केरल में 4 जून को पहुंचेगा मानसून, 15 से अधिक राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट

मानसून 4 जून को केरल पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग ने 15 से अधिक राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। जानिए किन राज्यों

दक्षिण-पश्चिम मानसून के 4 जून को केरल पहुंचने की संभावना है, जिससे देश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो सकता है। मौसम वैज्ञानिक नीथा के. गोपाल के अनुसार, यदि वर्तमान मौसम परिस्थितियां बनी रहती हैं, तो मौसम विभाग 4 जून को मानसून के आधिकारिक आगमन की घोषणा कर सकता है।

नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम मानसून के भारत में प्रवेश का इंतजार अब समाप्त होने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून के 4 जून को केरल तट पर पहुंचने की संभावना है, जिसके साथ ही देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की प्रगति के साथ दक्षिण, पूर्वोत्तर और उत्तर भारत के कई राज्यों में भारी वर्षा, तेज हवाएं और गरज-चमक वाले तूफान देखने को मिल सकते हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों के लिए व्यापक मौसम चेतावनी जारी की है। कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, तेज हवाओं और कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

केरल में मानसून के आगमन की तैयारी

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि वर्तमान मौसमीय परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं, तो 4 जून को दक्षिण-पश्चिम मानसून के आधिकारिक आगमन की घोषणा की जा सकती है। सामान्यतः मानसून 1 जून के आसपास केरल पहुंच जाता है, लेकिन इस वर्ष इसमें कुछ दिनों की देरी हुई है। मानसून के आगमन को देखते हुए केरल के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश की संभावना के चलते स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ इलाकों में अल्प अवधि के भीतर 11 से 20 सेंटीमीटर तक वर्षा दर्ज की जा सकती है, जिससे जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।

दक्षिण भारत में भारी वर्षा की संभावना

केरल के अलावा तमिलनाडु, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी अगले कुछ दिनों के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में मानसूनी हवाओं के सक्रिय होने से वर्षा गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिणी प्रायद्वीप में बारिश का यह दौर कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक साबित हो सकता है, हालांकि कुछ इलाकों में अत्यधिक वर्षा से दैनिक जीवन प्रभावित होने की आशंका भी है।

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है।अरुणाचल प्रदेश सहित कई पूर्वोत्तर राज्यों में भारी वर्षा हो सकती है। पर्वतीय और भूस्खलन-प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

उत्तर और मध्य भारत में बदलेगा मौसम

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड सहित कई राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और धूल भरी आंधियां चल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, कई स्थानों पर हवाओं की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ क्षेत्रों में यह 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी जा सकती है।

यह बदलाव हाल के दिनों में जारी भीषण गर्मी और लू से राहत दिला सकता है, हालांकि अचानक मौसम परिवर्तन से जनजीवन प्रभावित होने की संभावना भी बनी हुई है। मौसम विभाग ने राजस्थान और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की चेतावनी भी जारी की है। 3 और 4 जून के दौरान इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ ओले गिरने की संभावना है।

विशेष रूप से पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधियों का खतरा अधिक बताया गया है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों और कृषि उपकरणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

Leave a comment