पीएम मोदी के इंटरव्यू पर कांग्रेस का हमला: कहा- 'बजट और किसानों के मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश'

Narendra Modi के हालिया इंटरव्यू पर Indian National Congress ने तीखा हमला बोला। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह बजट और किसानों के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है

भारत की राष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी तेज हो गई है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए एक इंटरव्यू को लेकर विपक्षी दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस ने इस इंटरव्यू को “सोच-समझकर तैयार की गई और हताशा में की गई पीआर एक्सरसाइज” बताया है।

नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने रविवार को मीडिया को दिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंटरव्यू पर तीखी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस ने इसे “बहुत सोच-समझकर लिखी गई और हताशा में की गई पीआर एक्सरसाइज” करार देते हुए आरोप लगाया कि इंटरव्यू का मकसद अहम मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाना था। पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि यह बातचीत आम बजट को लेकर हो रही आलोचना और संसद में सरकार पर विपक्ष के तीखे हमलों से ध्यान हटाने की कोशिश है। कांग्रेस ने दावा किया कि देश जिन ज्वलंत मुद्दों का सामना कर रहा है, उन पर जवाब देने के बजाय सरकार छवि प्रबंधन में लगी हुई है।

बजट पर घमासान

कांग्रेस का आरोप है कि हालिया केंद्रीय बजट को लेकर बाजार और निवेशकों की प्रतिक्रिया उत्साहजनक नहीं रही। जयराम रमेश ने दावा किया कि बजट में “नीतिगत थकान” के संकेत दिखाई देते हैं और संसद में विपक्ष द्वारा की गई आलोचना के बाद सरकार दबाव में है। उन्होंने कहा कि बजट पेश होने के दो सप्ताह बाद और संसद में बहस के कुछ दिनों बाद इंटरव्यू देना इस बात का संकेत है कि सरकार नैरेटिव बदलने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के इंटरव्यू में “वन-लाइनर” बयान तो हैं, लेकिन उनमें ठोस जवाबों की कमी है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ संभावित व्यापार समझौते और किसानों के मुद्दों पर सरकार दबाव में है। जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री मीडिया आउटरीच के जरिए आलोचनाओं से ध्यान भटकाना चाहते हैं। उनके अनुसार, लाखों किसानों से जुड़े मुद्दों और कथित “समर्पण” जैसे सवालों से बचने के लिए इंटरव्यू को एक रणनीतिक कदम के तौर पर इस्तेमाल किया गया। उन्होंने यहां तक कहा कि “प्रधानमंत्री झुके भी हैं और थके भी हैं,” जो कांग्रेस के हमले की तीव्रता को दर्शाता है।

पीएम मोदी का पक्ष

अपने इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की आर्थिक दिशा और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि भारत के आर्थिक परिवर्तन के अगले चरण में निजी क्षेत्र की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। उनके मुताबिक, सुधार (रिफॉर्म) उनकी सरकार की मूल प्रतिबद्धता रहे हैं और आगे भी रहेंगे।प्रधानमंत्री ने कहा कि “विकसित भारत” के लक्ष्य की ओर अगला कदम उद्योगों द्वारा नवाचार, दीर्घकालिक क्षमता निर्माण और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में निवेश पर निर्भर करेगा। उन्होंने हालिया केंद्रीय बजट को “हम तैयार हैं” की भावना से प्रेरित बताया, न कि किसी मजबूरी में लिया गया कदम।

पीएम मोदी के अनुसार, उनकी सरकार का कोई भी बजट केवल औपचारिक ‘बही-खाता’ दस्तावेज नहीं होता, बल्कि यह दीर्घकालिक दृष्टि और विकास की आकांक्षा को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसके लिए सरकार, उद्योग और नागरिकों के बीच सामंजस्य आवश्यक है।

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