान पर कांग्रेस के कई नेताओं ने आपत्ति जताई और पार्टी में आंतरिक बहस छिड़ गई है।
रेवंत रेड्डी का पलटवार
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने दिग्विजय सिंह के बयान पर परोक्ष प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सही निर्णय लेकर पीवी नरसिम्हा राव और डॉ मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाया। रेवंत रेड्डी के इस बयान को दिग्विजय सिंह के पोस्ट का अप्रत्यक्ष जवाब माना जा रहा है।
रेवंत रेड्डी ने क्या कहा
रेवंत रेड्डी ने कहा,
"अगर हम सोनिया गांधी के नेतृत्व को देखें तो पता चलता है कि तेलंगाना के एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखने वाले पीवी नरसिम्हा राव को प्रधानमंत्री बनने का मौका मिला। इसके अलावा उन्होंने मशहूर अर्थशास्त्री डॉ मनमोहन सिंह को भी प्रधानमंत्री बनाया।"

उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने स्वतंत्रता संग्राम की अगुवाई से लेकर संविधान निर्माण और आधुनिक भारत के निर्माण तक हर महत्वपूर्ण मोड़ पर योगदान दिया है। उनके अनुसार, कांग्रेस ने लोकतांत्रिक संस्थाओं और विविधता से परिपूर्ण राष्ट्र के निर्माण में अहम भूमिका निभाई है।
दिग्विजय सिंह का विवादित बयान
शनिवार को दिग्विजय सिंह ने लाल कृष्ण आडवाणी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर साझा की थी। उन्होंने फोटो के साथ लिखा कि RSS और जनसंघ जैसे संगठन में जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को उच्च पदों तक पहुंचने का अवसर मिलता है। उन्होंने अपनी पोस्ट में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को भी टैग किया था।
इस बयान के बाद पार्टी में चर्चा तेज हो गई। कई वरिष्ठ नेताओं ने इसे पार्टी की आलोचना के रूप में देखा और इसे लेकर अंदरूनी कलह बढ़ गई।
कांग्रेस के संगठन और सुधार
दिग्विजय सिंह का बयान कांग्रेस में संगठन सुधार की आवश्यकता पर भी ध्यान केंद्रित करता है। उनका तर्क था कि संगठन में सुधार और कार्यकर्ताओं को अवसर देने से पार्टी को मजबूती मिल सकती है। RSS-BJP के उदाहरण को उन्होंने इसलिए दिया कि इन संगठनों में साधारण कार्यकर्ताओं को भी नेतृत्व के उच्च पदों तक पहुंचने का मौका मिलता है।
नेताओं के अलग-अलग दृष्टिकोण
रेवंत रेड्डी के बयान ने कांग्रेस के अंदरूनी सियासी बहस को और बढ़ा दिया है। जबकि दिग्विजय सिंह ने सुधार और अवसरों की आवश्यकता पर जोर दिया, रेवंत रेड्डी ने पार्टी के पुराने फैसलों और सोनिया गांधी के नेतृत्व की सराहना करते हुए यह साबित करने की कोशिश की कि कांग्रेस में भी नेतृत्व चयन में पारदर्शिता और योग्यता को महत्व दिया गया है।










