कर्नाटक में UKP-3 भूमि अधिग्रहण तेज होगा, प्रभावित परिवारों को मुआवजा प्राथमिकता

कांग्रेस की कर्नाटक सरकार ने UKP-3 के लिए भूमि अधिग्रहण तेज करने और प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता से मुआवजा देने के निर्देश दिए। 184 गांवों पर असर पड़ेगा।

कर्नाटक सरकार ने अपर कृष्णा परियोजना के तीसरे चरण यानी UKP-3 के भूमि अधिग्रहण में तेजी लाने का फैसला किया है। जल संसाधन मंत्री एन. चेलुवरायस्वामी ने प्रभावित परिवारों को लंबित मुआवजा प्राथमिकता से देने और नियमों के तहत प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने अपर कृष्णा परियोजना (UKP) के तीसरे चरण के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज करने का फैसला किया है। जल संसाधन मंत्री एन. चेलुवरायस्वामी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि UKP के पहले और दूसरे चरण में लंबित भूमि अधिग्रहण से जुड़े लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर मुआवजा दिया जाए। साथ ही, UKP-3 के तहत नियमों के अनुसार अनुपातिक आधार पर भूमि अधिग्रहण शुरू किया जाए।

184 गांवों की जमीन पर असर

सोमवार को विधान सौधा में हुई उच्चस्तरीय बैठक में अलमट्टी जलाशय के बैकवाटर से प्रभावित होने वाले 184 गांवों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया की समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पूरी प्रक्रिया सरकार द्वारा तय नियमों और दिशानिर्देशों के अनुसार होनी चाहिए तथा किसी भी स्तर पर मनमाने निर्णय से बचना होगा।

परियोजना से प्रभावित क्षेत्र के मंत्री और विधायक भूमि अधिग्रहण के अलग-अलग चरणों से संबंधित अपने सुझाव लिखित रूप में सरकार को दे सकते हैं। सरकार ने कहा है कि प्रभावित परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए अधिग्रहण और मुआवजा प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

पहले और दूसरे चरण के लंबित मुआवजे पर जोर

मंत्री चेलुवरायस्वामी ने अधिकारियों को UKP के पहले और दूसरे चरण में अभी तक लंबित मुआवजे का भुगतान तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन लाभार्थियों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया लंबित है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर मुआवजा उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

सरकार ने पिछले वर्ष जारी आदेश के माध्यम से प्रति एकड़ मुआवजे की दर तय की थी। मंत्री ने कहा कि यदि अधिकारियों को भवन या अन्य संरचनाओं के मुआवजे की गणना को लेकर किसी तरह की दुविधा है तो वे विभाग से लिखित स्पष्टीकरण मांग सकते हैं। इस विषय को मुख्यमंत्री के सामने भी रखा जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जा सकें।

पुनर्वास के लिए जमीन चिन्हित करने की जिम्मेदारी पंचायतों को

UKP-3 से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए जमीन की पहचान करने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को दी गई है। सरकार पुनर्वास और पुनर्स्थापन से जुड़े मामलों को भी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के साथ आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है।

बैठक में पुनर्वास केंद्रों से संबंधित कथित जमीन बिक्री समझौतों को लेकर सामने आए आरोपों पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि यदि करोड़ों रुपये में ऐसे समझौते किए जाने की पुष्टि होती है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रभावित परिवारों के हित में आरसी शेल्टर से संबंधित मामलों पर अलग बैठक आयोजित करने की बात भी कही गई।

79 गांवों में अधिग्रहण प्रक्रिया पहले से जारी

सरकार ने 184 प्रभावित गांवों में से उन 79 गांवों को प्राथमिकता देने पर चर्चा की, जहां भूमि अधिग्रहण अलग-अलग चरणों में पहले से चल रहा है। इसके बाद ऐसे 87 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने की योजना है, जहां अभी अधिसूचनाएं जारी नहीं हुई हैं।

सरकार ने बाढ़ से प्रभावित स्थिति के आधार पर प्राथमिकता तय करने की बात कही है। वहीं, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के अंतिम चरण में पहुंच चुके कुछ गांवों को बाद के चरण में लिया जाएगा।

इस साल 15 हजार एकड़ के मुआवजे का लक्ष्य

कर्नाटक सरकार ने चालू वर्ष में कुल 75,563 एकड़ प्रभावित भूमि में से लगभग 15,000 एकड़ के लिए मुआवजा वितरित करने का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य UKP-3 के भूमि अधिग्रहण को आगे बढ़ाने की सरकार की योजना का हिस्सा है।

बैठक में बाबलेश्वर क्षेत्र की भूमि का मुद्दा भी उठा। मंत्री एम.बी. पाटिल ने कहा कि बाबलेश्वर में करीब 5,600 एकड़ भूमि प्रभावित है और कम से कम 1,000 एकड़ के लिए मुआवजा तुरंत उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी बताया कि 18 गांवों के लिए धनराशि जारी होने के बावजूद विजयपुर जिले के कुछ प्रभावित गांवों को इसमें शामिल नहीं किया गया था।

छह विधानसभा क्षेत्रों में ₹3,000 करोड़ बांटने का प्रस्ताव

मंत्री चेलुवरायस्वामी ने बैठक में आश्वासन दिया कि प्रस्तावित ₹3,000 करोड़ की राशि परियोजना के दायरे में आने वाले छह विधानसभा क्षेत्रों में समान रूप से वितरित की जाएगी। इसके तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए ₹500 करोड़ का प्रावधान किया जाएगा।

सरकार का कहना है कि इस राशि के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण और संबंधित आवश्यकताओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

UKP-3 में क्या है प्रस्तावित?

अपर कृष्णा परियोजना के तीसरे चरण में अलमट्टी बांध के गेट की ऊंचाई 519.60 मीटर से बढ़ाकर 524.256 मीटर करने की योजना है। इससे जलाशय की भंडारण क्षमता में लगभग 100 टीएमसी अतिरिक्त पानी शामिल हो सकेगा।

परियोजना के तीसरे चरण में नौ उप-परियोजनाएं भी शामिल हैं। इसके लिए कुल 1,33,867 एकड़ भूमि की आवश्यकता बताई गई है। कर्नाटक के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, इसमें अलमट्टी बैकवाटर से डूब क्षेत्र के लिए 75,563 एकड़, पुनर्वास केंद्रों के लिए 6,467 एकड़ और नौ परियोजना उप-घटकों के नहर नेटवर्क के लिए 51,837 एकड़ भूमि शामिल है।

मुआवजे की दर में बड़ा बदलाव

UKP-3 के तहत प्रभावित भूमि के लिए मुआवजे की दर पहले ₹2 लाख प्रति एकड़ निर्धारित थी। बाद में सरकार ने इसे बढ़ाकर सिंचित भूमि के लिए ₹40 लाख प्रति एकड़ और सूखी भूमि के लिए ₹30 लाख प्रति एकड़ कर दिया।

कर्नाटक सरकार के 2026-27 बजट से संबंधित रिपोर्ट में भी UKP-III के डूब क्षेत्र के लिए सिंचित भूमि पर ₹40 लाख और सूखी भूमि पर ₹30 लाख प्रति एकड़ मुआवजा तय किए जाने की जानकारी दी गई है।

आर्थिक सर्वेक्षण में भी अलमट्टी जलाशय के डूब क्षेत्र के लिए यही दरें दर्ज हैं। इसमें कहा गया है कि भूमि अधिग्रहण Right to Fair Compensation and Transparency in Land Acquisition, Rehabilitation and Resettlement Act, 2013 के तहत किया जाना है।

18 गांवों में भूमि अधिग्रहण पूरा

सरकार के अनुसार, UKP-3 के तहत 18 गांवों में भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है। वहीं, करीब 71,284 एकड़ भूमि का अधिग्रहण अभी लंबित है, जो 166 गांवों से संबंधित है।

भूमि अधिग्रहण से जुड़े कुछ विवाद अदालतों में लंबित हैं। सरकार ऐसे मामलों में लोक अदालतों के माध्यम से विवादों को सुलझाने का प्रयास कर रही है। भूमि अधिग्रहण से जुड़े कई मामले कर्नाटक की अदालतों में अभी भी विचाराधीन हैं।

प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर भी जोर

UKP-3 केवल भूमि अधिग्रहण तक सीमित परियोजना नहीं है। बड़े पैमाने पर भूमि और संरचनाओं के प्रभावित होने के कारण पुनर्वास और पुनर्स्थापन भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कर्नाटक के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, UKP-III के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में परियोजना प्रभावित परिवारों का पुनर्वास किया जाना है। सर्वेक्षण में ग्रामीण क्षेत्र के 1,17,669 और शहरी क्षेत्र के 3,584 परियोजना प्रभावित परिवारों का उल्लेख किया गया है।

रामदुर्ग टैंक से प्रभावित किसानों के लिए भी निर्देश

UKP-3 की बैठक के बाद मंत्री चेलुवरायस्वामी ने देवदुर्ग तालुक के गोविंदपल्ली और करडिगुड्डा गांवों में रामदुर्ग टैंक के बैकवाटर से प्रभावित भूमि अधिग्रहण को लेकर अलग बैठक की।

उन्होंने प्रभावित किसानों को मुआवजे के संबंध में आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। अधिकारियों को प्रभावित गांवों का विस्तृत अध्ययन करने और 243.43 एकड़ भूमि के लिए मुआवजा उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए।

आगे क्या होगा?

कर्नाटक सरकार अब UKP-3 के तहत भूमि अधिग्रहण को चरणबद्ध और अनुपातिक तरीके से आगे बढ़ाने की तैयारी में है। तत्काल प्राथमिकता उन क्षेत्रों को दी जा रही है जहां अधिग्रहण प्रक्रिया पहले से चल रही है और जिन परिवारों का मुआवजा लंबित है।

परियोजना के तहत अलमट्टी जलाशय की क्षमता बढ़ाने और अतिरिक्त जल भंडारण की योजना के कारण बड़ी मात्रा में भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास की आवश्यकता होगी। सरकार ने मुआवजा वितरण, भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास प्रक्रिया को नियमों के तहत आगे बढ़ाने पर जोर दिया है।

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