उत्तर प्रदेश में नए साल के पहले ही प्रमुख मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है और वे नए साल की शुरुआत ईश्वर के आशीर्वाद के साथ करना चाहते हैं।
लखनऊ: शीतलहर के बीच भी श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ ने धार्मिक उत्सव का माहौल बना दिया है। वर्ष के अंतिम दिनों में दर्शन के लिए लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं और नए साल की शुरुआत ईश्वर के आशीर्वाद के साथ करना चाहते हैं। इसी वजह से काशी विश्वनाथ मंदिर, राम जन्मभूमि और मथुरा-वृंदावन सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर भीड़ लगातार बढ़ रही है, जिसके मद्देनजर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
काशी विश्वनाथ मंदिर में स्पर्श दर्शन पर रोक
वाराणसी के काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं के भारी जनसैलाब को देखते हुए प्रशासन ने आगामी तीन जनवरी तक बाबा के स्पर्श दर्शन पर रोक लगा दी है। भक्तों को केवल झांकी दर्शन की अनुमति दी गई है। धाम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि तीन जनवरी के बाद भीड़ की समीक्षा कर स्पर्श दर्शन को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन के लिए महाकुंभ और सावन जैसे उपाय अपनाए गए हैं। उपजिलाधिकारी शंभूशरण ने श्रद्धालुओं से कहा कि ठंड और भारी भीड़ को देखते हुए वृद्धजन, बीमार एवं बच्चे दर्शन-यात्रा से परहेज करें।

वृंदावन में वाहनों के प्रवेश पर रोक
वृंदावन में भी नए साल से पहले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। रविवार को लगभग एक लाख श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन करने पहुंचे। सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए वृंदावन में बाहरी वाहनों का प्रवेश दो जनवरी तक प्रतिबंधित किया गया है। बरसाना में यह प्रतिबंध पांच जनवरी तक लागू रहेगा। प्रशासन ने लोगों से यह भी अपील की है कि दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु कीमती वस्त्र और सामान साथ न लाएं और दिव्यांग, बीमार, बच्चे या गर्भवती महिलाओं को दर्शन यात्रा पर न लाएं। इससे मंदिर परिसर में भीड़ का दबाव कम होगा और दर्शन सुरक्षित रूप से हो सकेगा।
अन्य मंदिरों और प्रमुख स्थलों में भीड़
उत्तर प्रदेश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों जैसे राम जन्मभूमि, मथुरा और आगरा में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। कड़ाके की ठंड के बावजूद आगरा-मथुरा में भक्तों और पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है। ताजमहल में रविवार को लगभग 46,748 पर्यटकों ने टिकट लेकर दर्शन किया। 15 वर्ष तक के बच्चों को शामिल किया जाए तो दिनभर में करीब 70 हजार पर्यटक ताजमहल घूमने आए।
भीड़ और ठंड को देखते हुए प्रशासन ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के माध्यम से एंबुलेंस और अन्य इमरजेंसी वाहनों की व्यवस्था की है। इसके अलावा, दोपहिया वाहनों को छोड़कर गैर जनपदों के चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगी है। मां विंध्यवासिनी के मंदिर में भी नए साल पर श्रद्धालुओं के चरण स्पर्श पर रोक रहेगी। ठंड से किसी प्रकार की समस्या होने पर वृद्धजनों के इलाज के लिए चिकित्सा टीम तैनात की गई है।










