उत्तर कोरिया में सत्ता उत्तराधिकार को लेकर तनाव बढ़ रहा है। किम जोंग उन अपनी नाबालिग बेटी को अगला नेता बनाने की तैयारी में हैं, जिससे उनकी बहन किम यो जोंग के साथ सत्ता संघर्ष की आशंका जताई जा रही है।
World News: दुनिया में अपनी आक्रामक नीति और सैन्य ताकत के लिए पहचाने जाने वाला उत्तर कोरिया अब एक नए आंतरिक संकट की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। तानाशाह किम जोंग उन के परिवार में उत्तराधिकार को लेकर खींचतान की आशंका जताई जा रही है। दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी के अनुसार किम जोंग उन अपनी नाबालिग बेटी को अगला नेता बनाने की तैयारी में हैं। इस फैसले से उनकी बहन और ताकतवर नेता किम यो जोंग के साथ सत्ता संघर्ष शुरू हो सकता है।
उत्तर कोरिया का इतिहास गवाह है कि यहां सत्ता की लड़ाई बेहद क्रूर और खूनखराबे से भरी रही है। ऐसे में यह सवाल और भी गंभीर हो जाता है कि क्या आने वाले समय में किम परिवार के भीतर एक और खतरनाक टकराव देखने को मिलेगा।
बेटी किम जू ए को आगे बढ़ाने की तैयारी
दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस ने हाल ही में सांसदों को जानकारी दी कि किम जोंग उन की बेटी किम जू ए को औपचारिक रूप से उत्तराधिकारी बनाए जाने की प्रक्रिया चल रही है। जू ए की उम्र अभी लगभग 13 वर्ष बताई जा रही है। इसके बावजूद उन्हें सत्ता के केंद्र में लाने के संकेत लगातार सामने आ रहे हैं।

खुफिया एजेंसी का कहना है कि किम जोंग उन भविष्य की योजना काफी पहले से बना रहे हैं। बेटी को सार्वजनिक मंचों पर दिखाना और महत्वपूर्ण आयोजनों में साथ ले जाना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
अहम राजनीतिक सम्मेलन से जुड़ी टाइमिंग
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब उत्तर कोरिया इस महीने के अंत में अपनी सबसे बड़ी राजनीतिक कॉन्फ्रेंस आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। इस सम्मेलन में हजारों प्रतिनिधि हिस्सा लेते हैं और देश की दिशा तय करने वाले फैसले लिए जाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस सम्मेलन में किम जू ए अपने पिता के साथ मंच साझा करती हैं, तो यह संकेत होगा कि उन्हें आधिकारिक तौर पर भविष्य की नेता के रूप में पेश किया जा रहा है। इससे दुनिया को साफ संदेश जाएगा कि सत्ता की बागडोर अगली पीढ़ी को सौंपने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
पहली बार कब दिखीं किम जू ए
किम जू ए पहली बार नवंबर 2022 में दुनिया की नजरों में आई थीं। उस समय वह एक लंबी दूरी की मिसाइल टेस्टिंग के दौरान अपने पिता के साथ दिखाई दी थीं। इसके बाद से वह कई बार सार्वजनिक कार्यक्रमों में किम जोंग उन के साथ नजर आ चुकी हैं।
पिछले साल सितंबर में वह अपने पिता के साथ चीन की राजधानी बीजिंग भी गई थीं। इतने कम समय में लगातार सार्वजनिक उपस्थिति ने यह अटकलें और मजबूत कर दी हैं कि किम जोंग उन उन्हें उत्तराधिकार की राह पर आगे बढ़ा रहे हैं।
महिला उत्तराधिकारी की आशंका पहले से
दक्षिण कोरिया के अधिकारियों को पहले से शक था कि उत्तर कोरिया में अगला नेता कोई महिला हो सकती है। इसकी वजह यह है कि किम परिवार में सत्ता अक्सर खून के रिश्तों में ही सीमित रहती है।
जब किम जू ए बार बार अपने पिता के साथ दिखने लगीं, तो यह संदेह और गहरा हो गया। अब खुफिया एजेंसियां इसे केवल संयोग नहीं, बल्कि सोची समझी रणनीति मान रही हैं।
किम यो जोंग बन सकती हैं सबसे बड़ी चुनौती
हालांकि किम जू ए के रास्ते में सबसे बड़ी चुनौती उनकी आंटी किम यो जोंग मानी जा रही हैं। किम यो जोंग को उत्तर कोरिया का दूसरा सबसे ताकतवर चेहरा कहा जाता है। उन्हें पार्टी और सेना दोनों का मजबूत समर्थन हासिल है।

वह नॉर्थ कोरिया की वर्कर्स पार्टी की सेंट्रल कमेटी में एक सीनियर पद पर हैं और कई अहम फैसलों में उनकी भूमिका रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी छवि एक सख्त और आक्रामक नेता की रही है।
खतरनाक सत्ता संघर्ष की चेतावनी
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दक्षिण कोरिया के एक पूर्व वरिष्ठ खुफिया अधिकारी ने चेतावनी दी है कि उत्तर कोरिया में सत्ता की लड़ाई किसी भी वक्त सामने आ सकती है। उन्होंने कहा कि किम परिवार में सत्ता को लेकर कभी समझौता नहीं हुआ है।
उनके अनुसार अगर किम यो जोंग को लगेगा कि किम जू ए कमजोर हैं या हालात उनके पक्ष में हैं, तो वह शीर्ष नेता बनने के लिए पूरा जोर लगाएंगी।
किम यो जोंग ने उत्तर कोरिया के भीतर और बाहर अपनी एक डरावनी छवि बनाई है। वह अक्सर अपने नाम से तीखे बयान जारी करती हैं। दक्षिण कोरिया और अमेरिका के खिलाफ उनके बयान काफी चर्चा में रहते हैं।
उनकी राजनीतिक पकड़ और आक्रामक भाषा उन्हें सत्ता का मजबूत दावेदार बनाती है। यही वजह है कि विश्लेषक मानते हैं कि किम जू ए के लिए राह आसान नहीं होगी।
उत्तर कोरिया के शाही परिवार का क्रूर इतिहास
उत्तर कोरिया में पारिवारिक सत्ता संघर्ष का इतिहास बेहद हिंसक रहा है। जब किम जोंग उन ने 2011 में सत्ता संभाली, तो उन्होंने अपने ही चाचा और राजनीतिक गुरु जांग सोंग थाएक के खिलाफ कार्रवाई की।
2013 में उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों और गुटबाजी के आरोप लगाए गए और उन्हें मौत की सजा दे दी गई। यह घटना बताती है कि सत्ता के लिए परिवार के रिश्ते भी मायने नहीं रखते।
सौतेले भाई की रहस्यमयी हत्या
किम जोंग उन के सौतेले भाई किम जोंग नम को कभी उत्तर कोरिया का संभावित वारिस माना जाता था। लेकिन 2017 में मलेशिया के कुआलालंपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उनकी हत्या कर दी गई। दो महिलाओं ने उनके चेहरे पर रासायनिक हथियार वीएक्स से हमला किया था। इस घटना ने पूरी दुनिया को चौंका दिया और उत्तर कोरिया की आंतरिक राजनीति की क्रूर सच्चाई सामने ला दी।










